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चंडीगढ़वासियों को नहीं मिलेगा अतिरिक्त पानी, फेज 5-6 की पाइप लाइन टूटी, 3 दिन में होगी ठीक
Fri, 06 Sep 2019 01:15 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 01:15 PM IST
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वाटर पाइपलाइन टूटी
- फोटो : अमर उजाला
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कजौली वाटर वर्क्स से आने वाली फेस 5 और 6 की पाइप लाइन वीरवार को खरड़ में सनी एनक्लेव केसामने टूट गई। इससे वहां खेत और सड़क पर काफी पानी भर गया। लोगों ने इसकी सूचना गमाडा और चंडीगढ़ नगर निगम को दी। गमाडा के अधिकारियों ने तत्काल पानी की सप्लाई बंद की। नगर निगम केअधिकारियों का मानना है कि पाइप लाइन को जोड़ने में दो से तीन दिन का समय लगेगा।
कई साल से शहर में अतिरिक्त पानी की उम्मीद लगाए बैठे लोगों का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। शहर से लगभग 23 किमी दूर कजौली वाटर वर्क्स के फेज पांच और छह के लिए पानी की लाइन बिछाई गई है। इससे चंडीगढ़, चंडीमंदिर आर्मी एरिया, पंचकूला और मोहाली को पानी मिलना है। चंडीगढ़ में यह पाइप लाइन सेक्टर 39 में आती है। यहां से 1319.5 लाख लीटर (29 एमजीडी) अतिरिक्त पानी आना था, लेकिन कई साल से इंतजार कर रहे लोगों को हर बार निराशा ही हाथ लगती है।
पाइप लाइन बिछाने के बाद जब भी ट्रायल हुआ कहीं न कहीं लीकेज आ जाती है, जिससे काम फिर से नए सिरे से शुरू करना पड़ता है। आलम यह है कि नगर निगम के मेयर राजेश कालिया से लेकर कमिश्नर केके यादव ने भी घोषणा कर दी थी कि 15 अगस्त से शहर को अतिरिक्त पानी मिल जाएगा, लेकिन अभी तक पानी की टेस्टिंग ही पूरी नहीं हो सकी है, जिससे लोगों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
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वीरवार को जैसे ही पाइप लाइन लीकेज की सूचना मिली अधिकारियों ने तत्काल पानी की सप्लाई बंद करा दी। फिलहाल, नगर निगम के अधिकारी दो से तीन दिन में लीकेज ठीक करने की बात कह रहे हैं, लेकिन पानी कब तक आएगा, यह किसी को नहीं पता।
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कई साल से शहर में अतिरिक्त पानी की उम्मीद लगाए बैठे लोगों का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। शहर से लगभग 23 किमी दूर कजौली वाटर वर्क्स के फेज पांच और छह के लिए पानी की लाइन बिछाई गई है। इससे चंडीगढ़, चंडीमंदिर आर्मी एरिया, पंचकूला और मोहाली को पानी मिलना है। चंडीगढ़ में यह पाइप लाइन सेक्टर 39 में आती है। यहां से 1319.5 लाख लीटर (29 एमजीडी) अतिरिक्त पानी आना था, लेकिन कई साल से इंतजार कर रहे लोगों को हर बार निराशा ही हाथ लगती है।
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पाइप लाइन बिछाने के बाद जब भी ट्रायल हुआ कहीं न कहीं लीकेज आ जाती है, जिससे काम फिर से नए सिरे से शुरू करना पड़ता है। आलम यह है कि नगर निगम के मेयर राजेश कालिया से लेकर कमिश्नर केके यादव ने भी घोषणा कर दी थी कि 15 अगस्त से शहर को अतिरिक्त पानी मिल जाएगा, लेकिन अभी तक पानी की टेस्टिंग ही पूरी नहीं हो सकी है, जिससे लोगों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
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वीरवार को जैसे ही पाइप लाइन लीकेज की सूचना मिली अधिकारियों ने तत्काल पानी की सप्लाई बंद करा दी। फिलहाल, नगर निगम के अधिकारी दो से तीन दिन में लीकेज ठीक करने की बात कह रहे हैं, लेकिन पानी कब तक आएगा, यह किसी को नहीं पता।
रेलवे-गमाडा के झगड़े में पहले ही हो चुकी है देर
शहर के लिए अतिरिक्त पानी की सप्लाई मई 2019 में ही आ जानी थी, लेकिन हाई प्रेशर पानी होने से मोरिंडा ओवरब्रिज के निकट रेलवे लाइन और गांव मंडौली में रेलवे लाइन के नीचे बिछी पाइप लाइन टूट गई। उसके बाद से गमाडा और रेलवे एक दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाते रहे। कई बार कहने के बावजूद रेलवे ने लाइन को ठीक नहीं किया। निगम ने दोनों की सहमति का इंतजार किया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। उसके बाद गवर्नर से अपील कर दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का निराकरण करने को कहा गया था, जिसके बाद गवर्नर केनिर्देश पर रेलवे ने काम कराया।
दो साल लेट किया काम, वह भी पुख्ता नहीं
सूत्रों की मानें तो कजौली वाटर वर्क्स से पानी 2017 में ही आना था। इस प्रोजेक्ट में रेलवे, गमाडा और नगर निगम को मिलकर काम करना था। नगर निगम ने समय रहते पूरा फंड गमाडा को उपलब्ध करा दिया। रेलवे को दो जगह पाइप लाइन डालनी थी। समय से पूरा काम करने के बावजूद नगर निगम को ही पानी केलिए बार-बार परेशान होना पड़ रहा है। गमाडा ने दो साल देरी से काम पूरा किया। जब टेस्टिंग की गई तो बार बार पाइप लाइन लीकेज हो गई। इसका सबसे ज्यादा नुकसान चंडीगढ़ को हो रहा है।
हर फेज में पानी की हिस्सेदारी
शहर एमजीडी
चंडीगढ़ 14.5
मोहाली 02.5
चंडीमंदिर 01.5
पंचकूला 01.5
दो साल लेट किया काम, वह भी पुख्ता नहीं
सूत्रों की मानें तो कजौली वाटर वर्क्स से पानी 2017 में ही आना था। इस प्रोजेक्ट में रेलवे, गमाडा और नगर निगम को मिलकर काम करना था। नगर निगम ने समय रहते पूरा फंड गमाडा को उपलब्ध करा दिया। रेलवे को दो जगह पाइप लाइन डालनी थी। समय से पूरा काम करने के बावजूद नगर निगम को ही पानी केलिए बार-बार परेशान होना पड़ रहा है। गमाडा ने दो साल देरी से काम पूरा किया। जब टेस्टिंग की गई तो बार बार पाइप लाइन लीकेज हो गई। इसका सबसे ज्यादा नुकसान चंडीगढ़ को हो रहा है।
हर फेज में पानी की हिस्सेदारी
शहर एमजीडी
चंडीगढ़ 14.5
मोहाली 02.5
चंडीमंदिर 01.5
पंचकूला 01.5
गर्मियों में हर साल बढ़ जाती है समस्या
सेक्टर-39 वाटर वर्क्स से शहर के सेक्टर-12, 26, 32, 37, 52 और मनीमाजरा के दो वाटर वर्क्स को पानी सप्लाई होता है। वहां से संबंधित वाटर वर्क्स से जुड़े एरिया के लगभग एक लाख 56 हजार लोगों तक पानी पहुंचता है। वर्तमान में नगर निगम शहर को 85 एमजीडी पानी सप्लाई कर रहा है, जबकि गर्मियों में इसकी डिमांड 115 एमजीडी तक पहुंच जाती है। कजौली वाटर वर्क्स से 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी आने की उम्मीद से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हालांकि, समस्या बढ़ने के बाद नेता और अधिकारी हर साल अतिरिक्त पानी लाने का लॉलीपॉप पकड़ा देते हैं।
पाइप लाइन बिछाने में खर्च हुए 200 करोड़
