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रिपोर्टः पंजाब में शराब पीने वाले ज्यादा और हरियाणा में तंबाकू चबाने वाले, दोनों में हेल्दी कौन!
Mon, 04 Mar 2019 10:20 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 04 Mar 2019 10:20 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़ के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने हरियाणा-पंजाब का सर्वे कर बताने की कोशिश की है कि किस प्रदेश के लोग ज्यादा स्वस्थ हैं। डिपार्टमेंट के प्रोफेसर जेएस ठाकुर ने पहले पंजाब के लोगों का सर्वे किया। इसमें 18 से 69 की उम्र के 5127 लोगों को शामिल किया।
उसके बाद हरियाणा का, जिसमें 18 से 69 उम्र के 5250 लोगों से सवाल पूछे गए। फिर दोनों प्रदेशों के परिणामों की तुलना की गई, जिसमें पाया गया है कि हरियाणा की स्थिति पंजाब से थोड़ी बेहतर है। रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के लोग शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव हैं। पंजाब के मुकाबले हरियाणा में कैंसर के प्रति जागरूकता अधिक है।
हालांकि कुछ संकेतकों में हरियाणा की स्थिति भी अच्छी नहीं पाई गई। डायबिटीज और तंबाकू का फैलाव ज्यादा है। ओवरवेट वाले हरियाणा में ज्यादा हैं, जबकि मोटापा और शराब पीने वालों की संख्या पंजाब में। बैलेंस डाइट खाने में दोनों ही प्रदेश के लोग पिछड़े हैं। प्रो. जेएस ठाकुर बताते हैं कि भले ही हरियाणा की स्थिति बेहतर हो, लेकिन दोनों ही प्रदेशों में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (वो बीमारियां जो लाइफ स्टाइल से संबंधित होती हैं) का खतरा ज्यादा है।
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सर्वे के साथ दोनों ही प्रदेशों को एक्शन प्लान दिया गया है, ताकि इन बीमारियों को कंट्रोल करने में मदद मिल सके।
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उसके बाद हरियाणा का, जिसमें 18 से 69 उम्र के 5250 लोगों से सवाल पूछे गए। फिर दोनों प्रदेशों के परिणामों की तुलना की गई, जिसमें पाया गया है कि हरियाणा की स्थिति पंजाब से थोड़ी बेहतर है। रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के लोग शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव हैं। पंजाब के मुकाबले हरियाणा में कैंसर के प्रति जागरूकता अधिक है।
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हालांकि कुछ संकेतकों में हरियाणा की स्थिति भी अच्छी नहीं पाई गई। डायबिटीज और तंबाकू का फैलाव ज्यादा है। ओवरवेट वाले हरियाणा में ज्यादा हैं, जबकि मोटापा और शराब पीने वालों की संख्या पंजाब में। बैलेंस डाइट खाने में दोनों ही प्रदेश के लोग पिछड़े हैं। प्रो. जेएस ठाकुर बताते हैं कि भले ही हरियाणा की स्थिति बेहतर हो, लेकिन दोनों ही प्रदेशों में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (वो बीमारियां जो लाइफ स्टाइल से संबंधित होती हैं) का खतरा ज्यादा है।
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सर्वे के साथ दोनों ही प्रदेशों को एक्शन प्लान दिया गया है, ताकि इन बीमारियों को कंट्रोल करने में मदद मिल सके।
क्या कहता है सर्वे
संकेतक पंजाब (त्न) हरियाणा (त्न)
18 साल से ऊपर शराब का सेवन 14.9 10.5
18 साल से ऊपर के लोगों में ओवरवेट 28.6 35.2
18 साल से ऊपर के लोगों में मोटापा 12.8 9.5
18 साल से ऊपर के लोगों में बढ़ा हुआ बीपी 40.1 26.2
18 साल से ऊपर लोगों में नमक की मात्रा 7.5ग्राम/प्रतिदिन 8.0 ग्राम/प्रतिदिन
18 साल से ऊपर तंबाकू का सेवन 7.2 23.5
रोजाना 400 ग्राम से कम सब्जी-फल का सेवन करने वाले 95.9 99.2
30-49 वर्ष आयु की महिलाओं में सरवाइकल कैंसर की जांच 4.4 7.1
30 वर्ष की आयु की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच 2.1 6.1
18 साल से ऊपर शराब का सेवन 14.9 10.5
18 साल से ऊपर के लोगों में ओवरवेट 28.6 35.2
18 साल से ऊपर के लोगों में मोटापा 12.8 9.5
18 साल से ऊपर के लोगों में बढ़ा हुआ बीपी 40.1 26.2
18 साल से ऊपर लोगों में नमक की मात्रा 7.5ग्राम/प्रतिदिन 8.0 ग्राम/प्रतिदिन
18 साल से ऊपर तंबाकू का सेवन 7.2 23.5
रोजाना 400 ग्राम से कम सब्जी-फल का सेवन करने वाले 95.9 99.2
30-49 वर्ष आयु की महिलाओं में सरवाइकल कैंसर की जांच 4.4 7.1
30 वर्ष की आयु की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच 2.1 6.1
क्यों खतरनाक है ये बीमारियां
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज में कैंसर, डायबिटीज, ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट संबंधी बीमारियां आती हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पूरे विश्व में इन बीमारियों से हर साल 41 मिलियन लोगों की मौत होती है। इन बीमारियों के पीछे सबसे बड़ी वजह एक्सरसाइज नहीं करना और फास्ट फूड खाना है। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि किसी घर में कैंसर हो जाए तो अधिकतर परिवारों पर तंगहाली का कहर टूट पड़ता है। जांच से लेकर कीमोथेरेपी व सर्जरी में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं।
ऐसे रोक सकते हैं
- रोजाना 45 मिनट की एक्सरसाइज
- डाइट में फल और हरी सब्जी को शामिल कर
- समय-समय पर बीपी और कैंसर की जांच
- तनावमुक्त जीवन जीना
हरियाणा में खेलों के प्रति लोगों में उत्साह और लगाव ज्यादा है। इसलिए पंजाब से बेहतर स्थिति में है। लेकिन दोनों ही प्रदेशों में नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों का रिस्क फैक्टर ज्यादा है। दोनों ही प्रदेश के लोगों को अपनी लाइफ स्टाइल बदलने की जरूरत है। सरकारों को इन बीमारियों के प्रति जागरूकता और रोकथाम के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने होंगे।
- प्रो. जेएस ठाकुर, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई
ऐसे रोक सकते हैं
- रोजाना 45 मिनट की एक्सरसाइज
- डाइट में फल और हरी सब्जी को शामिल कर
- समय-समय पर बीपी और कैंसर की जांच
- तनावमुक्त जीवन जीना
हरियाणा में खेलों के प्रति लोगों में उत्साह और लगाव ज्यादा है। इसलिए पंजाब से बेहतर स्थिति में है। लेकिन दोनों ही प्रदेशों में नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों का रिस्क फैक्टर ज्यादा है। दोनों ही प्रदेश के लोगों को अपनी लाइफ स्टाइल बदलने की जरूरत है। सरकारों को इन बीमारियों के प्रति जागरूकता और रोकथाम के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने होंगे।
- प्रो. जेएस ठाकुर, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई