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Chandigarh News: ट्राइसिटी के लिए फेस-1 के रूट तय, पहले चरण में 91 किलोमीटर तक चलेगी मेट्रो
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यूटी सचिवालय में यूएमटीए की बैठक को संबोधित करते प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित। स्रोत : डीपीआर
चंडीगढ़। ट्राइसिटी को मेट्रो रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इक्नॉमिक सर्विसेस) द्वारा प्रस्तुत की गई एएआर (अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट) यानी वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट को यूमटीए ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में मेट्रो के पहले चरण के लिए रूट तय कर दिए गए हैं। फेस एक में कुल 91 किलोमीटर तक का क्षेत्र कवर होगा। वहीं, दो चरणों में लगभग 154.5 किमी तक मास रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क बिछाया जाएगा। यूएमटीएम की बैठक में रेल डिपो के लिए जगह चयनित करने के भी दिए निर्देश दिए गए हैं।
शहर में यातायात गतिशीलता को आगे बढ़ाने की दिशा में यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की दूसरी बैठक यूटी सचिवालय में प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में हुई। प्रशासक ने बैठक में महत्वपूर्ण विकास कार्यों का खुलासा किया। उन्होंने राइट्स द्वारा तैयार एएआर को मंजूरी दी, जो एक व्यापक मास रैपिड ट्रांजिट (एमआरटी) नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राइट्स ने अपने कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) में चंडीगढ़ ट्राइ-सिटी के लिए दो चरणों में लगभग 154.5 किलोमीटर तक फैले मास रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क की सिफारिश की। बैठक के दौरान सीएमपी को मंजूरी मिल गई, जिसमें एमआरटी नेटवर्क के पहले चरण के लिए एएआर और डीपीआर तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। राइट्स ने पहले चरण में मेट्रो के लिए 91 किलोमीटर का एक मार्ग प्रस्तावित किया। वैकल्पिक रिपोर्ट में एमआरटी नेटवर्क में 79.50 किलोमीटर से 91.0 किलोमीटर तक विस्तार को यूएमटीए से मंजूरी प्रदान की गई।
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इनसेट
उपसमिति तलाशेगी डिपो के लिए जगह
बैठक में डिपो स्थानों को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई, जिसमें उपसमिति को प्रत्येक राज्य में व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने का काम सौंपा गया। यह सब कमेटी तीनों राज्यों में डिपो के लिए समुचित जगह की तलाश करेगी। इसके अलावा एमआरटी के एलिवेटिड और भूमिगत मार्ग पर भी चर्चा हुई। यूएमटीए ने संबंधित पेशेवरों और हितधारकों के प्रस्ताव को आगामी मंजूरी के लिए भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए।
पहले चरण में यह होगा रूट प्लान
- कॉरिडोर 1: सुल्तानपुर, न्यू चंडीगढ़ से सेक्टर 28, पंचकूला (34 किमी)
- कॉरिडोर 2: सुखना झील से आईएसबीटी जीरकपुर तक आईएसबीटी मोहाली और चंडीगढ़ हवाई अड्डे के माध्यम से (41.20 किमी)
- कॉरिडोर 3: ग्रेन मार्केट चौक (सेक्टर 39) से ट्रांसपोर्ट लाइट चौक (सेक्टर 26) (13.30 किमी)
- डिपो प्रवेश: 2.50 किमी
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शहर में यातायात गतिशीलता को आगे बढ़ाने की दिशा में यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की दूसरी बैठक यूटी सचिवालय में प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में हुई। प्रशासक ने बैठक में महत्वपूर्ण विकास कार्यों का खुलासा किया। उन्होंने राइट्स द्वारा तैयार एएआर को मंजूरी दी, जो एक व्यापक मास रैपिड ट्रांजिट (एमआरटी) नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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राइट्स ने अपने कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) में चंडीगढ़ ट्राइ-सिटी के लिए दो चरणों में लगभग 154.5 किलोमीटर तक फैले मास रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क की सिफारिश की। बैठक के दौरान सीएमपी को मंजूरी मिल गई, जिसमें एमआरटी नेटवर्क के पहले चरण के लिए एएआर और डीपीआर तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। राइट्स ने पहले चरण में मेट्रो के लिए 91 किलोमीटर का एक मार्ग प्रस्तावित किया। वैकल्पिक रिपोर्ट में एमआरटी नेटवर्क में 79.50 किलोमीटर से 91.0 किलोमीटर तक विस्तार को यूएमटीए से मंजूरी प्रदान की गई।
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इनसेट
उपसमिति तलाशेगी डिपो के लिए जगह
बैठक में डिपो स्थानों को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई, जिसमें उपसमिति को प्रत्येक राज्य में व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने का काम सौंपा गया। यह सब कमेटी तीनों राज्यों में डिपो के लिए समुचित जगह की तलाश करेगी। इसके अलावा एमआरटी के एलिवेटिड और भूमिगत मार्ग पर भी चर्चा हुई। यूएमटीए ने संबंधित पेशेवरों और हितधारकों के प्रस्ताव को आगामी मंजूरी के लिए भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए।
पहले चरण में यह होगा रूट प्लान
- कॉरिडोर 1: सुल्तानपुर, न्यू चंडीगढ़ से सेक्टर 28, पंचकूला (34 किमी)
- कॉरिडोर 2: सुखना झील से आईएसबीटी जीरकपुर तक आईएसबीटी मोहाली और चंडीगढ़ हवाई अड्डे के माध्यम से (41.20 किमी)
- कॉरिडोर 3: ग्रेन मार्केट चौक (सेक्टर 39) से ट्रांसपोर्ट लाइट चौक (सेक्टर 26) (13.30 किमी)
- डिपो प्रवेश: 2.50 किमी