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याचिकाः फिर गरमाया चंडी मंदिर मामला, हरियाणा सरकार व पंचकूला डीसी को हाईकोर्ट नोटिस
Thu, 28 May 2020 10:52 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 28 May 2020 10:52 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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पंचकूला के चंडी मंदिर को अधिकृत करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार व डीसी पंचकूला को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट में चंडी माता मंदिर पंचकूला के पुजारी महंत राजेश गिरी ने अर्जी दायर कर कोर्ट को बताया कि लॉकडाउन के दौरान पंचकूला के माता चंडी माता मंदिर को हरियाणा सरकार अपने कब्जे में ले रही है।
मंदिर के महंत ने कहा लॉक डाउन में जब सब धार्मिक स्थल बंद हैं तो कैसे मंदिर के ताले तोड़ दिए गए। यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 23 जुलाई को इस मामले की सुनवाई होनी थी। इस बीच सरकार ने मंदिर के ताले तोड़ कर मंदिर पर कब्जा लेने की कोशिश शुरू कर दी। अर्जी में सरकार के इस कदम पर रोक की मांग की गई है।
इससे पहले पुजारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर हरियाणा सरकार की उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की हुई है जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधीन करने का प्रावधान किया गया है। याचिका में बताया गया कि यह मंदिर उनके पूर्वजों की संपत्ति है। राजस्व रिकार्ड में भी यह मंदिर व उसकी जमीन उसके गुरु व उसके पूर्वजों की है।
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कुछ राजनेता अपने निजी स्वार्थ के चलते इस मंदिर पर कब्जा करने चाहते हैं। इसको लेकर पहले ही एक मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। याची ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वो हरियाणा सरकार की 4 जनवरी 2018 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करे जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के तहत करने का निर्णय लिया गया है।
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मंदिर के महंत ने कहा लॉक डाउन में जब सब धार्मिक स्थल बंद हैं तो कैसे मंदिर के ताले तोड़ दिए गए। यह मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 23 जुलाई को इस मामले की सुनवाई होनी थी। इस बीच सरकार ने मंदिर के ताले तोड़ कर मंदिर पर कब्जा लेने की कोशिश शुरू कर दी। अर्जी में सरकार के इस कदम पर रोक की मांग की गई है।
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इससे पहले पुजारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर हरियाणा सरकार की उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की हुई है जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधीन करने का प्रावधान किया गया है। याचिका में बताया गया कि यह मंदिर उनके पूर्वजों की संपत्ति है। राजस्व रिकार्ड में भी यह मंदिर व उसकी जमीन उसके गुरु व उसके पूर्वजों की है।
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कुछ राजनेता अपने निजी स्वार्थ के चलते इस मंदिर पर कब्जा करने चाहते हैं। इसको लेकर पहले ही एक मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। याची ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वो हरियाणा सरकार की 4 जनवरी 2018 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करे जिसके तहत मंदिर को माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के तहत करने का निर्णय लिया गया है।