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गैंगस्टरों पर कड़ी नज़र रखने के लिए पुलिस की हाइटेक तैयारी, जानिए क्या कर रहा जेल विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट (पंजाब)
Updated Tue, 04 Apr 2017 09:24 AM IST
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जेल में चल रही औद्योगिक इकाईयों का जायजा
- फोटो : अमर उजाला
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जेल विभाग ने जेलों में बंद कुख्यात गैंगस्टरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का तैयारी कर ली है। इसके लिए जेल विभाग हाइटेक हो गया है। मोबाइल फोन का उपयोग रोकने के लिए तमाम जेलों में आधुनिक तकनीक वाले 4 जी मोबाइल जैमर लगाने का फैसला किया है। यह जानकारी सोमवार को फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल का जायजा लेने पहुंचे एडीजीपी जेल रोहित चौधरी ने दी।
एडीजीपी चौधरी ने आईजी जेल रूप सिंह अरोड़ा, डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़, एआईजी जेल एसपी खन्ना, डीआईजी फिरोजपुर सुरिंदर सिंह सैनी के साथ जेल की सुरक्षा से जुड़े हर पहलू का निरीक्षण किया और जेल प्रशासन को कैदियों व हवालातियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए। चौधरी ने कहा कि राज्य की कुछेक जेलों से कुख्यात अपराधियों के फोन उपयोग करने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते जेल विभाग ने जेलों में बंद ऐसे अपराधियों पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। मोबाइल फोन का उपयोग रोकने के लिए जेलों में लगातार तलाशी अभियान चलाने की हिदायतें दी गई है और विभाग ने आधुनिक तकनीक वाले 4 जी मोबाइल जैमर लगाने की योजना भी तैयार कर ली है।
उन्होंने फरीदकोट जेल में चल रही औद्योगिक इकाईयों का भी जायजा लिया और जेल प्रशासन को कैदियों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें उनकी रुचि के मुताबिक काम मुहैया करवाने के निर्देश दिए। जेल व पुलिस अधिकारियों की टीम की तरफ से कैदियों व हवालातियों को मिलने वाले खाने की भी जांच की गई और कैदियों की मुश्किलों को भी सुना गया। इस मौके पर डिप्टी कमिशनर राजीव पराशर, एसएसपी डॉ. नानक सिंह, जेल अधीक्षक सुखविंदर सिंह सहोता, डिप्टी जेल अधिक्षक इकबाल सिंह बराड़, गुरप्रीत सिंह सोढ़ी,डीएसपी दर्शन सिंह गिल, सहायक अधिक्षक करनैल सिंह खोसा मौजूद थे।
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एडीजीपी चौधरी ने आईजी जेल रूप सिंह अरोड़ा, डीआईजी जेल लखमिंदर सिंह जाखड़, एआईजी जेल एसपी खन्ना, डीआईजी फिरोजपुर सुरिंदर सिंह सैनी के साथ जेल की सुरक्षा से जुड़े हर पहलू का निरीक्षण किया और जेल प्रशासन को कैदियों व हवालातियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए। चौधरी ने कहा कि राज्य की कुछेक जेलों से कुख्यात अपराधियों के फोन उपयोग करने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते जेल विभाग ने जेलों में बंद ऐसे अपराधियों पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। मोबाइल फोन का उपयोग रोकने के लिए जेलों में लगातार तलाशी अभियान चलाने की हिदायतें दी गई है और विभाग ने आधुनिक तकनीक वाले 4 जी मोबाइल जैमर लगाने की योजना भी तैयार कर ली है।
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उन्होंने फरीदकोट जेल में चल रही औद्योगिक इकाईयों का भी जायजा लिया और जेल प्रशासन को कैदियों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें उनकी रुचि के मुताबिक काम मुहैया करवाने के निर्देश दिए। जेल व पुलिस अधिकारियों की टीम की तरफ से कैदियों व हवालातियों को मिलने वाले खाने की भी जांच की गई और कैदियों की मुश्किलों को भी सुना गया। इस मौके पर डिप्टी कमिशनर राजीव पराशर, एसएसपी डॉ. नानक सिंह, जेल अधीक्षक सुखविंदर सिंह सहोता, डिप्टी जेल अधिक्षक इकबाल सिंह बराड़, गुरप्रीत सिंह सोढ़ी,डीएसपी दर्शन सिंह गिल, सहायक अधिक्षक करनैल सिंह खोसा मौजूद थे।
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मोबाइल से गैंग ऑपरेट करते रहे हैं अपराधी
जेल सुधार प्रक्रिया तेज़
फरीदकोट। स्थानीय केंद्रीय मार्डन जेल अपनी स्थापना के समय से कुख्यात गैंगस्टरों व अपराधियों की पसंदीदा जेल बनी हुई है और यहां पर अपराधियों के खुलेआम मोबाइल फोन के माध्यम से ही सोशल मीडिया में अपडेट रहने और फोन पर अपने गैंग ऑपरेट करने के मामले सामने आते रहते है।
कुछ दिन पहले ही फरीदकोट जेल में बंद पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लारेंस विश्नोई के राजस्थान के जोधपुर शहर से संबंधित एक डॉक्टर से वाट्सअप पर 50 लाख रूपये की चौथ मांगे जाने और वहां के ही एक व्यवसायी की हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी लेने के मामले सामने आए है और इन केसों में राजस्थान पुलिस ने लारेंस विश्नोई को रिमांड पर लिया है।
पिछले साल फरीदकोट जेल में बंद एक गैंगस्टर ने जेल में बैठकर अपने साथियों से अपने विरोधी गैंग के मुखी देवा की हत्या करवा दी थी। करीब ढाई साल पहले फरीदकोट जेल में ही मोबाइल फोन के माध्यम से ही ड्रग रैकेट चलाए जाने का भी खुलासा हुआ था जिसमें कुछ कैदी ,जेल कर्मियों की मदद से अपने बैंक खाते में पैसा जमा करवाने के बाद कैदियों को जेल में ही नशा उपलब्ध करवा देते थे।
कुछ दिन पहले ही फरीदकोट जेल में बंद पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लारेंस विश्नोई के राजस्थान के जोधपुर शहर से संबंधित एक डॉक्टर से वाट्सअप पर 50 लाख रूपये की चौथ मांगे जाने और वहां के ही एक व्यवसायी की हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी लेने के मामले सामने आए है और इन केसों में राजस्थान पुलिस ने लारेंस विश्नोई को रिमांड पर लिया है।
पिछले साल फरीदकोट जेल में बंद एक गैंगस्टर ने जेल में बैठकर अपने साथियों से अपने विरोधी गैंग के मुखी देवा की हत्या करवा दी थी। करीब ढाई साल पहले फरीदकोट जेल में ही मोबाइल फोन के माध्यम से ही ड्रग रैकेट चलाए जाने का भी खुलासा हुआ था जिसमें कुछ कैदी ,जेल कर्मियों की मदद से अपने बैंक खाते में पैसा जमा करवाने के बाद कैदियों को जेल में ही नशा उपलब्ध करवा देते थे।