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तारा को फोन सुविधा देने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा जेल प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 23 Feb 2016 09:00 PM IST
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बेअंत सिंह हत्याकांड के आरोपी जगतार सिंह तारा को अपने परिजनों से फोन पर बातचीत करने के लिए जिला अदालत की ओर से दी गई छूट के खिलाफ बुड़ैल जेल सुपरिंटेंडेंट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सुविधा के लिए जारी आदेश रद्द करने की मांग की है।
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हाईकोर्ट ने याचिका पर तारा को नोटिस जारी कर चार मार्च तक जवाब मांगा है। जेल सुपरिंटेंडेंट ने कहा है कि छह जनवरी को चंडीगढ़ के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने तारा की अर्जी मंजूर करते हुए उसे अपने परिजनों से फोन पर बातचीत करने, जगतार सिंह हवारा एवं परमजीत सिंह भ्योरा जैसे बेअंत हत्याकांड के दोषियों से मुलाकात करने और तारा को वकील से सलाह करने की अनुमति दी थी। अपील में कहा है कि जगतार तारा अति संवेदनशील विचाराधीन कैदी है, उसे ऐसी इजाजत देना गलत होगा।
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अपील में जेल सुपरिंटेंडेंट ने दलील दी है कि बेअंत हत्याकांड में विचाराधीन कैदी होने के दौरान पहले भी जिला अदालत ने फोन कालिंग व सह अभियुक्तों से मुलाकात की इजाजत दी गई थी। इसका दुरुपयोग हुआ और जनवरी 2004 में बेअंत हत्याकांड के अभियुक्त जेल से सुरंग बनाकर फरार होने में कामयाब हो गए थे।
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उल्लेखनीय है कि जगतार तारा को थाइलैंड से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। उसका अलग से ट्रायल चल रहा है और वकील नहीं करने का फैसला लेते हुए उसने जिला अदालत में अर्जी दाखिल कर कहा था कि वह इस केस में स्वयं अर्जियां देना चाहता है और केस के बारे में विचार विमर्श करने के लिए उसे घरवालों से फोन पर बातचीत करने की जरूरत है।
इसके साथ ही अपने सह अभियुक्तों से भी केस की जानकारी लेनी है, लिहाजा उनसे मुलाकात की इजाजत दी जाए। यह अर्जी मंजूर हो गई थी और अब जेल सुपरिंटेंडेंट ने अपील दाखिल कर यह सुविधा रद्द करने की मांग की है।