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पीजीआई प्रोफेसर के पेपर में कॉपी का आरोप, लाइब्रेरी ने हटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:14 AM IST
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पीजीआई प्रोफेसर के पेपर में कॉपी का आरोप
- फोटो : Demo Pic
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पीजीआई पीडियॉट्रिक्स की प्रोफेसर मीनू सिंह के एक रिव्यू पेपर में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच के बाद कोक्रेन लाइब्रेरी ने प्रोफेसर का पेपर हटा लिया है। मीनू सिंह का कहना है कि कैलकुलेशन में कुछ खामियां थीं। उसे दूर करने को कहा गया है। इस पर काम किया जा रहा है। खमियों को दूर करने के बाद फिर से पेपर आ जाएगा। मीनू सिंह पीजीआई डायरेक्टर के लिए चुने तीन फाइनलिस्ट में एक हैं। वे डायरेक्टर की दौड़ में काफी मजबूत प्रतिभागी हैं।
जानकारी के मुताबिक मीनू सिंह व एम्स पीडियॉट्रिक्स की डॉक्टर डॉ. रश्मि आर दास का जिंक फार दी कॉमन कोल्ड के नाम से एक रिव्यू पेपर क्रोकेन लाइब्रेरी में वर्ष 2013 में पब्लिश हुआ था। उसके बाद फिनलैंड स्थित यूनिवर्सिटी आफ हेलसिंकी की पब्लिक हेल्थ रिसर्चर हारी हेमिला ने शिकायत दी कि उनके स्वीकृति के बिना इंडियन रिसर्चरों ने उनके आइडिया और डाटा का इस्तेमाल किया है। उनका पेपर साल 2011 में पब्लिश हुआ था।
शिकायत और जांच के बाद कोक्रेन लाइब्रेरी ने सितंबर 2016 में उसे हटा लिया है। कोक्रेन रिसर्चरों, प्रोफेशनल्स, मरीजों और हेल्थ में करिअर बनाने वालों का एक वैश्विक नेटवर्क है। यह नेटवर्क एक एविडेंस बेस्ड डाटा मुहैया करवाता है, जिसका उपयोग दुनिया भर में रिसर्चर, डॉक्टर व स्वास्थ्य क्षेत्र में खास रुचि रखने वाले लोग करते हैं। कोक्रेन लाइब्रेरी के एडिटर की ओर से बताया गया है कि लेखकों की ओर से जवाब आए थे, लेकिन उन जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हुए हैं। इसलिए पेपर को वहां से हटा लिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक मीनू सिंह व एम्स पीडियॉट्रिक्स की डॉक्टर डॉ. रश्मि आर दास का जिंक फार दी कॉमन कोल्ड के नाम से एक रिव्यू पेपर क्रोकेन लाइब्रेरी में वर्ष 2013 में पब्लिश हुआ था। उसके बाद फिनलैंड स्थित यूनिवर्सिटी आफ हेलसिंकी की पब्लिक हेल्थ रिसर्चर हारी हेमिला ने शिकायत दी कि उनके स्वीकृति के बिना इंडियन रिसर्चरों ने उनके आइडिया और डाटा का इस्तेमाल किया है। उनका पेपर साल 2011 में पब्लिश हुआ था।
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शिकायत और जांच के बाद कोक्रेन लाइब्रेरी ने सितंबर 2016 में उसे हटा लिया है। कोक्रेन रिसर्चरों, प्रोफेशनल्स, मरीजों और हेल्थ में करिअर बनाने वालों का एक वैश्विक नेटवर्क है। यह नेटवर्क एक एविडेंस बेस्ड डाटा मुहैया करवाता है, जिसका उपयोग दुनिया भर में रिसर्चर, डॉक्टर व स्वास्थ्य क्षेत्र में खास रुचि रखने वाले लोग करते हैं। कोक्रेन लाइब्रेरी के एडिटर की ओर से बताया गया है कि लेखकों की ओर से जवाब आए थे, लेकिन उन जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हुए हैं। इसलिए पेपर को वहां से हटा लिया गया है।
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