विश्व गठिया दिवस: मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से हो रही ये बीमारी... हाई हील भी खतरनाक, रखें इन बातों का ध्यान
प्रो. मंदीप ढिल्लों ने बताया कि हाई हील से कमर, कूल्हे, कंधे और रीढ़ का पूरा भार पंजों पर आ जाता है। इससे शरीर का पोश्चर बिगड़ जाता है। जो पैर और कमर में दर्द का कारण बनता है। प्रो. ढिल्लों का कहना है कि जितनी ज्यादा हील होती है, पैरों के आगे के हिस्से पर उतना ही ज्यादा भार पड़ता है।
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फैशन और तकनीक के इस दौर में हर कोई स्टाइलिश और मॉडर्न दिखना चाह रहा है। इसकी बढ़ती चाहत युवाओं को हड्डी से जुड़े रोग का शिकार बनाने लगी है। पहनावा, खान-पान और फैशन हड्डियों के लिए घातक साबित हो रहा है।
खासतौर पर हाई हील लड़कियों को हड्डी से जुड़े रोग दे रही है, वहीं मोबाइल पर मैसेजिंग का चस्का युवाओं की उंगलियों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। विशेषज्ञ ऐसे लोगों को सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इन चीजों पर रोक लगाना संभव न हो तो बचाव के उपाय का पालन सुनिश्चित करें। कहीं ऐसा न हो कि अनदेखी उन्हें गठिया का शिकार बना दे।
पीजीआई के आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के प्रमुख प्रो. मंदीप एस ढिल्लों ने बताया कि मोबाइल के ज्यादा उपयोग से उंगलियों में कॉर्पेल टनल सिंड्रोम की समस्या सामने आ रही है। इसमें अंगूठे की हड्डी व मांसपेशियों में धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगता है। इसका कारण लगातार मोबाइल पर अंगूठे को चलाने से मांसपेशियों में आने वाली जकड़न है।
वहीं, डी क्वेरवाइन सिंड्रोम में कलाई का जोड़ दर्द करने लगता है। इसके कारण हाथ में मोबाइल को देर तक पकड़े रहने से इसके वजन के चलते नसें चोक होने लगती हैं। इन दोनों बीमारियों में शुरुआती लक्षण में अंगूठे का धीमा दर्द, हाथों में झुनझुनी होना, जकड़न आना होता है। दर्द धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और हाथ सुन्न होने लगता है। वहीं गर्दन में मोबाइल दबाकर बात करने, लैपटाप पर लगातार एक ही पोश्चर में झुककर काम करने से रीढ़, गर्दन की हड्डी भी प्रभावित होने लगी है। इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
बिगड़ा पोश्चर दे रहा मर्ज
प्रो. मंदीप ढिल्लों ने बताया कि हाई हील से कमर, कूल्हे, कंधे और रीढ़ का पूरा भार पंजों पर आ जाता है। इससे शरीर का पोश्चर बिगड़ जाता है, जो पैर और कमर में दर्द का कारण बनता है। जितनी ज्यादा हील होती है, पैरों के आगे के हिस्से पर उतना ही ज्यादा भार पड़ता है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में हाई हील्स पहनने से विकास रुक सकता है। हड्डियों में दर्द व टेढ़ापन भी आ सकता है। इसके साथ ही हील्स पहनने पर बार-बार चोट लगने या फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- ऊंची हील पहनने से शरीर का संतुलन बिगड़ता है। लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से बचें।
- घंटों तक लगातार एक ही मुद्रा में खड़े या बैठे न रहें, अगर लगातार बैठकर काम करते हैं तो हर 45 मिनट पर उठकर घूमें।
- हमेशा अपना वजन नियंत्रित रखें। इससे गठिया और जोड़ों के दर्द से भी बचा जा सकता है।
- कैल्शियम युक्त भोजन लें, पैदल चलें और नियमित व्यायाम करें ताकि हड्डियों का घनत्व बढ़ सके।
- एयरहोस्टेस, एचआर, रिशेप्सनिस्ट जैसे विभिन्न पेशों में महिलाओं को हील पहननी पड़ती है तो बीच-बीच में समय मिलने पर हील्स को उतारकर थोड़ी देर के लिए पैरों को आराम दिया जाना चाहिए।