पंजाबः दूसरे दिन भी बादल परिवार ने श्री हरमंदिर साहिब में की सेवा, साफ किए जूते मांजे बर्तन
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दस साल की सत्ता के दौरान पंथक व राजीनतिक गलतियों की माफी मांगने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबक्श सिंह में रखे श्री अखंड पाठ में हाजिरी लगाने के बाद बादल परिवार ने रविवार को दूसरे दिन भी गुरु घर में पंथक मर्यादाओं के साथ सेवा निभाई। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर व बिक्रम मजीठिया सहित अकाली लीडरशिप ने अरदास सुनी।
गुरबाणी श्रवण करने के बाद श्री हरमंदिर साहिब के जोड़ा घर में संगत के जूते साफ करने की सेवा निभाई। बादल परिवार ने सेवा के दौरान सत नाम वाहेगुरु का जाप किया। बादल परिवार जोड़ों की सेवा के दौरान फर्श के ऊपर बिछाये गए लाल रंग के टाट में बैठे थे। बादल परिवार ने श्री गुरु रामदास लंगर हाल में जूठे बर्तन मांजे। हरसिमरत कौर ने लंगर हाल में प्रसादा तैयार किया । बादल परिवार के साथ एसजीपीसी के प्रधान भाई गोविंद सिंह लोंगोवाल सहित पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणिके, डॉ दलजीत सिंह चीमा और एसजीपीसी सदस्य मौजूद थे ।
कैप्टन से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं: बादल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा की कैप्टन अमरिंदर सिंह अकाली दल की ओर से की जा रही सेवा पर क्या टिप्पणी करते हैं, उसकी कोई परवाह नहीं है। न ही कैप्टन से उन्हें किसी प्रमाणपत्र की जरूरत है, उनकी आत्मा जो कहती है, उसके आधार पर ही वह काम करते है। उन्होंने कहा की उनका किसी भी अकाली नेता के साथ कोई झगड़ा नहीं है। न ही कैप्टन अमरिंदर के साथ उनका विरोध है। एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा की रंजीत सिंह उनके साथी रहे हैं। बादल ने कहा कि वह 10 दिसंबर को इस बात का खुलासा कर देंगे कि किन मुद्दों को लेकर माफी मांगने के लिए सेवा की जा रही है।
गुलजार रणिके ने मेरा करियर बर्बाद किया
जब सुखबीर बादल के साथ पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणिके सेवा कर रहे थे, तब लोक भलाई विभाग अमृतसर के पूर्व अधिकारी निर्मल सिंह ने उनके पास आकर मंत्री की शिकायत की। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब वह भलाई आफिस के अधिकारी थे, तब रणिके उनके मंत्री थे। उन दिनों रणिके के एक पीए ने उनसे प्रति माह पचास हजार रुपये की मांग की थी।
जब उन्होंने इंकार कर दिया तो रणिके ने उनकी बदली मानसा कर दी। उस पर कई झूठे पर्चे करवा दिए। विजिलेंस जांच में बरी हो गए। फिर तरनतारन में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई। उस में भी वह बरी हो गए। रणिके ने उनके रिटायरमेंट के सभी बकाया रोक लिए, जो आज तक नहीं मिले है। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर से मिलने का प्रयास किया। सिक्योरिटी ने उन्हें मिलने नहीं दिया।
कड़ी सुरक्षा में रहा बादल परिवार
बादल परिवार ने कड़ी सुरक्षा के बीच सेवा निभाई। लंगर हाल में जब बादल परिवार सेवा में था, तब उनके आस-पास सादी वर्दी में ब्लैक कमांडो थे। सेवा के दौरान बादल परिवार के सदस्य अलग-अलग बैठे थे। शाम को बादल परिवार ने श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में बैठ कर कीर्तन श्रवण किया। सोमवार को श्री अखंड साहिब के पाठ के भोग डाले जाएंगे ।