कजौली से चंडीगढ़ की दूरी 26 किलोमीटर है, जबकि जंडपुर से सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स की दूरी छह किलोमीटर है। कजौली से जंडपुर तक गमाडा ने पाइप लाइन बिछाई है, जबकि जंडपुर से लेकर सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स तक चंडीगढ़ नगर निगम ने पाइप लाइन डाली है। पंप हाउस, पाइप लाइन, जंडपुर में जमीन खरीदने और पाइपलाइन बिछाने पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जंडपुर में चार एमजीडी क्षमता का टैंक बनाया गया है। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में दो-दो एमजीडी क्षमता के दो अंडरग्राउंड टैंक बनाए गए हैं।
करोड़ों खर्च, फिर भी परेशानी बरकरार
नगर निगम कजौली वाटर वर्क्स पर मशीनों और पाइप लाइन के रखरखाव के लिए हर माह 1.6 करोड़ रुपये देता है। वहीं, पंप चलाने के लिए मासिक बिजली बिल के रूप में 2.5 करोड़ का भुगतान होता है। इतने खर्च होने के बावजूद अन्य फेज की लाइनों में लीकेज की समस्या बनी रहती है।
पानी स्टोरेज का विकल्प नहीं
कुछ दिन पूर्व जब चारों फेज से पानी सप्लाई ठप हो गई थी तो पूरे शहर में हाहाकार मच गया था। नगर निगम ने टैंकरों से पानी की समस्या को हल करने का प्रयास किया, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। उस दौरान पानी स्टोरेज का विकल्प न होना निगम को अखर गया। बड़ा सवाल यह है कि कभी भी कोई समस्या हो जाए तो शहर को आधे दिन भी पानी सप्लाई करने के लिए निगम के पास कोई विकल्प नहीं है।
पाइप लाइन लीकेज की जानकारी जैसे ही मिली गमाडा केअधिकारियों को तत्काल सूचना दे दी गई। लीकेज को जल्द ठीक कर टेस्टिंग का काम भी पूरा करने को कहा गया है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़
पाइप लाइन बिछाने में खर्च हुए 200 करोड़
कजौली से चंडीगढ़ की दूरी 26 किलोमीटर है, जबकि जंडपुर से सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स की दूरी छह किलोमीटर है। कजौली से जंडपुर तक गमाडा ने पाइप लाइन बिछाई है, जबकि जंडपुर से लेकर सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स तक चंडीगढ़ नगर निगम ने पाइप लाइन डाली है। पंप हाउस, पाइप लाइन, जंडपुर में जमीन खरीदने और पाइपलाइन बिछाने पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जंडपुर में चार एमजीडी क्षमता का टैंक बनाया गया है। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में दो-दो एमजीडी क्षमता के दो अंडरग्राउंड टैंक बनाए गए हैं।
करोड़ों खर्च, फिर भी परेशानी बरकरार
नगर निगम कजौली वाटर वर्क्स पर मशीनों और पाइप लाइन के रखरखाव के लिए हर माह 1.6 करोड़ रुपये देता है। वहीं, पंप चलाने के लिए मासिक बिजली बिल के रूप में 2.5 करोड़ का भुगतान होता है। इतने खर्च होने के बावजूद अन्य फेज की लाइनों में लीकेज की समस्या बनी रहती है।
पानी स्टोरेज का विकल्प नहीं
कुछ दिन पूर्व जब चारों फेज से पानी सप्लाई ठप हो गई थी तो पूरे शहर में हाहाकार मच गया था। नगर निगम ने टैंकरों से पानी की समस्या को हल करने का प्रयास किया, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। उस दौरान पानी स्टोरेज का विकल्प न होना निगम को अखर गया। बड़ा सवाल यह है कि कभी भी कोई समस्या हो जाए तो शहर को आधे दिन भी पानी सप्लाई करने के लिए निगम के पास कोई विकल्प नहीं है।
पाइप लाइन लीकेज की जानकारी जैसे ही मिली गमाडा केअधिकारियों को तत्काल सूचना दे दी गई। लीकेज को जल्द ठीक कर टेस्टिंग का काम भी पूरा करने को कहा गया है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़