बजट सत्र: 40 विधायकों के 400 सवाल पहुंचे, ड्रा तय करेगा, कितने-कौन से सवाल पूछे जाएंगे
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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। विधायकों में भी इसे लेकर खासा उत्साह है। नतीजतन अभी तक 90 में से 40 विधायकों ने विधानसभा स्पीकर के पास 400 सवालों की फेहरिस्त भेज दी है। जिसे वे विधानसभा के दौरान पूछना चाहते है। विधायकों की ओर से सवालों का आना अभी जारी है।
इसी को देखते हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने निर्णय लिया है कि 14 फरवरी तक जितने सवाल पहुंच जाएंगे, उनका ड्रा विधानसभा में निकाला जाएगा। ड्रा के दौरान तय संख्या मुताबिक जितने सवाल निकाले जाएंगे, वहीं सवाल विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान पूछे जाएंगे।
सदन में प्रश्नकाल के समय को देखते हुए ये तय किया जाएगा कि कितने सवालों का ड्रा निकाला जाना है। चूंकि इस बार विधानसभा स्पीकर ने हरियाणा के इतिहास का सबसे बड़ा बजट सत्र चलाने का दावा किया है। इसलिए विधायकों में भी प्रश्न पूछने को लेकर खासा उत्साह है। स्पीकर ने भी दावा किया है कि इस सत्र में सभी विधायकों को प्रश्न पूछने व अपनी बात रखने को पर्याप्त समय मिलेगा।
दादा गौतम की शिकायत पर जांच जारी
स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि विधायक रामकुमार गौतम के विधानसभा की विधायक गैलरी में बनाए गए वीडियो के वायरल संबंधी शिकायत पर जांच जारी है। स्पीकर ने कहा कि अभी तक विधायक की शिकायत पर कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। जैसे ही साक्ष्य सामने आएंगे, उन पर जांच करवाएंगे।
विधानसभा की वेबसाइट री-लांच, अक्षम स्क्रीन रीडर से सुनकर जान सकेंगे
स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने बुधवार को विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट को री-लांच किया है। इस वेबसाइट का आधुनिक फीचर्स के साथ लोकापर्ण किया गया है। जिसकी खास बात यह है कि विजुअली अक्षम लोग जो वेबसाइट को नहीं देख सकते। वे इसमें एक खास फीचर स्क्रीन रीडर के जरिए सुनकर इस वेबसाइट की विभिन्न जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
इसके अलावा ये वेबसाइट अब हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। साथ ही सीएम, राज्यपाल, हाईकोर्ट, केंद्रीय वित्त मंत्रालय, लोकसभा व राज्यसभा की वेबसाइट से भी इसे लिंक किया गया है। दूसरा, विधानसभा ने अपनी नई वेबसाइट तैयार करने के लिए अपने 16 लाख रुपये भी बचाए।
उनकी ये वेबसाइट केंद्रीय न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक नोडल एजेंसी ने आग्रह करने पर निशुल्क ही तैयार की है। जबकि इसे पहले एक प्राइवेट एजेंसी 16 लाख में तैयार कर रही थी और इस पर 2 साल का वक्त लगना था। इसके अलावा इस वेबसाइट पर वर्ष 1966 से लेकर वर्ष 2020 तक सारा रिकॉर्ड अपलोड किया जा रहा है। अभी वर्ष 1994 तक का रिकॉर्ड अपलोड हो चुका है।