लचर प्रदर्शन: पंजाब की सियासत में औंधे मुंह गिरी गुरनाम चढूनी की पार्टी, 10 सीटों पर लड़ा था चुनाव, सभी की जमानत जब्त
गुरनाम चढूनी किसान आंदोलन में मिली लोकप्रियता को देखते हुए पंजाब में बिना जमीन भांपे ही चुनावी रण में उतर गए, जिससे उन्हें सीधा नुकसान उठाना पड़ा।
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई संयुक्त संघर्ष पार्टी का प्रदर्शन पंजाब विधानसभा चुनाव में बेहद लचर रहा है। पहले सियासी इम्तिहान में ही पार्टी औंधे मुंह गिरी है। भाकियू चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस पार्टी की नींव रखकर पंजाब चुनाव में ताल ठोकी थी।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल की पार्टी के साथ गठबंधन करते हुए उन्होंने दस सीटों पर चुनाव लड़ा। उनके उम्मीदवार मात्र 16904 वोट ही ले पाए। सभी की जमानत जब्त हो गई। गुरुवार को आए पंजाब के चुनाव नतीजों ने चढूनी की पार्टी की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। संयुक्त संघर्ष पार्टी सिर्फ वोट कटवा ही साबित हुई। बेहद निराशाजनक प्रदर्शन से हरियाणा की सीमा पर हुए किसान आंदोलन में बनी गुरनाम चढूनी की साख को भी बट्टा लगा है। उनके दस उम्मीदवारों में से नाभा सीट पर ही तीन हजार वोट का आंकड़ा पार हो पाया। भुलत्थ और अजनाला में तो उम्मीदवार एक हजार वोट का आंकड़ा भी नहीं छू पाए।
बिना सियासी जमीन भांपे चुनाव में उतरे
चढूनी किसान आंदोलन में मिली लोकप्रियता को देखते हुए पंजाब में बिना जमीन भांपे ही चुनावी रण में उतर गए, जिससे उन्हें सीधा नुकसान उठाना पड़ा। पंजाब में उनकी पार्टी अपना प्रभाव छोड़ने में पूरी तरह नाकाम रही है। इसका उनकी किसान नेता की छवि पर भी असर पड़ेगा।
किसान आंदोलन जिन मांगों पर सहमति के साथ खत्म हुआ था, वे अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में दोबारा किसान आंदोलन शुरू करने पर कितना जनसमर्थन मिल पाएगा, इस पर भी नजरें टिकी रहेंगी। चूंकि, लोगों के सामने अब आ चुका है कि किसान नेताओं के सियासी हित भी हैं। ऐसे में गुरनाम सिंह चढूनी को अब फूंक-फूंक कर कदम रखने होंगे।
किस उम्मीदवार को मिले कितने वोट
सीट उम्मीदवार वोट
गुरदासपुर इंद्रपाल सिंह 2391
भुलत्थ सरबजीत सिंह 743
शाहकोट डॉ. जगतार सिंह 1673
अजनाला चरणजीत सिंह 583
फतेहगढ़ साहिब सरबजीत मक्खन 2159
दाखा हरप्रीत सिंह 2454
दिड़वा मालविंदर सिंह 1194
संगरूर जगदीप सिंह 1209
नाभा बरिंदर कुमार 3014
समाना रछपाल सिंह 1484