रामदेव का कैबिनेट मंत्री का दर्जा लेने से इंकार
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योगगुरु बाबा रामदेव से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। बाबा रामदेव ने हरियाणा का कैबिनेट मंत्री का दर्जा लेने से इंकार कर दिया है। बाबा रामदेव का कहना है कि वे फकीर हैं, उन्हें फकीर ही रहने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आभारी हैं कि उन्होंने उन्हें यह सम्मान देना चाहा, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मैं सरकार का ब्रांड एंबेसेडर बना रहूंगा, लेकिन कैबिनेट मंत्री का दर्जा सरकार की झोली में ही डालता हूं।
बाबा रामदेव ने कहा कि देश का सबसे बड़ा आचार्यकुलम हरियाणा में खोला जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि वे उत्तराखंड को नहीं छोड़ेंगे, लेकिन हरियाणा में सबसे बड़ा हर्बल पार्क बनाएंगे। हर्बल पार्क कहां बनेगा, जगह फिलहाल तय नहीं है। इस योजना को लेकर सरकार से बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री का दर्ज देने में आ गई थी अड़चन
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने अपने ब्रांड एंबेसडर योग गुरु स्वामी रामदेव
को राज्य में कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की घोषणा की थी। आज उन्हें यह
पद दिया जाना था, लेकिन इस रास्ते में एक अड़चन आ गई थी। कैबिनेट मंत्री का
दर्जा देने के लिए सरकारी माथापच्ची अब पूरी नहीं हो पाई है।
रामदेव
को कैबिनेट रैंक की सुविधाएं किस तरह से दी जानी हैं इसका ड्रॉफ्ट अभी
तैयार नहीं हुआ था। इसलिए बाबा रामदेव को कैबिनेट दर्जे के लिए नोटिफिकेशन
सोमवार को जारी नहीं हो सका था।
बता दें कि बाबा रामदेव हरियाणा के ब्रांड एंबेसेडर हैं। केंद्र सरकार की तरफ से रामदेव को पहले से ही जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। लिहाजा सरकार के अधिकारी इस मामले में बीच का रास्ता निकाल रहे हैं। रामदेव को मिलने वाली सुविधाएं केवल हरियाणा में मान्य होंगी या बाहर भी जारी रहेंगी, इस पर अभी तक फैसला नहीं हो सका है।