फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PHD

पीयू में शिक्षक बनने के लिए पीएचडी होना अनिवार्य

Tue, 16 Jul 2019 02:27 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
PHD
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षक बनने के लिए पीएचडी होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम इसी साल से लागू होगा। नई भर्तियों में भी यह प्रक्रिया लागू की गई है। माना जा रहा है कि रैंकिंग सुधारने के लिए पीयू ने यह कदम उठाया है। इसका असर अगले साल जारी होने वाली रैंकिंग में दिखेगा।
विज्ञापन

पिछले तीन वर्षों से पीयू की जो रैंकिंग जारी हुई हैं उसमें प्रदर्शन खास नहीं रहा है। उसका एक बड़ा कारण यह निकलकर आया है कि यहां की फैकल्टी शत प्रतिशत पीएचडी धारक नहीं है। इंजीनियरिंग व अन्य विभागों में यह दिक्कतें खड़ी हुई थीं। पीयू ने इसे गंभीरता से लिया। आईक्यूएसी विंग की ओर से इसके समाधान को तैयारी शुरू कर दी। पिछले साल वीसी को आईक्यूएसी निदेशक ने सुझाव दिया कि भविष्य में जो भी फैकल्टी भर्ती की जाए उसके लिए पीएचडी अनिवार्य की जाए। लगातार इस बिंदु में पीयू पिछड़ रहा है। यह भी सुझाया कि जो शिक्षक पीएचडी नहीं किए हैं उन्हें कहा जाए कि वह रिसर्च शुरू कर दें। इस सुझाव के बाद कई शिक्षकों ने रिसर्च शुरू कर दिया। दो दर्जन शिक्षकों के रिसर्च पूरे होने वाले हैं।
विज्ञापन

अब पीयू आगे की तैयारी में जुट गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पीयू ने शिक्षक बनने के लिए पीएचडी की अनिवार्यता कर दी है। यह नियम इसी शैक्षिक सत्र से लागू हो जाएंगे। बताया जाता है कि नई भर्तियों के लिए भी पीएचडी धारक ही अभ्यर्थी बुलाए गए हैं। पीएचडी नहीं किए अभ्यर्थियों ने यदि आवेदन किए होंगे तो उन्हें झटका भी लग सकता है। हालांकि आवेदन किसी विभाग में कम आए तो उसके बाद कमेटी निर्णय लेगी, लेकिन फिलहाल पीएचडी धारक अभ्यर्थियों की भर्तियों के लिए जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट--
स्टूडेंट्स से फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू
नैक की ओर से ऑब्जेक्शन लगाया गया था कि पीयू में विभाग छात्रों से फीडबैक नहीं ले रहे हैं। शिक्षण कार्य प्रभावी हो रहा है या नहीं, इसका पता नहीं लग पा रहा है। पीयू ने अब इस पर भी काम शुरू कर दिया है। विभागवार प्रोफार्मा प्रकाशित करवाया गया है जो हर क्लास के बाद शिक्षक छात्रों को देंगे और इस फार्म को विभाग अध्यक्ष के पास जमा करवाएंगे। यदि एक कक्षा के पांच विद्यार्थियों ने शिक्षण पर आपत्ति जताई तो उसके बाद विभाग अध्यक्ष इस पर निर्णय लेंगे। शिक्षण में सुधार करवाया जाएगा या फिर गेस्ट फैकल्टी होगी तो उसका बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अनुमति पीयू प्रशासन की लेनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed