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Chandigarh News: लोगों ने खूब जलाए पटाखे...पहली बार 453 पहुंचा एक्यूआई
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चंडीगढ़। दिवाली पर प्रशासन के सारे आदेश धुआं हो गए। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार लोगों ने काफी ज्यादा पटाखे जलाए। इसका सीधा असर वायु और ध्वनि प्रदूषण पर हुआ। सेक्टर-53 में पहली बार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) गंभीर की श्रेणी में पहुंच गया। दिवाली की रात वायु प्रदूषण ने चार और ध्वनि प्रदूषण ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ा। लोगों ने पटाखे जलाने के लिए तय किए गए समय की भी परवाह नहीं की।
इस बार दिवाली नवंबर में थी और जलवायु परिस्थितियों और पराली जलाने के कारण शहर की हवा पहले से ही खराब की श्रेणी में थी। उम्मीद थी विभिन्न दिशा-निर्देश की वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट होगी लेकिन इसका उल्टा हुआ। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के आंकड़ों के अनुसार दिवाली से पहले तक और दिवाली के दिन शाम छह बजे तक वायु गुणवत्ता शहर के सभी स्टेशनों पर संतोषजनक या मध्यम की श्रेणी में रहा लेकिन छह बजे के बाद से हालात खराब होने लगे। रात 10 बजे तक स्थित बेहद खराब हो गई और सेक्टर-53 में एक्यूआई 453 पहुंच गया। ये गंभीर की श्रेणी में आता है। इससे पहले एक्यूआई इतना ज्यादा कभी नहीं हुआ। अन्य इलाकों की स्थिति भी खराब रही। सेक्टर-22 में 392, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज-12 में 301 और इमटेक में बहुत खराब श्रेणी में 360 के स्तर पर पहुंच गया। रात 10 बजे के करीब पूरे शहर की हवा सांस लेने के लिए खतरनाक बन गई थी। स्थिति यह थी कि सड़कों पर काला धुआं नजर आने लगा। स्ट्रीट लाइटों की रोशनी में धुएं को साफ देखा जा सकता था। सेक्टर-22 में कई लोगों की शिकायत रही कि पटाखों से निकला धुआं उनके घरों के अंदर तक चला गया था। सुबह तीन बजे के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार आया। सुबह के समय एक्यूआई मध्यम रहा लेकिन दोपहर से ही शहर के अधिकतर इलाकों की हवा सोमवार को भी खराब की श्रेणी में दर्ज की गई।
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इस बार दिवाली नवंबर में थी और जलवायु परिस्थितियों और पराली जलाने के कारण शहर की हवा पहले से ही खराब की श्रेणी में थी। उम्मीद थी विभिन्न दिशा-निर्देश की वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट होगी लेकिन इसका उल्टा हुआ। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के आंकड़ों के अनुसार दिवाली से पहले तक और दिवाली के दिन शाम छह बजे तक वायु गुणवत्ता शहर के सभी स्टेशनों पर संतोषजनक या मध्यम की श्रेणी में रहा लेकिन छह बजे के बाद से हालात खराब होने लगे। रात 10 बजे तक स्थित बेहद खराब हो गई और सेक्टर-53 में एक्यूआई 453 पहुंच गया। ये गंभीर की श्रेणी में आता है। इससे पहले एक्यूआई इतना ज्यादा कभी नहीं हुआ। अन्य इलाकों की स्थिति भी खराब रही। सेक्टर-22 में 392, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज-12 में 301 और इमटेक में बहुत खराब श्रेणी में 360 के स्तर पर पहुंच गया। रात 10 बजे के करीब पूरे शहर की हवा सांस लेने के लिए खतरनाक बन गई थी। स्थिति यह थी कि सड़कों पर काला धुआं नजर आने लगा। स्ट्रीट लाइटों की रोशनी में धुएं को साफ देखा जा सकता था। सेक्टर-22 में कई लोगों की शिकायत रही कि पटाखों से निकला धुआं उनके घरों के अंदर तक चला गया था। सुबह तीन बजे के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार आया। सुबह के समय एक्यूआई मध्यम रहा लेकिन दोपहर से ही शहर के अधिकतर इलाकों की हवा सोमवार को भी खराब की श्रेणी में दर्ज की गई।
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