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योग करने से पहले चंडीगढ़ में ये खरी-खरी बातें बोले मोदी

Wed, 22 Jun 2016 09:18 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 22 Jun 2016 09:18 AM IST
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prime minister narendra modi speech at capitol complex chandigarh, main points
चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्पलैक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में 30 हजार लोगों के साथ योगाभ्यास किया। इससे पहले उन्होंने अपने संबोधन में घोषणा की कि अगले साल से योग के लिए अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। दो अवार्ड होंगे, पहला होगा उत्तम कार्य के लिए इंटरनेशनल योग अवॉर्ड और दूसरा भारत में योग के लिए उत्तम काम के लिए इंडिया योग अवार्ड। 'योग आस्तिक के लिए भी है और नास्तिक के लिए भी। उन्होंने कहा कि ''योग आस्तिक के लिए भी है और नास्तिक के लिए भी।
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पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में कहीं पर भी जीरो बजट पर हेल्थ अश्योरेंस नहीं होता। योग जीरो बजट से हेल्थ की गारंटी देने वाला साइंस है।'' योग गरीब और अमीर सभी के लिए है। इस समय देश के हर कोने में योग के कार्यक्रम से लोग जुड़े हुए हैं। यही नहीं विश्व के सभी देश अपने-अपने समय की सुविधा के हिसाब से इस कार्यक्रम के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने यूएन का आभार जताते हुए कहा कि UN द्वारा पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत के अनुरोध पर गत वर्ष इसका प्रारंभ हुआ।
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21 जून इस लिए चुनाव गया क्योंकि यह दुनिया के बड़े हिस्से में सबसे लंबा दिवस होता है। पूरे विश्व ने योग दिवस का साथ दिया। विकसित से लेकर विकासशील देश इसके साथ जुड़े। यूएन द्वारा घोषित किए गए इतने दिवस में कोई दिवस जनांदोलन बन गया हो ऐसा योग दिवस के साथ ही हुआ है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बराबरी कोई और दिवस नहीं कर पा रहा है।
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मोबाइल की तरह योग को जीवन का हिस्सा बनाइए

prime minister narendra modi speech at capitol complex chandigarh, main points
चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्पलैक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंतजार मत कीजिए। योग को जीवन का हिस्सा बना दीजिए। जिस तरह मोबाइल फोन आपके जीवन का हिस्सा बन गया है। उसी तरह योग को जीवन का हिस्सा बनाएं। यह कठिन काम नहीं है।''अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए योग जरूरी है। आज योग प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। भारत सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर प्रयास किए हैं। योग की शुद्धता बरकरार रखने के लिए भी काम किया जा रहा है।

विश्व में योग बड़ा कारोबार भी बनता जा रहा है। दुनिया के हर देश में योग ट्रेनर की जरूरत है। योग के साथ अरबों-खरबों का काम हो गया है। कई टीवी चैनल योग को समर्पित हैं। ''कभी-कभी लोगों को लगता है कि योग से क्या मिलेगा। ये पूरा प्रोग्राम लेने-पाने के लिए नहीं है।

योग क्या मिलेगा, इसके लिए नहीं है। योग, मैं क्या छोड़ पाऊंगा, मैं किन-किन चीजों से मुक्त हो पाऊंगा, उसके लिए योग है।'' यह मुक्ति का मार्ग है, पाने का मार्ग नहीं है। सभी संप्रदाय इस बात पर बल देते हैं, कि मृत्यु के बाद आपको क्या प्राप्त होगा। परलोक में क्या मिलेगा। योग इहलोक के लिए है। यह समाज में एकसूत्रता की ताकत देता है। इसी जन्म में क्या मिलेगा उसी का विज्ञान है योग है। अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए योग जरूरी है।

योग सबसे सस्ता उपलब्ध रहने का रास्ता

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चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्पलैक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि योग सरल, सस्ता और सभी के लिए उपलब्ध स्वस्थ रहने का मार्ग है। योग को जीवन से जोड़ना जरूरी है। आज योग प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। भारत सरकार ने योग को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर प्रयास किए हैं। योग की शुद्धता बरकरार रखने के लिए भी काम किया जा रहा है।

योग हमारे लिए सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक चेतना का साधन बन गया है। जनसामान्य की भलाई के लिए योग जरूरी है। योग इहलोक में क्षमता बढ़ाने का काम करता है। पीएम मोदी ने योगाचार्यों से अपील की कि अगले एक वर्ष में क्या हम एक विषय पर केंद्रित रह सकते हैं।

डायबिटीज के लिए योगाचार्य एक हों। इस पर ध्यान दें। भारत में इसके रोगी बढ़ रहे हैं। इसके लिए यौगिक उपाय लोगों तक पहुंचाए जाएं। 'अगर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को हम योग के जरिए इस बीमारी से मुक्ति दिलाने की कोशिश करें तो बड़ा काम होगा। योग बीमारी से मुक्ति का ही मार्ग नहीं है।

योग फिटनेस की नहीं, वेलनेस की गारंटी है।'' 'प्रेग्नेंसी के दौरान योग की सलाह दी जाती है ताकि प्रसूति काल में मां को तकलीफ कम हो। योग बेहतर जीवन की ट्रेनिंग है। योग हमारे लिए शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का केंद्र बिंदू बन गया। योग गरीब और अमीर दोनों के लिए है। योग हर किसी के लिए उपलब्ध मार्ग है।''
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