रामपाल से 16 करोड़ वसूलेगा पुलिस विभाग
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पुलिस विभाग रामपाल से 16 करोड़ रुपये की वसूली करेगा। इसमें ऑपरेशन से लेकर रामपाल की गिरफ्तारी तक का खर्च शामिल किया गया है। इसके अलावा अन्य विभाग भी अपने-अपने खर्च का ब्यौरा तैयार कर रहें हैं।
रोडवेज ने लगभग 24 लाख रुपये का घाटा रामपाल से पूरा करने का ब्यौरा तैयार किया है। पुलिस की तरफ से तैयार की गई इस खर्च रिपोर्ट को शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन पर रामपाल की गिरफ्तारी न होने की स्थिति में फटकार लगाते हुए कहा था कि रामपाल को किसी भी हालत में गिरफ्तार किया जाए और उसका खर्च उसी से वसूला जाए।
इसके बाद पुलिस की करीब 30 हजार जवानों की फौज आश्रम के बाहर तैनात कर दी गई। इसमें पैरा मिलिट्री फोर्स, सीआरपीएफ व रैपिड एक्शन फोर्स शामिल थी।
ये 30 हजार जवान आश्रम में करीब दो सप्ताह तक तैनात रहे थे। इसके अलावा जिला प्रशासन का पूरा अमला, जिसमें रोडवेज, स्वास्थ्य विभाग, दमकल विभाग शामिल है, दिन-रात बरवाला आश्रम के पास तैनात रहा।
संपत्ति की जा सकती है कुर्क
रामपाल के अकाउंट में पुलिस जांच में अभी तक 30 लाख रुपये कैश होने की बात सामने आई है, जबकि पुलिस प्रशासन का खर्च करीब 16 करोड़ रुपये है।
इस हिसाब से रामपाल के खाते से इतने अधिक खर्च की भरपाई नहीं हो सकती। कयास लगाए जा रहे हैं कि कोर्ट रामपाल की संपत्ति कुर्क कर खर्च वसूलने के आदेश दे।
करीब 1.30 करोड़ रुपये आ रहा था हर रोज का खर्च
रामपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन ने 8 नवंबर को पैरा मिलिट्री फोर्स, सीआरपीएफ सहित दस कंपनियां तैनात कर दी थीं। इसके अलावा प्रदेश भर से विभिन्न जिलों से पुलिस जवान बुलाए गए थे। इनके खाने, पीने, रहने व यातायात का खर्च लगभग प्रतिदिन 1.30 करोड़ रुपये आ रहा था।
फायदा उठाकर रामपाल के दोनों बेटे फरार
पुलिस सूत्रों ने बताया कोर्ट से रामपाल की रिमांड इसी आधार पर बढ़वाई गई है कि उसके दोनों बेटे और दोनों दामाद की तलाश करनी है। इसी के चलते सिविल लाइन थाने में उससे पूछताछ की जा रही है।
रामपाल ने पूछताछ में बताया कि उसके बेटे मनोज और विरेंद्र भीड़ में मध्यप्रदेश के बैतूल आश्रम के लिए निकल गए थे। लेकिन अब वह कहां है इसकी उसे जानकारी नहीं है। पुलिस सूत्रों अनुसार जल्द ही एक टीम बैतूल आश्रम पहुंचेगी, जहां रामपाल से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जाएगी।
ऑपरेशन अरेस्ट के शुरूआती दो दिनों में आश्रम में मौजूद संत के अनुयायी बिना पुलिस चेकिंग के बाहर निकाले गए थे। बाद में जब पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया तो उन्होंने हमला करने वालों को अलग से निकालना शुरू कर दिया और साथ ही उन्हें गिरफ्तार करते रहे। इससे पहले ही मौके का फायदा उठाकर रामपाल के दोनों बेटे फरार हो गए।
रामपाल के भाई की भी तलाश
पुलिस को रामपाल के भाई की भी तलाश है। पुलिस ने बताया है कि रामपाल का भाई महेंद्र सिंह भी भूमिगत हो चुका है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
फौजी जमाई रामपाल के कारनामों के खिलाफ: पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि रामपाल के दो दामाद हैं। इनमें से एक दामाद रामपाल का कारोबार संभालता है तो दूसरा दामाद फौजी है।
पुलिस ने बताया है कि रामपाल का फौजी दामाद उसके कारनामों के खिलाफ है। उसका रामपाल के आश्रम में भी किसी प्रकार कोई आना जाना नहीं है।