पीएम मोदी करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, 5 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ
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गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्थापित होने वाला पंडित दीनदयाल उपाध्याय इनक्यूबेशन सेंटर हरियाणा राज्य में अभिनव और स्टार्ट-अप गतिविधियों का एक केंद्र बनेगा। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया नारे को साकार करना है। केंद्र का उद्घाटन शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर श्रीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम मोदी तीन फरवरी 2019 को करेंगे। डिजिटल लांच के अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान से प्राप्त हुए 15 करोड़ रुपये के अनुदान से की जाएगी। विश्वविद्यालय के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत कुल 50 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है।
यह केंद्र न केवल इस विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि हरियाणा व अन्य प्रदेशों से भी यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक होगा और शोध व आविष्कार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
हरियाणा सरकार पूरे प्रदेश में इनक्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर रही है। इसके तहत हब एंड स्पोक मॉडल की तर्ज पर हरियाणा में इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। वैश्विक कंपनियों से टाईअप करके हरियाणा के युवाओं के कौशल को विकसित किया जाएगा। यह सेंटर विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाएगा।
रोजगार में सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर अंतर विभागीय, अंतर संस्थागत और औद्योगिक संपर्क, इनक्यूबेटर और अन्य पारिस्थितिकी प्रणालियों को मजबूत करेगा। अंतरराष्ट्रीय उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय का यह सेंटर हरियाणा में एक इनोवेशन हब बनकर उभरेगा।
विशेषज्ञ करेंगे विद्यार्थियों को प्रेरित
प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि सेंटर में नए आइडिया को प्रमोट किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा। विद्यार्थियों को वित्तीय मदद भी दी जाएगी। विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान के निदेशक प्रो. नीरज दिलबागी ने बताया कि इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन उत्साहित हैं। इस केंद्र की स्थापना से विश्वविद्यालय के सभी लगभग 5000 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इससे विद्यार्थियों के कौशल को विकसित किया जाएगा। विद्यार्थी नौकरियां लेने वाले नहीं नौकरियां देने वाले उद्यमी के रूप में स्थापित होंगे।