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मोहाली समेत पटियाला के 72 गांवों में पानी पहुंचने का रास्ता साफ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Jun 2016 05:38 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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हाईकोर्ट के एक आदेश से मोहाली समेत पटियाला के 72 गांवों में पानी पहुंचने का रास्ता साफ। दरअसल पंजाब में बिस्त-दोआब कनाल परियोजना को राहत देने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को घग्गर नदी से जुड़े बनूड़ कैनाल सिस्टम के लिए भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 19 मई के आदेश पर रोक लगा दी।
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इसके साथ ही बनूड़ कैनाल सिस्टम का काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। एनजीटी ने बीते 19 मई को जारी एक आदेश के तहत पूरे पंजाब में एनजीटी की अनुमति के बिना एक भी पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगा दिया था। एनजीटी के इस आदेश के कारण बिस्त-दोआब कैनाल के अलावा बनूड़ कैनाल सिस्टम का काम रुक गया था। उल्लेखनीय है कि बनूड़ कैनाल सिस्टम के जरिये मोहाली और पटियाला जिलों के 72 गांवों की 39,000 एकड़ जमीन तक पानी पहुंचाया जाना है।
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इस मामले को लेकर मोहाली और पटियाला के 13 लोगों ने जनहित याचिका के जरिये एनजीटी के 19 मई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ के समक्ष उपस्थित हुए एडवोकेट हरमिंदर सिंह और एडवोकेट अमन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बनूड़ कैनाल सिस्टम के जरिए पटियाला और मोहाली के 72 गांवों में पानी पहुंचाया जाना है। इसके लिए घग्गर नदी को पक्का किया जाना था।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2005 में सिंचाई विभाग ने इस सिस्टम के लिए योजना तैयार की थी और इससे जुड़ी सभी आवश्यक स्वीकृतियां भी हासिल कर ली थीं। इस सिस्टम के निर्माण के लिए नाबार्ड ने लोन को भी मंजूरी दे दी थी। वर्ष 2007 में इस सिस्टम के लिए काम शुरू हुआ लेकिन किन्ही कारणों से काम बीच में ही रोक दिया गया। पिछले साल नवंबर में फिर से काम शुरू हुआ था और एनजीटी का आदेश आने तक काम तेज गति से चल रहा था।
याचिका में कहा गया कि घग्गर नदी के किनारे खड़े पेड़ वन विभाग के अधीन नहीं हैं, इसलिए कैनाल सिस्टम के लिए इन्हें काटने की मंजूरी भी ली जा चुकी थी। याचिका में मांग की गई कि बनूड़ कैनाल सिस्टम के लिए एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई जाए। याचिका में यह भी कहा गया कि आगामी जुलाई माह में खरीफ की फसल की सिंचाई का समय होगा, लेकिन पेड़ों की कटाई पर रोक के चलते यह कैनाल सिस्टम पूरा नहीं हो पाने से खेतों में सिंचाई का काम नहीं हो सकेगा। इस पर हाईकोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर बनूड़ कैनाल सिस्टम के लिए रोक लगाते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, पंजाब के मुख्य वन संरक्षक, पंजाब सिंचाई विभाग और एनजीटी को 19 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है।