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Chandigarh News: पेंशन की टेंशन... अब 33 साल के कागज लेकर दिल्ली जाएंगे अधिकारी
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चंडीगढ़। शहर के करीब 25 हजार बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं की पेंशन बढ़ाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। मामला कई स्तर पर अटका हुआ है। अब प्रशासन के अधिकारी पेंशन स्कीम से जुड़े 33 साल के दस्तावेजों के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के साथ बैठक होगी, जिसमें सलाहकार धर्मपाल मामले को रखेंगे और उम्मीद है कि अड़चनें दूर हो जाएंगी।
शहर में वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि को बढ़ाने का मुद्दा पिछले कई सालों से अटका हुआ है। प्रशासक की सलाहकार परिषद की समाज कल्याण समिति भी कई बार पेंशन बढ़ाने के लिए लिख चुकी है। अमर उजाला ने भी इस मामले को कई बार उठाया। इसके बाद सलाहकार धर्मपाल ने कई बार बैठक की। पता चला कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की कई आपत्तियों की वजह से मामला फंसा हुआ है।
वृद्धावस्था पेंशन भारत के संविधान की 7वीं अनुसूची की समवर्ती सूची में शामिल है। सभी राज्य खुद पेंशन की राशि को बढ़ाते हैं। 2016 में पेंशन की राशि को 500 से 1000 रुपये प्रशासन ने खुद किया था लेकिन जब बजट में बढ़ी हुई राशि मांगी गई तो केंद्र ने पेंशन स्कीम की पूरी जानकारी मांग ली। ये भी पूछ लिया कि पेंशन बढ़ाने से पहले क्या मंजूरी ली गई थी। इस बीच सांसद किरण खेर में भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को पेंशन के संबंध में पत्र लिखा। मंत्रालय ने स्कीम की पूरी जानकारी मांग ली। इसके बाद से लगातार प्रशासन और केंद्र के बीच पत्राचार चल रहा है।
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चंडीगढ़ में 1990 की है पेंशन स्कीम
एमएचए पेंशन स्कीम से जुड़ी कोई जानकारी मांगता है, जब प्रशासन की तरफ से उसका जवाब भेजा जाता है तो कुछ और जानकारी मांग ली जाती है। कई स्तर की बैठक के बाद भी मामला नहीं सुलझा पाया इसलिए अब फैसला लिया गया है कि प्रशासन का समाज कल्याण विभाग पेंशन स्कीम 1990 की के सभी डॉक्यूमेंट तैयार करके केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेंगे और केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के साथ बैठक होगी।
अब 2024 में ही बढ़ेगी पेंशन
वर्ष 2016 के बाद से अब तक एक बार भी पेंशन नहीं बढ़ी है, जिसकी वजह से काफी खलबली मची हुई है। प्रशासन के स्तर पर भी बैठकें चल रही हैं। अगर पेंशन बढ़ाने की सभी अड़चनें दूर भी हो जाएंगी तो भी पेंशन 2024 में ही बढ़ेगी। पेंशन की राशि को 1000 रुपये से 2000 रुपये करने की कोशिश की जा रही है। बढ़े हुए पैसों की मांग प्रशासन वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में करेगा। संसद में पेश किए जाने वाले सालाना बजट में अगर अतिरिक्त पैसे मिलते हैं तो ही लोगों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा।
शहर में पेंशन की स्थिति
पेंशन वर्ग संख्या राशि (रुपये)
दिव्यांग 4650 1000 (0-69 फीसदी) और 2000 (70 फीसदी से ज्यादा)
विधवा 8592 1000 रुपये
वृद्धावस्था 12,192 1000 रुपये
पड़ोसी राज्यों में पेंशन
राज्य/यूटी - पेंशन राशि - पेंशन धारक
चंडीगढ़ - 1000 रुपये - 25.43 हजार
हरियाणा - 2750 रुपये - 17.85 लाख
पंजाब - 1500 रुपये - 29.29 लाख
हिमाचल प्रदेश - 1500 रुपये - 7.15 लाख
दिल्ली - 2000 रुपये - 4.5 लाख
-- - वर्जन -- -
