{"_id":"63af4e8767a3301855081c55","slug":"pgi-increases-value-for-the-5th-time-opd-started-in-sector-48-chandigarh-news-pkl4729347155","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीजीआई ने 5वीं बार बढ़ाया मान, सेक्टर-48 में शुरू हुई ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीजीआई ने 5वीं बार बढ़ाया मान, सेक्टर-48 में शुरू हुई ओपीडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। साल 2022 ने शहर को सेहत की ऐसी कई सौगातें दी हैं, जो सीधे तौर पर जनता से जुड़ी हैं। चाहे बात पीजीआई का लगातार पांचवीं बार नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में दूसरे स्थान पर आना हो या सेक्टर-48 में उद्घाटन के तीन साल बाद ही सही पर ओपीडी का शुरू होना। ऐसी उपलब्धियों से जहां एक ओर सिटी ब्यूटीफुल ने देश के पटल पर अपना नाम शीर्ष पर कायम रखा है वहीं मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हुआ है। सबसे खास यह है कि कोविड की पहली और दूसरी लहर झेल चुके चंडीगढ़ियों को तीसरी लहर ने ज्यादा प्रभावित नहीं किया। लोगों की सूझबूझ और प्रशासन की तैयारियों के बीच महामारी को घुटने टेकने पड़े।
निरफ में पीजीआई दूसरे स्थान पर
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में पीजीआई ने शीर्ष पर अपना स्थान कायम रखते हुए लगातार 5वीं बार दूसरा स्थान हासिल करने में सफलता प्राप्त की। ऐसा तब हुआ है, जब पूरा देश कोरोना जैसी महामारी की चपेट में था। हर तरफ राहत एवं बचाव कार्य की प्रधानता थी। इन सबके बीच पीजीआई ने रैंकिंग के मानकों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
एमबीबीएस की सीटों से हटी ओबीसी आरक्षण की तलवार
जीएमसीएच 32 की एमबीबीएस की सामान्य कोटे पर ओबीसी आरक्षण की लटकती तलवार से मुक्ति मिली। वहीं रक्षा कोटे को भी स्टेट कोटे में शामिल नहीं किया गया। चंडीगढ़ के युवाओं और अभिभावकों की मांग को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने न्यायोचित ठहराते हुए केंद्र को पत्र भेजकर इसे लागू न करने का आग्रह किया। इसके बाद इस वर्ष एमबीबीएस की स्टेट कोटे की सीटों पर न तो ओबीसी आरक्षण लागू हुआ न ही रक्षा कोटे से एडमिशन। इससे चंडीगढ़ के युवाओं को काफी लाभ मिला है।
विज्ञापन
नर्सिंग स्टाफ के 323 पदों को मिली हरी झंडी
नर्सिंग स्टाफ की कमी को एक दशक से भी ज्यादा समय से झेलते आ रहे जीएमसीएच 32 के नर्सेज को नए पद सृजन की स्वीकृति मिली। इसके तहत 324 पदों पर नई नियुक्ति करने का आदेश दिया गया। बता दें कि मेडिकल कॉलेज का नर्सिंग स्टाफ पिछले 12 वर्षों से पद सृजन की लड़ाई लड़ रहा था।
तीन साल बाद खुला जनऔषधि केंद्र
आखिरकार 2022 के अंत में ही सही पर मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के जनऔषधि केंद्र का संचालन दोबारा शुरू किया गया। दोनों ही अस्पतालों में ये दुकानें पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी थीं। स्वास्थ्य सचिव के प्रयास से विभाग ने इसके संचालन का जिम्मा लिया है।
सेक्टर 48 में ओपीडी बहाल
सेक्टर 48 के 100 बेड के अस्पताल में उद्घाटन के तीन साल बाद ओपीडी सुविधा शुरू की गई। इससे आसपास की जनता ने राहत की सांस ली है। फिलहाल अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी जीएमसीएच-32 के पास है इसलिए मेडिकल कॉलेज अपने डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की मदद से वहां सुविधा संचालित करने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन
निरफ में पीजीआई दूसरे स्थान पर
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में पीजीआई ने शीर्ष पर अपना स्थान कायम रखते हुए लगातार 5वीं बार दूसरा स्थान हासिल करने में सफलता प्राप्त की। ऐसा तब हुआ है, जब पूरा देश कोरोना जैसी महामारी की चपेट में था। हर तरफ राहत एवं बचाव कार्य की प्रधानता थी। इन सबके बीच पीजीआई ने रैंकिंग के मानकों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
विज्ञापन
एमबीबीएस की सीटों से हटी ओबीसी आरक्षण की तलवार
जीएमसीएच 32 की एमबीबीएस की सामान्य कोटे पर ओबीसी आरक्षण की लटकती तलवार से मुक्ति मिली। वहीं रक्षा कोटे को भी स्टेट कोटे में शामिल नहीं किया गया। चंडीगढ़ के युवाओं और अभिभावकों की मांग को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने न्यायोचित ठहराते हुए केंद्र को पत्र भेजकर इसे लागू न करने का आग्रह किया। इसके बाद इस वर्ष एमबीबीएस की स्टेट कोटे की सीटों पर न तो ओबीसी आरक्षण लागू हुआ न ही रक्षा कोटे से एडमिशन। इससे चंडीगढ़ के युवाओं को काफी लाभ मिला है।
विज्ञापन
नर्सिंग स्टाफ के 323 पदों को मिली हरी झंडी
नर्सिंग स्टाफ की कमी को एक दशक से भी ज्यादा समय से झेलते आ रहे जीएमसीएच 32 के नर्सेज को नए पद सृजन की स्वीकृति मिली। इसके तहत 324 पदों पर नई नियुक्ति करने का आदेश दिया गया। बता दें कि मेडिकल कॉलेज का नर्सिंग स्टाफ पिछले 12 वर्षों से पद सृजन की लड़ाई लड़ रहा था।
तीन साल बाद खुला जनऔषधि केंद्र
आखिरकार 2022 के अंत में ही सही पर मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 के जनऔषधि केंद्र का संचालन दोबारा शुरू किया गया। दोनों ही अस्पतालों में ये दुकानें पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी थीं। स्वास्थ्य सचिव के प्रयास से विभाग ने इसके संचालन का जिम्मा लिया है।
सेक्टर 48 में ओपीडी बहाल
सेक्टर 48 के 100 बेड के अस्पताल में उद्घाटन के तीन साल बाद ओपीडी सुविधा शुरू की गई। इससे आसपास की जनता ने राहत की सांस ली है। फिलहाल अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी जीएमसीएच-32 के पास है इसलिए मेडिकल कॉलेज अपने डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की मदद से वहां सुविधा संचालित करने का प्रयास कर रहा है।