कांटे की जंग में दिग्गजों को नहीं मिला अपना कीमती वोट, ये रही वजह
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इस बार पंजाब विधानसभा चुनाव में कांटे की जंग है। आम आदमी पार्टी की मौजूदगी के बाद सभी पार्टियों के उम्मीदवारों के लिए एक-एक वोट कीमती हो गया है। लेकिन कई उम्मीदवार ऐसे थे, जो चुनावी जंग में खुद को ही वोट न दे सके।
पंजाब की हॉट सीटों में से एक जलालाबाद में तीनों ही उम्मीदवारों को अपना वोट नहीं मिला। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने गांव बादल और आप के भगवंत मान ने मोहाली में वोट डाला।
कांग्रेस के रवनीत बिट्टू भी जलालाबाद में अपना वोट नहीं डाल सके। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटियाला में वोट डाला, जबकि उन्हें उस कीमती वोट की लंबी हलके में ज्यादा जरूरत थी।
अकाली दल की प्रतिष्ठा का सवाल बनी मजीठा सीट पर आप के उम्मीदवार हिम्मत शेरगिल भी वोट नहीं डाल सके। आदमपुर से कांग्रेस उम्मीदवार मोहिंदर सिंह केपी का वोट जालंधर वेस्ट में है, तो नकोदर से कांग्रेस प्रत्याशी जगबीर सिंह बराड़ का वोट जालंधर कैंट में है।
कड़े मुकाबले में अपने वोट से रहे महरूम
बठिंडा में सबसे ज्यादा बाहरी उम्मीदवार थे, जो खुद को वोट नहीं डाल सके। बठिंडा शहरी से कांग्रेस उम्मीदवार मनप्रीत बादल का वोट गांव बादल में है। गिद्दड़बाहा से कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का वोट मुक्तसर में है।
भुच्चो मंडी से अकाली उम्मीदवार हरप्रीत सिंह कोटभाई और कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह कोटभाई भी गिद्दड़बाहा के गांव कोटभाई के रहने वाले हैं। कोटकपूरा से कांग्रेस उम्मीदवार हरनिरपाल सिंह कुक्कू का वोट मुक्तसर शहर में है। वहीं, गिद्दड़बाहा से आप के उम्मीदवार जगदीप संधू का वोट भी मुक्तसर जिले में है।
मलोट से अकाली उम्मीदवार दर्शन सिंह कोटफत्ता और यहीं से कांग्रेस प्रत्याशी अजायब सिंह भट्टी को भी अपना वोट नहीं मिल सका। भट्टी भुच्चो मंडी के वोटर हैं और कोटफत्ता की वोट बठिंडा देहाती हलके में है।
अकाली दिग्गज प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के बेटे हरिंदर पाल सिंह सन्नौर से लड़ रहे हैं, पर उनका वोट मोहाली में था। कांग्रेसी दिग्गज लाल सिंह के बेटे रजिंदर सिंह का वोट भी उनके हलके समाना में नहीं था।