चंडीगढ़ में बिजली संकट: खतरे में वैक्सीन का स्टॉक, टॉर्च की रोशनी में इलाज, एक दिन में उद्योगों को 60 करोड़ का नुकसान
स्वास्थ्य विभाग ने बिजली कटौती की स्थिति में वैक्सीन की सुरक्षा के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को दिशानिर्देश जारी किया है।
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बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य केंद्रों में रखे वैक्सीन के स्टॉक पर खतरा मंडराने लगा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन का तापमान नियंत्रित करने के लिए 24 घंटे के बैकअप की व्यवस्था है। ऐसे में तीन दिनों तक लगातार चलने वाली हड़ताल से वैक्सीन के स्टॉक को खराब होने से बचाना बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि वैक्सीन की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई। उधर, उद्योगों को 60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन को खतरा महसूस हो रहा है, वहां से उसे हटाकर जीएमएसएच-16 के मुख्य स्टोर में रखवाया जा रहा है। मंगलवार शाम को सेक्टर-19 स्थित रैबीज डिस्पेंसरी से एंटी रैबीज वैक्सीन को सेक्टर-16 पहुंचा दिया गया। उधर, कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में बुधवार को होने वाले टीकाकरण दिवस के दिन स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन का स्टॉक कैसे मेंटेन रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने बिजली कटौती की स्थिति में वैक्सीन की सुरक्षा के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को दिशानिर्देश जारी किया है।
टॉर्च की रोशनी में इलाज
उधर, बिजली कटौती के कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में आने वाले मरीजों के परीक्षण में डॉक्टरों और एएनएम को काफी परेशानी हुई। स्वास्थ्य केंद्रों पर मंगलवार को एंटीनेटल क्लीनिक में आई गर्भवती महिलाओं का चेकअप एएनएम व डॉक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में किया। उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा तो ओपीडी संचालन के दौरान चेकअप व वैक्सीन लगाने में परेशानी होगी।
पीजीआई प्रशासन का दावा- हमारे पास भरपूर बैकअप
वहीं, पीजीआई प्रशासन का दावा है कि उनके पास बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था है। पीजीआई के सुपरिंटेंडिंग हॉस्पिटल इंजीनियर पीएस सैनी ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वे लगातार यूटी प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं। महत्वपूर्ण क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे कहीं भी चिकित्सकीय सेवा प्रभावित न हो।
बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। 24 घंटे के पावर बैकअप के बाद अगर जरूरत पड़ी तो स्वास्थ्य केंद्रों से वैक्सीन के स्टॉक जीएमएसएच-16 के मुख्य स्टोर में शिफ्ट करा लिया जाएगा। जहां तक जीएमएसएच-16 समेत अन्य सिविल अस्पतालों की बात है तो वहां के लिए हमारे पास भरपूर बैकअप की व्यवस्था है। चिकित्सकीय व्यवस्था किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं होगी। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमएसएच-16
औद्योगिक क्षेत्र में मशीनें रहीं बंद, एक दिन में 60 करोड़ का नुकसान
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर के उद्योगों पर भी पड़ा है। मंगलवार सुबह ही इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में बिजली कट गई, जो पूरे दिन नहीं आई। सभी मशीनें ठप रहीं। कर्मचारी भी पूरे दिन खाली बैठे रहे। अनुमान के मुताबिक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से शहर को करीब 60 करोड़ का नुकसान हुआ है।
चेंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट नवीन मंगलानी ने कहा कि पूरे दिन बिजली नहीं रही। अधिकारी भी लाचार रहे। वैकल्पिक व्यवस्था करने में प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा है। बिजली नहीं होने की वजह से उद्योगपतियों को काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह से इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 60 करोड़ का प्रोडक्शन लॉस हुआ है। अगर ये हड़ताल जारी रहती है तो नुकसान काफी ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रशासन को एक महीने का बिजली का बिल माफ करना चाहिए।