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फरीदकोट में कैदी की मौत, पठानकोट में बवाल

Fri, 12 Sep 2014 10:30 PM IST
अमर उजाला, पठानकोट
अमर उजाला, पठानकोट Updated Fri, 12 Sep 2014 10:30 PM IST
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Pathankot, prisoner, death, Faridkot, protest, family member, NH, jam
फरीदकोट केंद्रीय जेल में विचाराधीन कैदी पठानकोट के ट्रांसपोर्टर कुलजीत सिंह (30) पुत्र गुलजार सिंह की मौत पर पठानकोट में हंगामा शुरू हो गया है।
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शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर चार घंटे तक जाम लगाया। प्रदर्शनकारियों ने फरीदकोट पुलिस पर कुलजीत को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।

परिजनों को मृतक के सामान से सात सितंबर 2013 को लिखा गया एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें कुलजीत ने मौत के लिए फरीदकोट सीआईए के इंस्पेक्टर लखबीर सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। जाम की सूचना पर मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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जानकारी के अनुसार फरीदकोट पुलिस ने मई 2013 को चूरा पोस्त की तस्करी के आरोप में कुलजीत को गिरफ्तार किया था। तबसे वह फरीदकोट केंद्रीय जेल में बंद था। वीरवार को फरीदकोट में उसकी मौत हो गई।
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शुक्रवार सुबह परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कुलजीत सिंह की पत्नी संतोष कौर, मां चरण कौर, पिता गुलजार सिंह और भाई अमरजीत सिंह ने बताया कि कि कुलजीत के सामान से मिले सुसाइड नोट में उसने झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने बताया कि कुलजीत का 18 मई 2013 को अपनी इनोवा कार से लौट रहे फरीदकोट के सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर लखबीर सिंह से झगड़ा हो गया था। तब मामला हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया था।

उनका आरोप है कि बाद में इंस्पेक्टर लखबीर फोर्स के साथ उसे उठाकर गुरदासपुर में किसी कोठी में ले गया और यातनाएं दीं। पुलिस उसे छोड़ने के लिए दस लाख रुपये की मांग करती थी लेकिन उनके पास एक लाख रुपये ही था इसलिए उसे नहीं छोड़ा गया।

20 मई 2013 को फरीदकोट में चूरा पोस्त तस्करी का उस पर झूठा पर्चा दर्ज कर लिया गया। 16 माह तक कोई सुनवाई न होने पर उसका सारा ट्रांसपोर्ट का धंधा भी चौपट हो गया। किस्त जमा न होने पर वाहनों को बैंकों व फाइनेंस कंपनी ने जब्त कर लिया। हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया लेकिन उनके को इंसाफ नहीं मिला। आखिरकार कुलजीत की जान चली गई।

जाम की सूचना पाकर एसपी (डी) जसपाल सिंह, डीएसपी सिटी मनोज कुमार फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन उनकी एक नहीं चली। परिजन धरने पर डटे रहे।

उन्होंने इंस्पेक्टर लखबीर सिंह पर कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार को दोपहर एक बजे एसडीएम डा. अमित महाजन और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरने से उठाया।


इसके बाद यातायात बहाल हो पाया। एसपी जसपाल सिंह ने कहा कि उक्त मामला फरीदकोट से संबंधित है। वहां की पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी। एसडीएम अमित महाजन ने कहा कि मृतक के परिजनों को इंसाफ दिलाया जाएगा।

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