फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI Rohtak Director Nityanand Sharma Suspends by Minister Anil Vij

रिटायरमेंट से 30 दिन पहले ही पीजीआई रोहतक के निदेशक कर दिए गए सस्पेंड, जानिए क्यों

Sat, 06 Oct 2018 09:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Sat, 06 Oct 2018 09:29 AM IST
विज्ञापन
PGI Rohtak Director Nityanand Sharma Suspends by Minister Anil Vij
सस्पेंड
रिटायरमेंट को 30 दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही रोहतक पीजीआई के निदेशक डॉ. नित्यानंद शर्मा को निलंबित कर दिया गया है और इससे हर कोई हैरान है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार देर शाम आदेश जारी करके डॉ. शर्मा को निलंबित कर दिया। शर्मा पर आरोप है कि वह एक दवा कंपनी से लाभ लेते हैं। मंत्री का कहना है कि उन्हें कुछ दस्तावेज मिले हैं। इसमें एक कंपनी की दवा लिखने के बदले शर्मा को विदेश यात्रा का हवाई जहाज का टिकट देने का साक्ष्य है। पीजीआईएमएस में निदेशक की सीट हॉट कहें या राजनीतिक। सत्य यही है कि इस पर पिछले तीन सालों में पीजीआईएमएस के आठ निदेशकों को बदला गया है।
विज्ञापन


कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. चांद सिंह ढुल ने सबसे लंबा छह साल का कार्यभार संभाला। इसके बाद रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रोहतास कंवर यादव को यह जिम्मेदारी मिली। फिर चेस्ट एंड टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. केबी गुप्ता और बाद में ऑर्थो विभाग के यूनिट हेड डॉ. राकेश गुप्ता को निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद फार्माकोलॉजी के डॉ. एमसी गुप्ता और फिर रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रोहतास कंवर यादव को यह जिम्मेदारी मिली। डॉ. यादव के बाद यह पद फिर डॉ. एमसी गुप्ता को दिया गया और तकरीबन सवा माह पहले यह जिम्मेदारी मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. नित्यानंद शर्मा को दी गई थी। डॉ. नित्यानंद की गैरहाजिरी में उनकी जिम्मेदारी डॉ. सरिता मग्गू और उनके बाद में इस पद की जिम्मेदारी डॉ. रोहतास कंवर यादव संभालते थे। फिलहाल संस्थान की ओर से अगले निदेशक की घोषणा नहीं की गई है।
विज्ञापन


इस माह होना है सेवानिवृत्त, एक्सटेंशन की थी चर्चा
डॉ. नित्यानंद शर्मा मेडिसन विभागाध्यक्ष के अलावा निदेशक के पद पर तैनात हैं। उन्हें इस माह सेवानिवृत्त होना था। चर्चा थी कि उन्हें उनके कार्यों को देखते हुए एक्सटेंशन मिल सकता है। हाल ही में निदेशक ने ऑर्थो व सर्जरी विभाग के कई मामलों में जांच शुरू कराकर हड़कंप मचा दिया था। बतौर निदेशक व चीफ विजिलेंस अधिकारी डॉ. नित्यानंद ने सालों से संस्थान में चले आ रहे निजी इम्प्लांट सप्लायरों व डॉक्टरों की मिलीभगत के करोड़ों के कारोबार को बंद करवा दिया। इसी वजह से लगभग आठ करोड़ का इम्प्लांट संस्थान में जब्त है। उन्होंने संस्थान में अमृत स्टोर की लड़ाई लड़ी और खुलवाया। इस सप्ताह संस्थान के लिए दो जेनेरिक दवाओं के औषधालय खुलवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें एक का लाइसेंस संस्थान को मिल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बोले निदेशक
जो आरोप लगाए गए हैं, वह बेबुनियाद हैं। ऐसी कोई टिकट बुक नहीं हुई है, न ही मैंने कोई यात्रा की है। जो दस्तावेज दिखाए जा रहे हैं उसमें एयर इंडिया का जिक्र है और टिकट अन्य एयरलाइन की है। साथ ही गुरुग्राम के पते पर किस नित्यानंद का जिक्र है, मुझे जानकारी नहीं है। मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। निलंबन के बारे में जानकारी नहीं है।
- डॉ. नित्यानंद शर्मा, वरिष्ठ डॉक्टर मेडिसन विभाग, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed