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पीजीआई-पीयू अंडरपास: एक साल बाद तैयार हुई ड्राइंग, अब काम होगा शुरू
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चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की सहमति मिलने के करीब एक साल बाद पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच पैदल यात्री अंडरपास के ड्राइंग का काम पूरा कर लिया गया है। आर्किटेक्ट विभाग ने ड्राइंग को बना लिया है। अब अंडरपास पर काम शुरू करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को सौंपा जाएगा।
4 नवंबर 2019 को प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासक को एक प्रजेंटेशन दी थी और बताया था कि पीजीआई और पीयू आने-जाने वाले हजारों लोगों को गाड़ियों की आवाजाही के बीच रोजाना सड़क पार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है। कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद बैठक के दौरान पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिस पर प्रशासक ने सहमति जता दी थी। प्रशासक की आधिकारिक तौर पर मंजूरी के बाद पहले इंजीनियरिंग विभाग ने ड्राइंग बनाई, जिसमें आर्किटेक्ट विभाग ने कई संशोधन किए हैं। जानकारी के अनुसार, यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास बनाने के लिए जगह को भी चिह्नित कर ली है। गौरतलब है कि ड्राइंग्स तय नहीं होने के चलते पिछले काफी समय से यह प्रोजेक्ट लटका हुआ था।
पीजीआई और प्रशासन के अधिकारियों के बीच 2018 में हुई थी बैठक
पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदारों का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इससे निपटने के लिए वर्ष 2018 में यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडरपास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क पार करने की जरूरत नहीं होगी। अंडरपास का निर्माण शुरू होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रूट का अध्ययन किया जा रहा है।
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4 नवंबर 2019 को प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासक को एक प्रजेंटेशन दी थी और बताया था कि पीजीआई और पीयू आने-जाने वाले हजारों लोगों को गाड़ियों की आवाजाही के बीच रोजाना सड़क पार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है। कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद बैठक के दौरान पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिस पर प्रशासक ने सहमति जता दी थी। प्रशासक की आधिकारिक तौर पर मंजूरी के बाद पहले इंजीनियरिंग विभाग ने ड्राइंग बनाई, जिसमें आर्किटेक्ट विभाग ने कई संशोधन किए हैं। जानकारी के अनुसार, यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास बनाने के लिए जगह को भी चिह्नित कर ली है। गौरतलब है कि ड्राइंग्स तय नहीं होने के चलते पिछले काफी समय से यह प्रोजेक्ट लटका हुआ था।
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पीजीआई और प्रशासन के अधिकारियों के बीच 2018 में हुई थी बैठक
पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदारों का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इससे निपटने के लिए वर्ष 2018 में यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडरपास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क पार करने की जरूरत नहीं होगी। अंडरपास का निर्माण शुरू होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रूट का अध्ययन किया जा रहा है।
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