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बिजली के कटों से लोग परेशान, आपूर्ति को लेकर लगाए आरोप
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Jul 2016 10:00 AM IST
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electricity crices
- फोटो : अमर उजाला फाइल
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बिजली के तार को ठीक करने में विभाग के कर्मचारी घंटों लगा देते हैं। जिस कारण रोजाना कई-कई घंटे बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है। इलाके में रहने वाले रामेश्वर का कहना कि इसका सबसे बड़ा कारण मनीमाजरा में डाले गए 20 साल पुराने तार हैं। ये अकसर जल जाते हैं, जिन्हें ठीक करने में विभाग के कर्मचारी दो से 5 घंटे लगा देते हैं।
मनीमाजरा में तंग गलियां और बाजार हैं। जिनमें ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जा सकते।
वहीं पिछले बीस साल में लोड भी बढ़कर चार गुना हो गया है। जबकि तार वही पुराने हैं।
रामेश्वर ने प्रशासन से मनीमाजरा के सभी तार बदलने और मनीमाजरा के बिजली विभाग में और बिजली कर्मचारी तैनात करने की मांग रखी है। उनका कहना कि इस समय में मनीमाजरा में 6 जेई और 13 लाइनमैन हैं। जो पुराने मनीमाजरा के साथ पिपली वाला टाउन, माड़ी वाला टाउन, इंदिरा कॉलोनी, किशनगढ़, मौली जागरां, विकास नगर और मौली गांव को देखते हैं। स्टाफ का कम होना भी बिजली व्यवस्था ठीक करने में देरी का बड़ा कारण है।
नया गांव में भी हालात खराब
चंडीगढ़। नया गांव में भी कुछ यही हाल है। इलाके में राजाना लगातार कट लग रहे हैं। बिजली के तारों में फॉल्ट आने के कारण यहां भी कर्मचारी कई बार पांच से छह घंटे मरम्मत में लगा देते हैं। कभी कभी पूरा दिन मरम्मत का काम चलता है फिर भी सुधार नहीं होता और कर्मचारी रात को भी लंबे कट लगाते रहते हैं। हर एक और दो घंटे बाद कट लगने से लोग काफी परेशान हैं। स्थिति और बिगड़ जाती है जब रात के समय भी आठ से नौ घंटे के अघोषित कट लगते हैं। इस दौरान उमस भरी गर्मी के कारण घरों में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कट के कारण असहनीय उमस भरी गर्मी में लोगों की तबीयत खराब हो रही है। उन्हें अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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मनीमाजरा में तंग गलियां और बाजार हैं। जिनमें ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जा सकते।
वहीं पिछले बीस साल में लोड भी बढ़कर चार गुना हो गया है। जबकि तार वही पुराने हैं।
रामेश्वर ने प्रशासन से मनीमाजरा के सभी तार बदलने और मनीमाजरा के बिजली विभाग में और बिजली कर्मचारी तैनात करने की मांग रखी है। उनका कहना कि इस समय में मनीमाजरा में 6 जेई और 13 लाइनमैन हैं। जो पुराने मनीमाजरा के साथ पिपली वाला टाउन, माड़ी वाला टाउन, इंदिरा कॉलोनी, किशनगढ़, मौली जागरां, विकास नगर और मौली गांव को देखते हैं। स्टाफ का कम होना भी बिजली व्यवस्था ठीक करने में देरी का बड़ा कारण है।
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नया गांव में भी हालात खराब
चंडीगढ़। नया गांव में भी कुछ यही हाल है। इलाके में राजाना लगातार कट लग रहे हैं। बिजली के तारों में फॉल्ट आने के कारण यहां भी कर्मचारी कई बार पांच से छह घंटे मरम्मत में लगा देते हैं। कभी कभी पूरा दिन मरम्मत का काम चलता है फिर भी सुधार नहीं होता और कर्मचारी रात को भी लंबे कट लगाते रहते हैं। हर एक और दो घंटे बाद कट लगने से लोग काफी परेशान हैं। स्थिति और बिगड़ जाती है जब रात के समय भी आठ से नौ घंटे के अघोषित कट लगते हैं। इस दौरान उमस भरी गर्मी के कारण घरों में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कट के कारण असहनीय उमस भरी गर्मी में लोगों की तबीयत खराब हो रही है। उन्हें अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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