दशहराः 10 'रावणों' का लोग नहीं कर पाए दहन, पुलिस आई और उठा ले गई, जानिए मामला
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दशहरा के दिन लोगों ने रावण दहन की तैयारी कर रखी थी। लेकिन इससे पहले ही पुलिस आई और 10 'रावणों' को उठा ले गई। ये वाकया पंजाब के लुधियाना में देखने को मिला। दरअसल, रेलवे लाइन के आसपास के इलाके में बिना सरकारी परमिशन के तैयार किए गए 10 रावण के पुतलों को जीआरपी ने जब्त किया है।
मंगलवार शाम जिस समय रेलवे पुलिस की तरफ से कार्रवाई को अंजाम दिया गया, उस समय किसी ने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि लोग पुलिस को देखते ही खिसक गए। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बीते साल दशहरा पर अमृतसर में हुए हादसे के बाद इस बार रेलवे लाइनों के आसपास रावण दहन पर पूरी तरह से पाबंदी थी। जिला प्रशासन की तरफ से रावण दहन के लिए रेलवे लाइन के आसपास कोई अनुमति नहीं दी गई।
ऐसे में धूरी रेलवे लाइन के आसपास छोटे मोहल्लों में लोगों ने अपने स्तर पर रावण के पुतले तैयार करवा लिए थे। मंगलवार को इन्हें दहन के लिए तैयार किया जा रहा था कि अचानक रेलवे पुलिस को इसकी भनक लग गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंच सभी पुतलों को अपने कब्जे में ले लिया। इसमें तीन पुतले पूरी तरह से तैयार हो चुके थे, जबकि 7 पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। सभी पुतलों की ऊंचाई सात से आठ फुट तक थी। बच्चों ने इन्हें पैसे एकत्र कर तैयार किया गया था। रेलवे की कार्रवाई की देखते किसी ने इसका विरोध नहीं किया, बल्कि लोग वहां से चुपचाप निकल गए।
थाना जीआरपी के एसएचओ बलबीर सिंह का कहना है कि अमृतसर हादसे के बाद इस साल रेलवे लाइन के आसपास दशहरा मनाने पर पूरी पाबंदी थी। मंगलवार को रेलवे पुलिस ने धूरी लाइन के आसपास एरिया में जांच की। विभिन्न जगह पर रावण के दस पुतले बरामद किए गए।
इसमें 3 पूरी तरह से तैयार थे, बाकी सात को तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने सभी पुतलों को अपने कब्जे में लेकर माल खाने में जमा कर लिया है। अज्ञात के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्योंकि मौके पर किसी ने भी पुतलों पर अपना अधिकार नहीं जताया था।