पीजीआई को सातवें पेय कमीशन के लिए जुटानी होगी 30 फीसदी राशि
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वित्त मंत्रालय ने स्वायत्त निकायों (ऑटोनमस बॉडी) को पेय कमीशन लागू करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इससे पीजीआई में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
लेकिन इसमें एक अड़चन है। नोटिफिकेशन के मुताबिक स्वायत्त निकायों को मिलने वाली ग्रांट की 30 प्रतिशत राशि खुद जुटानी होगी। बाकी ग्रांट वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की जाएगी।
अभी पीजीआई सिर्फ दस प्रतिशत की राशि जनरेट करता है। यानी कि पीजीआई को 20 प्रतिशत आय और बढ़ानी होगी। आय का स्रोत पीजीआई में दुकानों का किराया और टेस्ट व मरीज के एडमिशन शुल्क हैं।
यदि राशि बढ़ानी होगी तो इसका सीधा असर दुकानों के किराए और टेस्ट व जांच पर पड़ सकता है। पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि नोटिफिकेशन में एक और भी अनुच्छेद रखा गया है, जिसमें बताया गया है कि कुछ निकायों को रियायत दी जा सकती है।
करीब आठ हजार को मिलेगा फायदा
पीजीआई मरीजों के लिए समर्पित है। संस्थान की कोशिश रहेगी कि पीजीआई को भी रियायत वाली श्रेणी में रखा जाए ताकि 30 प्रतिशत वाली कंडीशन पीजीआई पर न लागू हो।
24 जनवरी को आयोजित होने वाली स्टैडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की बैठक में वेतन आयोग के नोटिफिकेशन को रखा जाएगा और उसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा।
करीब आठ हजार को मिलेगा फायदा
पीजीआई में आठ हजार से ज्यादा रेगुलर कर्मचारी हैं। इसमें प्रशासन के अधिकारी, फैकल्टी, कर्मचारी, सीनियर व जूनियर डाक्टर, टेक्नीशियन व अन्य शामिल हैं।
पेय कमीशन लागू होने के बाद इन सभी की सैलरी में 20-25 प्रतिशत इजाफा हो जाएगा। यदि सब कुछ ठीक ढंग से निपट जाता है तो अप्रैल तक कर्मचारियों को पेय कमीशन का फायदा मिल सकता है।