सिद्धू बोले- किसानों को लूट रहीं निजी बीमा कंपनियां, पत्नी ने कहा- कृषि कानूनों पर केंद्र को झुकना ही पड़ेगा
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच बुधवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया कि निजी फसल बीमा कंपनियों ने अब सरकारी बीमा कंपनियों की जगह ले ली है और किसानों को मोटे प्रीमियम से लूटा जा रहा है जबकि फसल खराब होने पर उन्हें बहुत कम भुगतान किया जाता है।
अपने ट्विटर हैंडल पर बुधवार को सिद्धू ने लिखा- किसान अच्छी तरह से जानते हैं कि भारतीय कृषि का केंद्र सरकार समर्थित कॉरपोरेट द्वारा टेकओवर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। फसल बीमा कंपनियों ने सरकारी बीमा की जगह ले ली है। उच्च प्रीमियम और मामूली भुगतान के साथ न सिर्फ किसानों को लूटा जा रहा है बल्कि सरकारी खजाने को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने अपने ट्वीट में एक वीडियो भी संलग्न किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को निजी फसल बीमा कंपनियों द्वारा धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने वीडियो में कहा- 'फसल बीमा योजना 31,000 करोड़ रुपये की थी लेकिन किसानों को केवल 15,000 करोड़ रुपये ही मिले और 16,000 करोड़ रुपये बिरला, टाटा और अंबानियों की जेब में चले गए। इससे पहले, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और अन्य कंपनियों के जरिए मामूली दरों पर फसल बीमा प्रदान करती थीं। बाद में निजी कंपनियों को इस क्षेत्र में लाया गया।'
आगे उन्होंने कहा कि 'प्रिमियम 350 गुना तक बढ़ गया। किसानों को केवल 0.42 फीसदी ही मिला। इसके बारे में सोचें। लगभग 2,80,000 किसान सोया की खेती से जुड़े हैं। अगर सारी फसल खराब हो जाए तो प्रीमियम 173 करोड़ रुपये लिया गया है जबकि किसानों को मिलेंगे केवल 30 करोड़ रुपये। निजी बीमा कंपनियों को सीधे तौर पर 143 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। किसान कड़ी मेहनत करता है। उनकी कड़ी मेहनत का फल कंपनियों को मिलता है।'
केंद्र अहंकार छोड़ कानून रद्द करे : नवजोत कौर
नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार अपना अहंकार त्यागकर कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। उन्होंने कहा देश कृषि क्षेत्र को कॉरपोरेट कंपनियों के पास गिरवी रखना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि किसानों की सफलता के संघर्ष का सेहरा सिर्फ इस बात पर जाता है कि उन्होंने सियासी लोगों को अपने मंच पर चढ़ने नहीं दिया।
किसान संगठन सियासी लोगों को धरने में शामिल ही न करें। सिद्धू ने कहा कि जब भी पंजाब पर संकट आया है पंजाबियों ने सबसे आगे रहकर संकट का निवारण किया है और हमेशा जीत हासिल की है। केंद्र सरकार अपनी गलत नीतियों से किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। देश-विदेश के लोग भी किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं और उनके संघर्ष में शामिल होकर किसानों को उनका हक दिलवाने की बात कर रहे हैं। लोगों के जोश के आगे केंद्र सरकार को झुकना पड़ेगा और कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ेगा।