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खुलासा: ब्लू व्हेल की अलग-अलग स्टेज पर चंडीगढ़, पंचकूला के 11 छात्र
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Wed, 27 Sep 2017 09:17 AM IST
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The Blue Whale game
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चंडीगढ़ और पंचकूला के 11 बच्चे जानलेवा गेम ब्लू व्हेल के शिकंजे में हैं। ये छात्र इस गेम की अलग-अलग स्टेज पर है। इन बच्चों के मोबाइल फोन और टैब जब्त कर पुलिस इनकी जांच के लिए गुरुग्राम के साइबर एक्सपर्ट की मदद ले रही है। यह सनसनीखेज खुलासा किया है पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने।
पुलिस कमिश्नर चावला ने बताया कि इस जानलेवा गेम के शिकंजे में आए बच्चों के परिजनों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है। माना जा रहा है कि चूंकि ये छात्र अलग-अलग स्टेज पर हैं इसलिए फिलहाल सभी डाटा को डिलीट होने से बचाया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक अब तक छानबीन में यह बात सामने आई कि इस गेम को ऑपरेट करने वाला एडमिनिस्ट्रेटर इतना शातिर है कि वह मोबाइल या टैब में कोई सबूत नहीं छोड़ रहा। एक वायरस भी सामने आया है, जो टास्क के पूरा होते ही फोन से सभी डाटा डिलीट कर देता है। गौरतलब है कि शनिवार को पंचकूला के दसवीं के एक छात्र करण ठाकुर ने जान दे दी थी। उसके मोबाइल में सभी एप्लीकेशन और डाटा डीलीट था। उसके मोबाइल से डाटा रिकवरी के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि करण के पास गेम का लिंक कहां से आया।
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पुलिस कमिश्नर चावला ने बताया कि इस जानलेवा गेम के शिकंजे में आए बच्चों के परिजनों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है। माना जा रहा है कि चूंकि ये छात्र अलग-अलग स्टेज पर हैं इसलिए फिलहाल सभी डाटा को डिलीट होने से बचाया जा सकता है।
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जानकारी के मुताबिक अब तक छानबीन में यह बात सामने आई कि इस गेम को ऑपरेट करने वाला एडमिनिस्ट्रेटर इतना शातिर है कि वह मोबाइल या टैब में कोई सबूत नहीं छोड़ रहा। एक वायरस भी सामने आया है, जो टास्क के पूरा होते ही फोन से सभी डाटा डिलीट कर देता है। गौरतलब है कि शनिवार को पंचकूला के दसवीं के एक छात्र करण ठाकुर ने जान दे दी थी। उसके मोबाइल में सभी एप्लीकेशन और डाटा डीलीट था। उसके मोबाइल से डाटा रिकवरी के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि करण के पास गेम का लिंक कहां से आया।
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डीएवी से 50 छात्रों के फोन जब्त
Panchkula Suicide
करण के तीन दोस्त अभी भी शिकंजे में
करण ठाकुर के चचेरे भाई अभिषेक ने बताया कि करण के तीन दोस्त भी इस खेल से जुड़े हुए हैं। इनमें एक चंडीगढ़ निवासी है। वह उसी स्कूल का है, जिसमें करण पढ़ता था।
एडवाइजरी जारी की
पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों में मंगलवार को ब्लू व्हेल से बचने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। स्कूल प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है।
डीएवी से 50 छात्रों के फोन जब्त
ब्लू व्हेल के शिकंज में फंसे छात्रों का पता करने के लिए मंगलवार को सेक्टर-8 स्थित डीएवी स्कूल के 50 छात्रों के मोबाइल जब्त कर लिए। इनमें हॉस्टल के छात्र भी शामिल हैं। हालांकि टीचर्स की इस कार्रवाई का अभिभावकों ने विरोध किया। छुट्टी के बाद जब छात्रों ने मोबाइल वापस मांगे तो टीचर्स ने कहा कि पहले पैरेंट्स को बुलाएं तब मोबाइल मिलेगा। इसके बाद स्कूल पहुंचे पैरेंट्स ने टीचर्स से इसका विरोध जताते हुए कहा कि स्कूल में आने के बाद बच्चों के मोबाइल ले लिए जाएं और छुट्टी के बाद लौटा दिए जाएं।
इस पर डीएवी स्कूल सेक्टर-8 की प्रिंसिपल डा. विभा रे ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से सर्कुलर है कि स्कूल में कोई भी विद्यार्थी मोबाइल लेकर न आए। लेकिन लगातार छात्रों की ओर से नियमों का वॉयलेशन हो रहा है। स्टूडेट्स की सुरक्षा को लेकर फोन बैन किया गया है। वहीं हॉस्टल में रहने वाले सभी स्टूडेंट्स के फोन जमा कराए गए। उनके अभिभावकों को भी स्कूल प्रबंधन ने बुलाया है।
करण ठाकुर के चचेरे भाई अभिषेक ने बताया कि करण के तीन दोस्त भी इस खेल से जुड़े हुए हैं। इनमें एक चंडीगढ़ निवासी है। वह उसी स्कूल का है, जिसमें करण पढ़ता था।
एडवाइजरी जारी की
पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों में मंगलवार को ब्लू व्हेल से बचने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। स्कूल प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है।
डीएवी से 50 छात्रों के फोन जब्त
ब्लू व्हेल के शिकंज में फंसे छात्रों का पता करने के लिए मंगलवार को सेक्टर-8 स्थित डीएवी स्कूल के 50 छात्रों के मोबाइल जब्त कर लिए। इनमें हॉस्टल के छात्र भी शामिल हैं। हालांकि टीचर्स की इस कार्रवाई का अभिभावकों ने विरोध किया। छुट्टी के बाद जब छात्रों ने मोबाइल वापस मांगे तो टीचर्स ने कहा कि पहले पैरेंट्स को बुलाएं तब मोबाइल मिलेगा। इसके बाद स्कूल पहुंचे पैरेंट्स ने टीचर्स से इसका विरोध जताते हुए कहा कि स्कूल में आने के बाद बच्चों के मोबाइल ले लिए जाएं और छुट्टी के बाद लौटा दिए जाएं।
इस पर डीएवी स्कूल सेक्टर-8 की प्रिंसिपल डा. विभा रे ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से सर्कुलर है कि स्कूल में कोई भी विद्यार्थी मोबाइल लेकर न आए। लेकिन लगातार छात्रों की ओर से नियमों का वॉयलेशन हो रहा है। स्टूडेट्स की सुरक्षा को लेकर फोन बैन किया गया है। वहीं हॉस्टल में रहने वाले सभी स्टूडेंट्स के फोन जमा कराए गए। उनके अभिभावकों को भी स्कूल प्रबंधन ने बुलाया है।