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पितृ दिवस विशेष: 150 बच्चों के पिता की जिम्मेदारी निभा रहे पीजीआई निदेशक, बचपन की इच्छा को बनाया फर्ज
Sun, 19 Jun 2022 11:34 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 19 Jun 2022 11:34 AM IST
सार
डॉ. विवेक लाल के पिता आर्मी में थे इसलिए वे कड़े अनुशासन में पले-बढ़े। पिता की पोस्टिंग के मुताबिक उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई।
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पीजीआई के निदेशक विवेक लाल।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पीजीआई के डायरेक्टर विवेक लाल 150 गरीब बच्चों के पिता का फर्ज निभा रहे हैं। वे कहते हैं कि वर्ष तो याद नहीं, लेकिन कक्षा चार में रहे होंगे। कुछ दोस्त हमारे साथ ही कक्षा में बैठते थे। उनके पास कभी किताबों का अभाव रहता तो कभी कॉपी नहीं होती थी। कई बार उनके पास टिफिन भी नहीं होता था।
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कक्षा के कुछ सक्षम दोस्तों के साथ मैंने तय किया कि ऐसे दोस्तों के लिए अपनी पॉकेट मनी के अलावा कुछ चंदा इकट्ठा करेंगे और उनकी शिक्षा के रास्ते में आने वाले रोड़ों को हटाएंगे। अब गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए हर माह एक तय राशि निकाल रहा हूं। मुझे गर्व है कि 150 गरीब बच्चों के पिता का फर्ज निभा रहा हूं।
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डॉ. विवेक लाल ने बताया कि पिता आर्मी में थे इसलिए कड़े अनुशासन में पला-बढ़ा था। देश के प्रति कुछ कर गुजरने का जज्बा भी था। उनकी पोस्टिंग के मुताबिक मेरी शिक्षा-दीक्षा हुई। जालंधर में रहते हुए यह भावना जगी कि कैसे गरीब और सक्षम छात्रों के बीच की दूरी को कम किया जाए ताकि रुपयों के अभाव में किसी की शिक्षा न रुके। कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक समूह बनाया। इसके बाद तय किया कि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए काम करेंगे। एक संस्था की ओर से पेड़ के नीचे गरीब बच्चों को पढ़ाते हुए देखा तो लगा कि इन बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाकर इन्हें शिक्षित किया जाए। ये गरीब बच्चे झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं। उसी दिन से मेरा फादर्स डे शुरू हो गया। अब उन बच्चों के साथ बिताया गया हर दिन फादर्स डे होता है।
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