बिजली संकट पर आरोप-प्रत्यारोप: भगवंत मान ने कहा- 139 समझौते पंजाब विरोधी, सुखबीर व हरसिमरत ने कांग्रेस पर बोला हमला
हरसिमरत कौर बादल ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार को किसानों का दर्द होता तो सरकार का कोई न कोई मंत्री उनसे बात करने धरनास्थल पर पहुंच जाता। लेकिन केंद्र सरकार अपने अड़ियल रवैये के कारण किसानों की जान से खिलवाड़ कर रही है।
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अकाली-भाजपा सरकार में निजी बिजली खरीद के 139 समझौतों को आप सांसद भगवंत मान ने पंजाब विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यदि ये समझौते रद्द नहीं होते हैं तो आने वाले 25 वर्षों में पंजाब को 2.25 लाख करोड़ रुपये देने होंगे। उन्होंने दावा किया कि अगर 2022 में पंजाब में आप की सरकार बनती है तो ये समझौते रद्द कर दिए जाएंगे।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी पंजाब के लोगों के लिए एक कारगर रोड मैप लेकर आएगी, जिससे पंजाब के लोग आर्थिक तौर पर खुशहाल और सांस्कृतिक पक्ष से अमीर हों।
भगवंत मान ने कहा कि अकाली दल और भाजपा की संयुक्त सरकार ने निजी बिजली कंपनियों के साथ पंजाब विरोधी समझौते किये थे और अब कांग्रेसियों की सरकार ने यह घातक समझौते लागू किए हैं। जिस कारण बिना बिजली खरीद पंजाब के खजाने में से 20000 करोड़ निजी बिजली कंपनियों को दिए जा चुके हैं और पंजाब के लोगों को देश में सबसे महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।
मान ने कहा आप हमेशा इन बिजली समझौतों का विरोध करती रही है और इसलिए पार्टी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां फार्म हाउस का घेराव किया था। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कह रहे हैं कि इन बिजली समझौतों की समीक्षा की जा रही है, क्योंकि 147 बिजली समझौतों में से 122 समझौते गलत साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा निजी बिजली कंपनी ने एक पावर थर्मल प्लांट लगाने के लिए 25000 करोड़ के करीब पैसे खर्च किये थे, जब कि इस लागत से दुगने पैसे कंपनी ने पंजाब के खजाने से वसूल किये हैं। मान ने कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में आप की सरकार बनने पर 24 घंटे बिजली सप्लाई और 300 यूनिट बिजली प्रति महीना मुफ्त देने का एलान किया है।
बिजली पर शुल्क और सेस वापस ले सरकार: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस सरकार से कहा है कि वह पंजाबियों को सस्ती बिजली 24 घंटे के लिए उपलब्ध कराएं, जैसा कि पूर्ववर्ती शिरोमणि अकाली दल सरकार दिया करती थी। उन्होंने कहा कि बिजली खरीद समझौतों पर सरकार राजनीति करने के बजाय बिजली पर शुल्क और सेस वापस लेने का काम करे।
शिअद अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और आप के नेता फिक्स बिजली के चार्ज पर राजनीति कर रहे हैं, हालांकि उन्हें सच्चाई पता थी कि यह चार्ज निजी और सरकारी थर्मल प्लांट्स और जो बिजली राज्य के बाहर से खरीदी गई, उन पर लागू होती है। उन्होंने कहा कि निजी थर्मल प्लांटस के लिए फिक्सड चार्ज 1.50 रुपये प्रति यूनिट था, जबकि बंद होने पर सरकारी थर्मल प्लांट्स को 2.35 रुपये का भुगतान किया गया था।
पंजाब ने राज्य बिजली रेगुलेटरी कमीशन के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी थर्मल प्लांटों को 7000 करोड़ रुपये का फिक्सड चार्ज का भुगतान किया है। सुखबीर ने कहा कि पंजाबियों को सस्ती बिजली दी जानी चाहिए, अगर तीनों निजी थर्मल प्लांट की कंपनियों के साथ किए गए निजी खरीद समझौतों (पीपीए) को रद्द करके यह संभव हो तो इसे रद्द किया जाना चाहिए। कैप्टन को सस्ती दरों पर 4500 मेगावाट बिजली की कमी को कवर करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, ताकि इस कदम के कारण पंजाबियों को परेशानी न हो।
कांग्रेस ने सूबे को बिजली संकट में डाला: सांसद हरसिमरत कौर बादल
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जहाज एवं साइकिल बनाने की फैक्टरी लगाने का वादा कर चुनाव जीतने वाले वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने तो थर्मल ही बंद करवा दिया। सांसद ने दावा किया शिअद सरकार ने सूबे को बिजली संकट से निकालकर बिजली सरप्लस पर ला खड़ा किया था लेकिन कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में फिर से प्रदेश को बिजली संकट में धकेल दिया।
सांसद बादल ने कहा कि जब शिअद सरकार ने निजी कंपनियों के साथ बिजली समझौता किया था तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और केंद्र सरकार के आदेश अनुसार ही समझौता किया गया था। लेकिन आप एवं कांग्रेस के नेता शिअद को बदनाम कर राजनीति कर रहे हैं।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंदर केजरीवाल ने चुनाव जीतने के मकसद से पंजाब के लोगों से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया है। अगर केजरीवाल ऐसा कर सकते हैं तो वे पहले दिल्ली के लोगों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दें।