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प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट का रिव्यू करेगी सरकारी कमेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:59 AM IST
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पहली बार जसिया धरने में शामिल हुए कई गांवों के जाट
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दौरान अफसरों की भूमिका की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की जांच रिपोर्ट पर सरकार ने एक और कमेटी गठित कर दी है। प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट के बाद अब इस कमेटी की रिपोर्ट अहम होगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार अधिकारियों की यह कमेटी प्रकाश सिंह की सिफारिशों का रिव्यू करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि अफसरों की भूमिका सही थी या गलत। हालांकि सरकार अभी तक प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कई बड़े फैसले ले चुकी है, लेकिन अब जो कमेटी गठित हुई है उसकी सिफारिशें अहम होंगी।
मालूम हो कि हाल ही में हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दो डीएसपी पर गाज गिरी है। प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों डीएसपी को चार्जशीट करने की तैयारी की है। अब इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। सबसे अधिक तबाही उपद्रवियों ने रोहतक में मचाई थी।
बदल दिए गए थे डीजीपी
प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट में बेबाक टिप्पणियों के आधार पर सरकार ने अफसराें पर कार्रवाई की थी। इसके तहत तत्कालीन होम सेक्रेट्री को हटाया गया था और डीजीपी यशपाल सिंघल को सरकार ने बदल दिया था। इसके अलावा भी कई अधिकारियों को सस्पेंड किया था और कई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
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मालूम हो कि हाल ही में हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दो डीएसपी पर गाज गिरी है। प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों डीएसपी को चार्जशीट करने की तैयारी की है। अब इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। सबसे अधिक तबाही उपद्रवियों ने रोहतक में मचाई थी।
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बदल दिए गए थे डीजीपी
प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट में बेबाक टिप्पणियों के आधार पर सरकार ने अफसराें पर कार्रवाई की थी। इसके तहत तत्कालीन होम सेक्रेट्री को हटाया गया था और डीजीपी यशपाल सिंघल को सरकार ने बदल दिया था। इसके अलावा भी कई अधिकारियों को सस्पेंड किया था और कई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
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