फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Preparation for impose corona cess on liquor in Punjab

पंजाब में शराब पर कोरोना सेस लगाने की तैयारी, ठेकदारों को हुए घाटे का आकलन करेगी तीन सदस्यीय कमेटी

Wed, 13 May 2020 10:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 May 2020 10:04 PM IST
सार

  • मुख्यमंत्री ने विचार के लिए मंत्री समूह का किया गठन
  • लॉकडाउन में ठेकेदारों को हुए घाटे के लिए दी जाएगी राहत
  • 23 मार्च से 6 मई तक घाटे का आकलन करने को कमेटी गठित

विज्ञापन
Preparation for impose corona cess on liquor in Punjab
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

पंजाब सरकार शराब पर कोविड सेस लगाने पर विचार कर रही है। इस पर फैसला लेने के लिए मंत्री समूह का गठन भी कर दिया गया है। सरकार ने राज्य में लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान शराब की बिक्री बंद रहने के कारण ठेकेदारों को हुए नुकसान में राहत देने का भी फैसला किया है। 23 मार्च से 6 मई तक लॉकडाउन में हुए घाटे का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। 

विज्ञापन


इसके साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शराब के ठेकों की समय सीमा में 31 मार्च के बाद विस्तार किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया है। उन्होंने एलान किया कि वित्त विभाग की सिफारिशों के अनुरूप राज्य सरकार लॉकडाउन (23 मार्च से 6 मई) के दौरान हुए घाटे से उबारने को ठेके वालों को राहत दी जाएगी। 
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें- पंजाब: मंत्रियों से उलझना मुख्य सचिव करण अवतार को पड़ा भारी, वापस लिया गया टैक्सेशन विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने सीनियर अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो ठेके बंद रहने से हुए घाटे का आकलन करेगी। इस कमेटी में प्रमुख सचिव (वित्त) अनिरुद्ध तिवारी, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) ए. वेणु प्रसाद और आबकारी एवं कर कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह शामिल हैं। 

आबकारी विभाग की सिफारिशें मंजूर 

राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को कर्फ्यू व लॉकडाउन के कारण राज्य की आबकारी नीति में उचित बदलाव करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था। सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की सलाह के अनुसार आबकारी विभाग की सिफारिशों को मंजूर कर लिया है। कैप्टन ने मार्च में लॉकडाउन के दौरान 9 दिनों के दौरान हुए घाटे के लिए एमजीक्यू (मिनिमम गारंटेड क्वांटिटी) के अनुपात के अनुसार राहत देने की वित्त विभाग की सिफारिशों को भी मंजूरी दे दी है। 

फिर से तय हो सकती है लाइसेंस फीस 
वित्त विभाग की सिफारिशों के मुताबिक, एक अप्रैल से 6 मई तक घाटे की अवधि के लिए राजस्व, लाइसेंस फीस और एमजीआर, दोनों को आबकारी विभाग द्वारा फिर से निर्धारित किया जा सकता है। गौरतलब है कि साल 2019-20 के लाइसेंसधारी भी 31 मार्च, 2020 तक अपना साल मुकम्मल नहीं कर सके थे, क्योंकि 23 मार्च, 2020 को कर्फ्यू और लॉकडाउन लागू हो जाने के कारण 9 दिन ठेके बंद रहे थे। इस तरह साल 2020-21 के लिए शराब के ठेके, जोकि आबकारी नीति के मुताबिक एक अप्रैल, 2020 को खुलने थे, खोले नहीं जा सके। 

मंत्री समूह करेगा वित्त विभाग के प्रस्ताव पर विचार 
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए मंत्री समूह का गठन किया है, जो भविष्य में लॉकडाउन बढ़ने की सूरत में किसी किस्म की व्यवस्था करने या लाइसेंसधारकों को आने वाली समस्या पर विचार करेगा। मंत्री समूह में वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री और आवास एवं शहरी विकास मंत्री शामिल हैं।

होम डिलीवरी का फैसला ठेके वालों पर छोड़ा

शराब की घरों तक सप्लाई के मुद्दे पर कैप्टन ने फैसला किया है कि आबकारी नीति में पहले से मौजूद उपबंध लागू रहेंगे लेकिन इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की राय का हवाला देते हुए होम डिलीवरी के विकल्प को लाइसेंसधारकों पर छोड़ दिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शराब की होम डिलीवरी का सुझाव दिया था जिससे सामाजिक दूरी को बहाल रखा जा सके।

साल 2020-21 के लिए बाकी ठेकों की नीलामी का आदेश 
लॉकडाउन के कारण आबकारी विभाग द्वारा साल 2020-21 के लिए ठेके की मुकम्मल अलॉटमेंट नहीं की जा सकी, जिस पर मुख्यमंत्री ने विभाग को 2020-21 की आबकारी नीति के अनुसार बाकी बचे ठेकों की नीलामी करने के निर्देश दिए हैं। 

कुल 756 ग्रुपों में से 500 को 2019-20 की नीति के अनुसार नवीनीकृत किया गया था, जबकि बाकी बचते 256 ग्रुपों को पुनर्गठित कर दिया गया था। इनमें से 89 ग्रुपों की अलॉटमेंट 2020-21 की नीति के अनुसार कर दी गई थी। बाकी बचते 97 ग्रुपों की अलॉटमेंट की जानी अभी बाकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed