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बेटे को चपरासी लगवाने के लिए व्यक्ति ने सेशन जज को किया फोन, बोला...
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Sun, 21 Jan 2018 09:32 AM IST
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- फोटो : Demo Pics
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कोर्ट में चपरासी के 17 पदों की भर्ती प्रक्रिया में एक अजीब खुलासा हुआ है। मुक्तसर (पंजाब) के एक व्यक्ति ने सेशन जज के पास लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर दी और कहा कि मैं जस्टिस कमलजीत अहलूवालिया बोल रहा हूं, मेरे पिंड के 10 मुंडे इंटरव्यू देकर गए हैं, इन सभी को अप्वाइंट करना है।
मामले को लेकर सेशन जज को शक हो गया। उन्होंने एसपी को मामले की सूचना देकर जांच के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर उस नंबर की आईडी निकलवाई गई तो हैरान करने वाला मामला निकला। मुक्तसर के गुरमेल सिंह ने अपने बेटे को चपरासी लगवाने के लिए सेशन जज को कॉल कर डाली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट कांप्लेक्स चौकी पुलिस ने उसे रविवार को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
पहले ऑफिस में फिर कोठी पर की कॉल
हाईकोर्ट के जस्टिस बनकर फर्जी तरीके से कॉल करने वाले मुक्तसर के व्यक्ति ने दो बार कॉल की। पहली बार उन्होंने कोर्ट कार्यालय में कॉल की। लैंडलाइन नंबर सुपरिंटेंडेंट ने उठाया। उन्होंने कहा कि साहब बैठे नहीं हैं। उनको भी व्यक्ति ने खुद को जस्टिस बताया और बात करवाने के लिए कहा। व्यक्ति ने कहा कि साहब तो घर पर हैं। ये मामला 28 दिसंबर को दोपहर दो बजे का है। करीब दो घंटे बाद चार बजे फिर व्यक्ति ने सेशन जज की कोठी का नंबर कहीं से लेकर कॉल कर दी। फोन पर उसने कहा, मैं जस्टिस अहलूवालिया बोल रहा हूं। मेरे पिंड के दस मुंडे इंटरव्यू देकर गए हैं। इनको अप्वाइंट कर देना। चंद सेकेंड बात करने के बाद व्यक्ति ने फोन काट दिया।
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मामले को लेकर सेशन जज को शक हो गया। उन्होंने एसपी को मामले की सूचना देकर जांच के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर उस नंबर की आईडी निकलवाई गई तो हैरान करने वाला मामला निकला। मुक्तसर के गुरमेल सिंह ने अपने बेटे को चपरासी लगवाने के लिए सेशन जज को कॉल कर डाली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट कांप्लेक्स चौकी पुलिस ने उसे रविवार को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
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पहले ऑफिस में फिर कोठी पर की कॉल
हाईकोर्ट के जस्टिस बनकर फर्जी तरीके से कॉल करने वाले मुक्तसर के व्यक्ति ने दो बार कॉल की। पहली बार उन्होंने कोर्ट कार्यालय में कॉल की। लैंडलाइन नंबर सुपरिंटेंडेंट ने उठाया। उन्होंने कहा कि साहब बैठे नहीं हैं। उनको भी व्यक्ति ने खुद को जस्टिस बताया और बात करवाने के लिए कहा। व्यक्ति ने कहा कि साहब तो घर पर हैं। ये मामला 28 दिसंबर को दोपहर दो बजे का है। करीब दो घंटे बाद चार बजे फिर व्यक्ति ने सेशन जज की कोठी का नंबर कहीं से लेकर कॉल कर दी। फोन पर उसने कहा, मैं जस्टिस अहलूवालिया बोल रहा हूं। मेरे पिंड के दस मुंडे इंटरव्यू देकर गए हैं। इनको अप्वाइंट कर देना। चंद सेकेंड बात करने के बाद व्यक्ति ने फोन काट दिया।
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दो दिन बाद भेजा फैक्स, गलती हो गई साहब
दो दिन बाद भेजा फैक्स, गलती हो गई साहब
व्यक्ति ने दो दिन बाद फिर कोर्ट कार्यालय में सेशन जज के नाम फैक्स भेजा। फैक्स भेजकर कहा कि साहब गलती हो गई। परेशानी में था। बेटे को नौकरी लगवाने के चक्कर में कॉल कर दी थी। लिखा कि दिमाग खराब हो गया था। इसलिए ऐसा कर दिया।
मगर कोर्ट की तरफ से सुपरिंटेंडेंट श्रवण ने शिकायत दे दी। पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच में मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। व्यक्ति 11वीं तक पढ़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन के रिमांड के दौरान यह जांच की जाएगी कि क्या असल में व्यक्ति के बेटे ने चपरासी के लिए इंटरव्यू दिया है या नहीं या फिर कहीं पैसे के चक्कर में आरोपी ने ऐसा काम किया हो। साथ ही पुलिस को निशानदेही करवानी है और आरोपी से वारदात में यूज किया गया फोन भी बरामद करना है।
व्यक्ति ने दो दिन बाद फिर कोर्ट कार्यालय में सेशन जज के नाम फैक्स भेजा। फैक्स भेजकर कहा कि साहब गलती हो गई। परेशानी में था। बेटे को नौकरी लगवाने के चक्कर में कॉल कर दी थी। लिखा कि दिमाग खराब हो गया था। इसलिए ऐसा कर दिया।
मगर कोर्ट की तरफ से सुपरिंटेंडेंट श्रवण ने शिकायत दे दी। पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच में मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। व्यक्ति 11वीं तक पढ़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन के रिमांड के दौरान यह जांच की जाएगी कि क्या असल में व्यक्ति के बेटे ने चपरासी के लिए इंटरव्यू दिया है या नहीं या फिर कहीं पैसे के चक्कर में आरोपी ने ऐसा काम किया हो। साथ ही पुलिस को निशानदेही करवानी है और आरोपी से वारदात में यूज किया गया फोन भी बरामद करना है।