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प्रताप बाजवा का पीएम को पत्र- अहमदिया मुस्लिमों का भारत से गहरा नाता, CAB में किया जाए शामिल
Fri, 13 Dec 2019 06:17 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 13 Dec 2019 06:17 PM IST
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राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा
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नागरिकता संशोधन कानून में विस्तार के लिए गुरदासपुर से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इस कानून में विस्तार कर अहमदिया संप्रदाय को शामिल किया जाए। बाजवा ने पत्र में लिखा कि अहमदिया संप्रदाय खुद को मुस्लिम मानते हैं, जबकि उन्हें पाकिस्तान में मुस्लिम का दर्जा नहीं दिया जाता।
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पत्र में बाजवा ने कहा कि राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान गृह मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल किया था। अब वह इसी संबंध में लिख रहे हैं। बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान में पाए जाने वाले अहमदिया समुदाय का हमारे देश के साथ बहुत गहरा संबंध है। कादियां पंजाब में है। जहां इस संप्रदाय के संस्थापक मिर्जा गुलाम अहमद का जन्म हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षाएं शुरू कीं।
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अहमदिया पाकिस्तान के सबसे सताए हुए संप्रदायों में से एक है। 1974 में जुल्फिकार अली भुट्टो के अधीन पाकिस्तान सरकार ने इन लोगों को गैर-मुस्लिम घोषित करते हुए एक संविधानिक संशोधन पारित किया। तब से उन्हें पाकिस्तान में हमलों का सामना करना पड़ा।
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बाजवा ने लिखा कि जैसे सिखों के लिए करतारपुर और श्री ननकाना साहिब वैसे ही अहमदिया समुदाय के लिए पंजाब में स्थित कादियां है। महात्मा गांधी जी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण था कि किसी भी व्यक्ति की सहायता करें जो उत्पीड़ित, मुस्लिम या गैर-मुस्लिम हो। उनके जन्म को 150 साल हो चुके हैं। उन मूल्यों का पालन करना महत्वपूर्ण है जो उन्होंने यह सुनिश्चित करने में लगाया कि भारत एक ऐसा घर है जो विविधता में एकता को बढ़ावा देता है