कांग्रेस का संकट: धुर विरोधी बाजवा से अमरिंदर सिंह ने की मुलाकात, पंजाब में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, नए समीकरण के संकेत
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने ट्वीट में कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक बार फिर अनदेखा कर दिया। सिद्धू ने ट्वीट में प्रताप बाजवा, शमशेर सिंह दूलो, लाल सिंह और सुनील जाखड़ के साथ अपना फोटो शेयर करते हुए इन नेताओं से सहयोग की अपील की लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कोई फोटो अपने ट्वीट में नहीं जोड़ा। सिद्धू के इस रुख से माना जा रहा है कि कैप्टन के प्रति उनके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। संभवत: वह कैप्टन द्वारा सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे जाने की शर्त को भी ठुकरा देंगे।
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हाईकमान की ओर से नवजोत सिद्धू को पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने की अभी विधिवत घोषणा नहीं हुई है लेकिन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से सहमति दिए जाने के बाद पूरा प्रकरण परत-दर-परत पेचीदा होता जा रहा है।
शनिवार को हाईकमान का संदेश लेकर आए हरीश रावत की कैप्टन से मुलाकात के बाद उनके दिल्ली रवाना होते ही सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा समेत प्रदेश कांग्रेस के कई नेता कैप्टन से मिलने सिसवां फार्म हाउस पहुंच गए और कैप्टन से इन नेताओं ने हाईकमान के फैसले पर हैरानी जताई।
हालांकि कैप्टन ने सिद्धू को लेकर हरीश रावत के सामने नई शर्त रख दी है कि सिद्धू सार्वजनिक तौर पर उनसे माफी मांगें लेकिन प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेताओं को भी हाईकमान का सिद्धू संबंधी फैसला हजम नहीं हो रहा है।
पता चला है कि प्रताप बाजवा और कैप्टन के बीच करीब डेढ़ घंटा बैठक चली। इस दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह, खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी भी मौजूद थे।
खास बात यह भी है कि प्रताप बाजवा से शनिवार को ही नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात करते हुए सहयोग मांगा था। सिद्धू ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह दूलो से भी मुलाकात की लेकिन पता चला है कि शमशेर सिंह दूलो ने नवजोत सिद्धू को बताया कि प्रधान पद के लिए उन्होंने खुद का दावा पेश किया है और वे हाईकमान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
दूलो ने हाईकमान को पत्र लिखकर पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान पद के लिए फिर से अपना दावा प्रस्तुत करते हुए कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री जाट सिख हैं, ऐसे में प्रदेश प्रधान पद के लिए दलित नेता को मौका दिया जाना चाहिए।
कैप्टन-बाजवा मुलाकात के नए मायने
प्रताप बाजवा और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मतभेद जगजाहिर हैं। बीते चार साल के दौरान बाजवा कैप्टन के कामकाज पर लगातार उंगली उठाते रहे हैं। लेकिन ताजा सिद्धू प्रकरण पर शनिवार को बाजवा का अचानक सिसवां फार्म हाउस पहुंचकर कैप्टन से मिलना नए समीकरणों की तरफ इशारा कर रहा है।
बाजवा बेअदबी के मामले को लेकर सिद्धू के बयानों का समर्थन करते रहे हैं लेकिन उन्हें बड़ा ओहदा दिए जाने को लेकर उन्होंने कभी अपने पत्ते नहीं खोले। कैप्टन और बाजवा, दोनों दिग्गज नेताओं की ताजा मुलाकात को लेकर माना जा रहा है कि दोनों नेता हाईकमान के एकतरफा फैसले से आहत हैं और सीनियर नेताओं को प्रदेश की सियासत से अलग-थलग करने की कोशिश मान रहे हैं। फिलहाल बाजवा ने ताजा घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।