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हरियाणा में अभी रिन्यू नहीं होंगे फार्मेसी लाइसेंस, नियम- सीपीई की दो बैठकों में हाजिरी जरूरी है
Thu, 23 Jul 2020 11:24 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 23 Jul 2020 11:24 AM IST
सार
- फार्मेसी का लाइसेंस हुआ एक्सपायर, रिन्यू करवाने को परेशान हो रहे फार्मासिस्ट
- हरियाणा फार्मेसी काउंसिल की सीपीई की बैठकें अगले आदेशों तक स्थगित रहेगी
- लॉकडाउन के बाद से नहीं हुई बैठक, जुटती है डेढ़ से दो हजार की भीड़
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विस्तार
हरियाणा में फार्मेसी लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए फार्मासिस्टों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल इसके लिए होने वाली कंटीन्यू फार्मेसी एजुकेशन (सीपीई) संबंधी बैठकें अभी स्थगित ही रहेंगी। चूंकि इन बैठकों में डेढ़ से दो हजार लोग जुटते हैं। इसलिए इन बैठकों का सिलसिला फिलहाल अनिश्चितकाल तक शुरू नहीं होगा।
हरियाणा में निजी और सरकारी सेवाओं में कार्यरत फार्मासिस्ट की संख्या 25 हजार से अधिक हैं। इन सभी फार्मासिस्ट को सरकार के अधीनस्थ हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। नियमानुसार सभी फार्मासिस्टों को हर 5 साल बाद काउंसिल से अपना लाइसेंस रिन्यू करवाना अनिवार्य होता है। इन्हीं फार्मासिस्टों में से बहुत से फार्मासिस्ट ऐसे हैं। जिनका लाइसेंस दिसंबर 2019 में खत्म हो चुका है।
ऐसे फार्मासिस्टों ने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए काउंसिल की वेबसाइट पर आवेदन भी किया हुआ है। इसके लिए काउंसिल की ओर से 22 मार्च को सीपीई की बैठक भी रखी गई थी। मगर जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन के बाद इस बैठक को टाल दिया गया। अब महामारी के वर्तमान हालातों को देखते हुए काउंसिल ने फिलहाल सीपीई बैठकों को अगले आदेशों तक स्थगित ही रखने का फैसला किया गया है।
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हरियाणा में निजी और सरकारी सेवाओं में कार्यरत फार्मासिस्ट की संख्या 25 हजार से अधिक हैं। इन सभी फार्मासिस्ट को सरकार के अधीनस्थ हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। नियमानुसार सभी फार्मासिस्टों को हर 5 साल बाद काउंसिल से अपना लाइसेंस रिन्यू करवाना अनिवार्य होता है। इन्हीं फार्मासिस्टों में से बहुत से फार्मासिस्ट ऐसे हैं। जिनका लाइसेंस दिसंबर 2019 में खत्म हो चुका है।
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ऐसे फार्मासिस्टों ने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए काउंसिल की वेबसाइट पर आवेदन भी किया हुआ है। इसके लिए काउंसिल की ओर से 22 मार्च को सीपीई की बैठक भी रखी गई थी। मगर जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन के बाद इस बैठक को टाल दिया गया। अब महामारी के वर्तमान हालातों को देखते हुए काउंसिल ने फिलहाल सीपीई बैठकों को अगले आदेशों तक स्थगित ही रखने का फैसला किया गया है।
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रिन्यू के लिए जरूरी है सीपीई की दो बैठकों में हाजिरी
हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट सोहनलाल कंसल ने बताया कि सभी फार्मेसिस्ट को अपना लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए पांच साल में कंटीन्यू फार्मेसी एजूकेशन की दो बैठकें अटेंड करना जरूरी होता है। ये बैठकें फार्मासिस्ट प्रोफेशन के लिए बहुत महत्वपूर्ण भी मानी जाती है। वाइस प्रेसिडेंट के अनुसार मगर हैरानी की बात यह है कि बहुत से फार्मासिस्ट 5 साल में भी इन बैठकों को समय रहते अटेंड नहीं करते।
काउंसिल हर जिले में पिछले 5 साल में करीब 40 सीपीई की बैठकें आयोजित कर चुका है। लेकिन फार्मासिस्ट लाइसेंस एक्सपायर होने से कुछ समय पहले ही इन बैठकों में भाग लेने की आतुरता दिखाते हैं। उनके अनुसार कोविड-19 की वजह से चूंकि अब ये बैठकें अगले आदेशों तक नहीं होंगी। इसलिए लाइसेंस रिन्यू का काम भी फिलहाल रुका हुआ है। मगर जिन फार्मासिस्टों ने अपनी सीपीई की दोनों बैठकें अटेंड करने के बाद लाइसेंस रिन्यू के लिए आवेदन किया था। उनके लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए हैं।
लाइसेंस एक साल के लिए एक्सटेंड करे काउंसिल
फेडरेशन ऑफ इंडियन फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बलबीर श्योराण ने सरकार से मांग की है कि यदि हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल सीपीई की बैठकें आयोजित नहीं कर सकता, तो सरकार को एक्सपायर होने वाले लाइसेंस एक साल के लिए एक्सटेंड कर देने चाहिए। या इन लाइसेंसों को बिना बैठकों के ही विशेष परिस्थितियों में रिन्यू कर देना चाहिए। कोषाध्यक्ष बलबीर श्योराण ने बताया कि इस समय प्रदेश में काफी संख्या में फार्मासिस्ट लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। लिहाजा सरकार को इस ओर संज्ञान लेना चाहिए।
काउंसिल हर जिले में पिछले 5 साल में करीब 40 सीपीई की बैठकें आयोजित कर चुका है। लेकिन फार्मासिस्ट लाइसेंस एक्सपायर होने से कुछ समय पहले ही इन बैठकों में भाग लेने की आतुरता दिखाते हैं। उनके अनुसार कोविड-19 की वजह से चूंकि अब ये बैठकें अगले आदेशों तक नहीं होंगी। इसलिए लाइसेंस रिन्यू का काम भी फिलहाल रुका हुआ है। मगर जिन फार्मासिस्टों ने अपनी सीपीई की दोनों बैठकें अटेंड करने के बाद लाइसेंस रिन्यू के लिए आवेदन किया था। उनके लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए हैं।
लाइसेंस एक साल के लिए एक्सटेंड करे काउंसिल
फेडरेशन ऑफ इंडियन फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बलबीर श्योराण ने सरकार से मांग की है कि यदि हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल सीपीई की बैठकें आयोजित नहीं कर सकता, तो सरकार को एक्सपायर होने वाले लाइसेंस एक साल के लिए एक्सटेंड कर देने चाहिए। या इन लाइसेंसों को बिना बैठकों के ही विशेष परिस्थितियों में रिन्यू कर देना चाहिए। कोषाध्यक्ष बलबीर श्योराण ने बताया कि इस समय प्रदेश में काफी संख्या में फार्मासिस्ट लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। लिहाजा सरकार को इस ओर संज्ञान लेना चाहिए।