स्मार्ट सिटी सर्वे : 10 साल बाद प्रति व्यक्ति कम हो जाएगा ग्रीन एरिया, बचना है तो साइकिल अपनाओ
- 2001 में प्रति व्यक्ति 17 स्क्वायर मीटर ग्रीन एरिया था, 2031 तक 10.7 ही रह जाएगा शेष
- गाड़ियों के बढ़ते प्रदूषण और निर्माण कार्य से घट रही सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती
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चंडीगढ़ में साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट सिटी ने एक सर्वे कराया है। सर्वे में बताया गया है कि चंडीगढ़ में 2001 में प्रति व्यक्ति 17 स्क्वायर मीटर ग्रीन एरिया था। शहर में लगातार हो रहे निर्माण कार्य और अतिक्रमण से 2031 तक प्रति व्यक्ति के पास 10.7 स्क्वायर मीटर ग्रीन एरिया ही शेष रह जाएगा जबकि सरकार के मानक के अनुसार एक व्यक्ति के पास कम से कम 10 से 12 स्क्वायर मीटर का ग्रीन एरिया होना चाहिए।
सर्वे में बताया गया है कि चंडीगढ़ को अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां हेरिटेज पेड़ों के संरक्षण पर तो ध्यान दिया ही जाता है, साथ ही हर सेक्टर, कॉलोनी व घरों के आगे पार्क बनाने की भी पद्धति है। शहर में कुल 2593 एकड़ ग्रीन एरिया है।
चंडीगढ़ में प्रति व्यक्ति 10 स्क्वायर मीटर (8.93 प्रतिशत) पेड़ों का क्षेत्र है। गाड़ियों के बढ़ते प्रदूषण और निर्माण कार्य से यह खूबसूरती घट रही है। इसे बचाने के लिए साइकिल चलाने को बढ़ावा देना होगा। इससे लोगों की सेहत के साथ ही ट्रैफिक जाम, प्रदूषण जैसी समस्याओं से आसानी से निपटा जा सकेगा।
सर्वे में दिए गए यह सुझाव
- हर साल साइकिल की पॉलिसी के लिए समीक्षा होनी चाहिए।
- कर्मचारी साइकिल का उपयोग करें तो आधा दिन का या आपातकाल अवकाश मिले।
- साइकिल को प्रोत्साहित करने के लिए इन्सेटिव व पुरस्कार दिया जाए।
- साइकिल पार्किंग के लिए ठीक व्यवस्था हो।
- एसोसिएशन बनाकर कर्मचारियों को सदस्यता दी जाए।
- साइकिल लेने के लिए कर्ज की व्यवस्था हो।
- साइकिल ट्रैक को ज्यादा से ज्यादा सेक्टरों से जोड़ा जाए।
देश में प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा वाहन चंडीगढ़ में उपयोग किए जा रहे हैं। सर्वे के अनुसार शहर में 23,77,129 वाहन, साइकिल, रिक्शा और लोग सड़कों पर चलते हैं। इससे प्रति व्यक्ति वातावरण में 229 ग्राम और बस से 95 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड वातावरण में जाती है, वहीं साइकिल से चलने पर 15 ग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड बचा सकते हैं। साइकिल को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट सिटी ने यह सर्वे किया है।
प्र्रत्येक सड़क पर हो 2.5 मीटर का साइकिल ट्रैक
प्रतिदिन सड़कों का ऐसे होता है प्रयोग
साधन प्रतिदिन चक्कर प्रतिशत
कार 358352 15.07
दो पहिया 841025 35.38
मालवाहक ऑटो 30728 1.29
सवारी ऑटो 139040 5.85
बस 267268 11.24
साइकिल 260139 10.94
रिक्शा 68160 2.87
पैदल 412417 17.35
कुल 2377129 100
इतने वाहन आरएलए में हैं पंजीकृत (2015 तक)
- चार पहिया वाहन - 35,8000
- दो पहिया वाहन - 66,8000
- बस - 4494
- माल वाहक गाड़ी - 10,937
साइकिल पॉलिसी के लिए सर्वे कराया है। इस पर लगातार चर्चा भी कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि साइकिलों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग हो ताकि प्रदूषण के साथ जाम की समस्या का भी निराकरण हो सके। इसके लिए साइकिल ट्रैक को भी मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। -केके यादव, सीईओ स्मार्ट सिटी