कैंसर दे सकता है हर्बल फ्लेवर हुक्का, चंडीगढ़ पीजीआई की रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा
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चंडीगढ़ पीजीआई में हाल ही में हुए एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि हर्बल फ्लेवर हुक्के के सेवन से युवाओं में तेजी से कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने युवाओं को हर्बल हुक्का और सिगरेट से दूर रहने की सलाह दी है।
पीजीआई के ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर के विशेषज्ञ द्वारा किए गए अध्ययन में हर्बल सिगरेट और बीड़ी की ऑनलाइन उपलब्धता पर विस्तृत ब्योरा पेश किया गया है, जिसे इंटरनेशनल रिव्यू जरनल टोबैको कंट्रोल में प्रकाशित किया गया है।
विभाग के प्रमुख प्रो. कृष्ण गाबा का कहना है कि इन उत्पादों को स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। अध्ययन में बताया गया है कि तेंदू के पत्तों में लपेटी हुई जड़ी-बूटियों के सस्ते हर्बल सिगरेट और बीड़ी ऑनलाइन साइट पर आसानी से उपलब्ध हैं। जिसका प्रयोग खासतौर पर युवा वर्ग पारंपरिक सिगरेट के विकल्प के तौर पर सुरक्षित समझकर रहा है। इसमें कई खतरनाक पदार्थ होते हैं। इसलिए इसके उत्पादन व बिक्री पर तत्काल रोक लगाना जरूरी हो गया है।
दस साल में बढ़ा हर्बल हुक्के का चलन
प्रो. कृष्ण गाबा ने बताया कि पीजीआई द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पिछले 10 वर्षों में युवाओं में हर्बल फ्लेवर हुक्के का प्रचलन काफी बढ़ गया है। ऑनलाइन हर्बल हुक्का आसानी से उपलब्ध है और विभिन्न वेबसाइट के जरिए बेचा भी जा रहा है, जिसका नशा युवाओं में कैंसर का प्रमुख कारण बन रहा है।
हर्बल सिगरेट का चलन भी तेजी से बढ़ा
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में हर्बल फ्लेवर हुक्के के साथ हर्बल सिगरेट का भी चलन तेजी से बढ़ा है। अध्ययन के अनुसार, पीजीआई ने ऑनलाइन बिक रहे हर्बल फ्लेवर हुक्का, बीड़ी और सिगरेट पर किए गए शोध में पाया है कि ऐसे 1,044 ब्रांड ऑनलाइन मौजूद हैं।
इन्हें 18 उत्पादक कंपनियां ऑनलाइन उपलब्ध करा रही हैं। इसमें भी 189 अलग-अलग फ्लेवर के हुक्का, बीड़ी और सिगरेट ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें से 62 प्रतिशत हर्बल सिगरेट, 12 प्रतिशत हर्बल बीड़ी और 26 प्रतिशत हर्बल फ्लेवर हुक्का की ऑनलाइन बिक्री हो रही है।