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पेरीफेरी एक्ट में संशोधन, लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 05 Jun 2016 06:13 PM IST
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पेरीफेरी एक्ट कंट्रोल्स
- फोटो : डेमो फोटो
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सरकार ने पेरीफेरी एक्ट में संशोधन कर दिया है। इससे पंचायतों को और लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम पंचकूला में शामिल ग्राम पंचायतों पर लागू पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट-1952 की अधिसूचना 2011 संशोधन क्लाज ई अधिनियम 15 को रद्द कर दिया गया है। अब इस क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र सीधे नगर निगम के अधीन आ गए हैं और क्षेत्र के लोगों को अपने मकानों के नक्शे पास कराने और मकान आदि के निर्माण के लिए बैंक लोन लेने का रास्ता साफ हो गया है।
शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल जोकि इसके लिए छह वर्षों से प्रयास कर रहे थे, ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 17 मार्च, 2010 को एक अधिसूचना जारी कर नगर पालिका कालका-पिंजौर और नगर परिषद पंचकूला तथा 42 ग्राम पंचायतों को लेकर नगर निगम की घोषणा की थी। प्रदेश में लागू पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट-1952 के तहत नियम यह है कि किसी ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल किए जाने पर पेरीफेरी एक्ट स्वत: ही समाप्त हो जाता है।
उन्होंने बताया कि लेकिन हरियाणा सरकार ने 29 दिसंबर, 2011 को बिल्डरों को फायदा पहुंचाते हुए पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट में संशोधन कर अधिसूचना 2011 संशोधन क्लाज ई अधिनियम 15 जोड़ते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी, जिसके तहत नगर पालिका कालका-पिंजौर और नगर परिषद पंचकूला की बाहरी सीमा तक पेरीफेरी एक्ट लागू होने पर रोक लग गई।
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उस संशोधन में यह प्रावधान भी किया गया कि नगर निगम पंचकुला में शामिल बाकी सभी पंचायतो में पेरीफेरी एक्ट लागू होगा। इसके बाद नगर निगम पंचकुला ने बीते पांच साल में ग्रामीण क्षेत्रो में न तो किसी मकान का नक्शा पास किया और न ही इस क्षेत्र में किसी विकास कार्य को गति दी। उलटे जिला नगर योजनाकार पंचकुला ने कई इमारतों को अवैध बताते हुए गिरवा दिया। विजय बंसल ने बताया कि शिवालिक विकास मंच के मार्फत उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी देते हुए ज्ञापन सौंपा, जिस पर कार्रवाई करते हुए सीएम ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आदेश जारी किए।
विभाग ने 20 मार्च, 2015 को महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को कार्रवाई के लिए। इसके बाद 17 दिसंबर, 2015 को विजय बंसल ने चीफ टाउन प्लानर हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के समक्ष नगर निगम पंचकुला में शामिल ग्राम पंचायतों में लागू संशोधित एक्ट को रद्द करने का मुद्दा उठाया। चीफ टाउन प्लानर ने भी माना कि पेराफेरी एक्ट के अनुसार 2011 की अधिसूचना आधारहीन थी। तब उन्होंने इस अधिसूचना को समाप्त करने के लिए 15 दिन के अंदर कानूनी राय लेने के आदेश दिए थे।
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शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल जोकि इसके लिए छह वर्षों से प्रयास कर रहे थे, ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 17 मार्च, 2010 को एक अधिसूचना जारी कर नगर पालिका कालका-पिंजौर और नगर परिषद पंचकूला तथा 42 ग्राम पंचायतों को लेकर नगर निगम की घोषणा की थी। प्रदेश में लागू पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट-1952 के तहत नियम यह है कि किसी ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल किए जाने पर पेरीफेरी एक्ट स्वत: ही समाप्त हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि लेकिन हरियाणा सरकार ने 29 दिसंबर, 2011 को बिल्डरों को फायदा पहुंचाते हुए पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट में संशोधन कर अधिसूचना 2011 संशोधन क्लाज ई अधिनियम 15 जोड़ते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी, जिसके तहत नगर पालिका कालका-पिंजौर और नगर परिषद पंचकूला की बाहरी सीमा तक पेरीफेरी एक्ट लागू होने पर रोक लग गई।
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उस संशोधन में यह प्रावधान भी किया गया कि नगर निगम पंचकुला में शामिल बाकी सभी पंचायतो में पेरीफेरी एक्ट लागू होगा। इसके बाद नगर निगम पंचकुला ने बीते पांच साल में ग्रामीण क्षेत्रो में न तो किसी मकान का नक्शा पास किया और न ही इस क्षेत्र में किसी विकास कार्य को गति दी। उलटे जिला नगर योजनाकार पंचकुला ने कई इमारतों को अवैध बताते हुए गिरवा दिया। विजय बंसल ने बताया कि शिवालिक विकास मंच के मार्फत उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी देते हुए ज्ञापन सौंपा, जिस पर कार्रवाई करते हुए सीएम ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को आदेश जारी किए।
विभाग ने 20 मार्च, 2015 को महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को कार्रवाई के लिए। इसके बाद 17 दिसंबर, 2015 को विजय बंसल ने चीफ टाउन प्लानर हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के समक्ष नगर निगम पंचकुला में शामिल ग्राम पंचायतों में लागू संशोधित एक्ट को रद्द करने का मुद्दा उठाया। चीफ टाउन प्लानर ने भी माना कि पेराफेरी एक्ट के अनुसार 2011 की अधिसूचना आधारहीन थी। तब उन्होंने इस अधिसूचना को समाप्त करने के लिए 15 दिन के अंदर कानूनी राय लेने के आदेश दिए थे।