{"_id":"5706b5184f1c1b5b18c81811","slug":"probe-orders-in-irregularities-in-chandigarh-club","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ क्लब में अनियमितताओं की जांच का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ क्लब में अनियमितताओं की जांच का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Apr 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ क्लब के एनआरआई सदस्य कमल चोपड़ा की क्लब में अनियमितताओं को लेकर दायर शिकायत पर पंजाब स्टेट कमीशन फॉर एनआरआईज ने चंडीगढ़, पंजाब के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। 7 अप्रैल को जारी निर्देश में कमीशन ने तीन माह में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
सुनील चोपड़ा ने 5 अप्रैल को कमीशन को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न हुए क्लब के जनरल बॉडी के चुनावों में बोगस वोटरों ने जमकर वोट डाले। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लब अन्य निजी क्लबों व बार की तरह केवल पैसा कमाने में व्यस्त है। क्लब धड़ल्ले से पैसा कमाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को सदस्यता बांट रहा है। समय खत्म होने के बाद भी क्लब में लोगों सदस्यता दी जा रही है। इस तरह क्लब में क्षमता से ज्यादा सदस्य हैं।
विज्ञापन
क्लब में मेंबर से ज्यादा नॉन मेंबरों की भीड़ रहती है। जिसकी वजह से सदस्य क्लब की सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। क्लब में बोगस बिल बनाए जा रहे हैं। क्लब की प्राइम लैंड कमांडो कैटरिंग को रेंट पर दिया हुआ है। क्लब से सैलरियां पा रहे ड्राइवरों, मालियों, कुक व नौकरों से प्राइवेट काम करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
शिकायत देखने के बाद कमीशन के चेयरमेन रिटायर्ड जस्टिस राकेश कुमार गर्ग ने 7 अप्रैल को आदेश जारी करते हुए चंडीगढ़, पंजाब के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को मामले में जांच कर अपनी स्टेटस रिपोर्ट 5 जुलाई 2016 तक कमीशन के सामने रखने को कहा है।
वहीं, इस मामले पर जब चंडीगढ़ क्लब के अध्यक्ष संदीप साहनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी उनके पास ऐसा कोई नोटिस नहीं आया है जब नोटिस मिलेगा तब उसका जवाब दिया जाएगा। चुनावों के समय ऐसे आरोप अक्सर लगते रहते है।