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बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर नारेबाजी की
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 11 May 2016 09:30 PM IST
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चंडीगढ़ में बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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यूटी पावरमैन यूनियन के आहवान पर बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने सेक्टर-34 के बिजली कार्यालय के सामने रोष धरना तथा प्रदर्शन किया।
धरने का आहवान बिजली विभाग में खाली पड़ी 700 से अधिक पोस्टों को भराने, विभाग में फाल्ट लोकेटर बैन, बूम लैडर, ट्रांसफर्मर, के बल, ज्वाइंट, मीटर, फ्यूज वायर आदि जरूरी समान का इंतजाम करवाने, कर्मचारियों को औजार तथा सुरक्षा उपकरण दिलाने, कर्मचारियों की लंबे समय से पेंडिंग वेतन विसंगति दूर कराने, 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने, नियमों में समय के मुताबिक संशोधन करने, कर्मचारियों के लिए बनाये गये 650 से अधिक मकानों की मरम्मत का काम करवाने, दफ्तरों में बैठने व पीने का पानी का इंतजाम करवाने, निजीकरण का प्रस्ताव रद कराने आदि मांगों को लागू कराने और प्रशासन के नकारात्मक तथा अडि़यल रवैये के विरोध में किया गया।
उपस्थित कर्मचारियों को करते हुए यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने मांगों पर प्रशासन के अडि़यल रवैये की निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन के नकारात्मक रवैये के कारण विभाग की हालत खस्ता हो गई है। उन्होंने ने बताया कि सन् 1987 में विभाग में 1 लाख 12 हजार कनेक्शनों 1780 कर्मचारी काम कर रहे थे आज 2016 में कनेक्शनों की गिनती बढ़कर दो लाख 25 हजार से भी अधिक हो चुकी है। इसके अलावा 220 केवी का एक सब स्टेशन, 66 केवी के 13 सब स्टेशन, 33 केवी के 5 सब स्टेशन और 2500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मर है।
कैपेस्टर बैंको समेत कई प्रोजेक्ट चल रहे है लेकिन कर्मचारियों की गिनती घटकर एक हजार से भी कम रह गयी है। इससे काम का बोझ बढ़ गया है। इससे उपभोक्ताओं के शिकायतों का निवारण भी नहीं हो पा रहा है। साथ की करोड़ों की पेंडिंंग राशि भी वसूल नहीं हो पा रही है।
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धरने का आहवान बिजली विभाग में खाली पड़ी 700 से अधिक पोस्टों को भराने, विभाग में फाल्ट लोकेटर बैन, बूम लैडर, ट्रांसफर्मर, के बल, ज्वाइंट, मीटर, फ्यूज वायर आदि जरूरी समान का इंतजाम करवाने, कर्मचारियों को औजार तथा सुरक्षा उपकरण दिलाने, कर्मचारियों की लंबे समय से पेंडिंग वेतन विसंगति दूर कराने, 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने, नियमों में समय के मुताबिक संशोधन करने, कर्मचारियों के लिए बनाये गये 650 से अधिक मकानों की मरम्मत का काम करवाने, दफ्तरों में बैठने व पीने का पानी का इंतजाम करवाने, निजीकरण का प्रस्ताव रद कराने आदि मांगों को लागू कराने और प्रशासन के नकारात्मक तथा अडि़यल रवैये के विरोध में किया गया।
उपस्थित कर्मचारियों को करते हुए यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने मांगों पर प्रशासन के अडि़यल रवैये की निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन के नकारात्मक रवैये के कारण विभाग की हालत खस्ता हो गई है। उन्होंने ने बताया कि सन् 1987 में विभाग में 1 लाख 12 हजार कनेक्शनों 1780 कर्मचारी काम कर रहे थे आज 2016 में कनेक्शनों की गिनती बढ़कर दो लाख 25 हजार से भी अधिक हो चुकी है। इसके अलावा 220 केवी का एक सब स्टेशन, 66 केवी के 13 सब स्टेशन, 33 केवी के 5 सब स्टेशन और 2500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफर्मर है।
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कैपेस्टर बैंको समेत कई प्रोजेक्ट चल रहे है लेकिन कर्मचारियों की गिनती घटकर एक हजार से भी कम रह गयी है। इससे काम का बोझ बढ़ गया है। इससे उपभोक्ताओं के शिकायतों का निवारण भी नहीं हो पा रहा है। साथ की करोड़ों की पेंडिंंग राशि भी वसूल नहीं हो पा रही है।
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