पेंशन बढ़ाने का मुद्दा विभिन्न कारणों की वजह से फंसा हुआ है। मैंने विभाग को आदेश दिया है कि वह एमएचए के संयुक्त सचिव के साथ एक बैठक तय करें, जिसमें हम पेंशन स्कीम 1990 के पूरे दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखें, ताकि पेंशन बढ़ाने के रास्ते को साफ किया जा सके।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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शहर में वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि को बढ़ाने का मुद्दा पिछले कई सालों से अटका हुआ है। प्रशासक की सलाहकार परिषद की समाज कल्याण समिति भी कई बार पेंशन बढ़ाने के लिए लिख चुकी है। अमर उजाला ने भी इस मामले को कई बार उठाया। इसके बाद सलाहकार धर्मपाल ने कई बार बैठक की। पता चला कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की कई आपत्तियों की वजह से मामला फंसा हुआ है।
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वृद्धावस्था पेंशन भारत के संविधान की 7वीं अनुसूची की समवर्ती सूची में शामिल है। सभी राज्य खुद पेंशन की राशि को बढ़ाते हैं। 2016 में पेंशन की राशि को 500 से 1000 रुपये प्रशासन ने खुद किया था लेकिन जब बजट में बढ़ी हुई राशि मांगी गई तो केंद्र ने पेंशन स्कीम की पूरी जानकारी मांग ली। ये भी पूछ लिया कि पेंशन बढ़ाने से पहले क्या मंजूरी ली गई थी। इस बीच सांसद किरण खेर में भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को पेंशन के संबंध में पत्र लिखा। मंत्रालय ने स्कीम की पूरी जानकारी मांग ली। इसके बाद से लगातार प्रशासन और केंद्र के बीच पत्राचार चल रहा है।
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चंडीगढ़ में 1990 की है पेंशन स्कीम
एमएचए पेंशन स्कीम से जुड़ी कोई जानकारी मांगता है, जब प्रशासन की तरफ से उसका जवाब भेजा जाता है तो कुछ और जानकारी मांग ली जाती है। कई स्तर की बैठक के बाद भी मामला नहीं सुलझा पाया इसलिए अब फैसला लिया गया है कि प्रशासन का समाज कल्याण विभाग पेंशन स्कीम 1990 की के सभी डॉक्यूमेंट तैयार करके केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेंगे और केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के साथ बैठक होगी।
अब 2024 में ही बढ़ेगी पेंशन
वर्ष 2016 के बाद से अब तक एक बार भी पेंशन नहीं बढ़ी है, जिसकी वजह से काफी खलबली मची हुई है। प्रशासन के स्तर पर भी बैठकें चल रही हैं। अगर पेंशन बढ़ाने की सभी अड़चनें दूर भी हो जाएंगी तो भी पेंशन 2024 में ही बढ़ेगी। पेंशन की राशि को 1000 रुपये से 2000 रुपये करने की कोशिश की जा रही है। बढ़े हुए पैसों की मांग प्रशासन वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में करेगा। संसद में पेश किए जाने वाले सालाना बजट में अगर अतिरिक्त पैसे मिलते हैं तो ही लोगों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा।
शहर में पेंशन की स्थिति
पेंशन वर्ग संख्या राशि (रुपये)
दिव्यांग 4650 1000 (0-69 फीसदी) और 2000 (70 फीसदी से ज्यादा)
विधवा 8592 1000 रुपये
वृद्धावस्था 12,192 1000 रुपये
पड़ोसी राज्यों में पेंशन
राज्य/यूटी - पेंशन राशि - पेंशन धारक
चंडीगढ़ - 1000 रुपये - 25.43 हजार
हरियाणा - 2750 रुपये - 17.85 लाख
पंजाब - 1500 रुपये - 29.29 लाख
हिमाचल प्रदेश - 1500 रुपये - 7.15 लाख
दिल्ली - 2000 रुपये - 4.5 लाख
पेंशन बढ़ाने का मुद्दा विभिन्न कारणों की वजह से फंसा हुआ है। मैंने विभाग को आदेश दिया है कि वह एमएचए के संयुक्त सचिव के साथ एक बैठक तय करें, जिसमें हम पेंशन स्कीम 1990 के पूरे दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखें, ताकि पेंशन बढ़ाने के रास्ते को साफ किया जा सके।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक