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बेमिसालः पत्नी ने लीवर डोनेट करके पति की जान बचाई, अब दोनों वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में खेलेंगे

Fri, 09 Aug 2019 10:09 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 09 Aug 2019 10:09 AM IST
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chandigarh couple will participate in world transplant games, wife donated liver to husband
ट्रांसप्लांट गेम्स में जाने वाला दंपति - फोटो : अमर उजाला
ऑर्गन डोनेशन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि ट्रांसप्लांट के बाद मरीज क्या कर सकता है और क्या नहीं? उनका जीवन कितना प्रभावित होता है? आगे की लाइफ कैसी होगी। किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे सभी सवालों का जवाब सेक्टर 41 निवासी प्रवीन कुमार रतन और उनकी पत्नी रूपा अरोड़ा ने दे दिया है। साल 2011 में प्रवीन का लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था। लिवर उनकी पत्नी ने दिया था।
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दोनों ही यूके में 17 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाले वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम में हिस्सा लेने जा रहे हैं। दावा है कि यह देश का पहला डोनर-रिसीपीएंट कपल है, जो ट्रांसप्लांट गेम्स में हिस्सा लेगा। उनके साथ 12 और लोग हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्से से हैं, लेकिन कपल एंट्री सिर्फ चंडीगढ़ से है। प्रवीन चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में सीनियर अकाउंट अफसर हैं, जबकि उनकी पत्नी रूपा अरोड़ा सेक्टर 38 बी स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में हिंदी टीचर हैं।
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दोनों का हौसला बताता है कि चुनौतियों को पार करना कोई उनसे सीखे। प्रवीन के मुताबिक उन्हें ज्वाइंडिस हो गया था। इससे उनका लिवर डैमेज हो गया। बात जब ट्रांसप्लांट की आई तो उनकी पत्नी आगे आईं और अपने लिवर का 65 फीसदी हिस्सा अपने पति को दे दिया। लिवर ट्रांसप्लांट के बाद प्रवीन को कई सारी दिक्कतें आईं। कई बार हास्पिटल में दाखिल होना पड़ा। सर्जरी के साथ स्टेंट डाले गए।
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रुक-रुक कर आती परेशानियों से परेशान प्रवीन ने फेसबुक के माध्यम उन लोगों के बारे में पढ़ना शुरू किया, जिन्होंने ट्रांसप्लांट के बाद अपनी नई जिंदगी शुरू की। इस दौरान उन्होंने फेसबुक के माध्यम से अमेरिका की केटे ग्रिग्स नामक उस महिला से संपर्क किया, जिन्होंने अपनी किडनी एक उस व्यक्ति को दी थी, जिसे वो नहीं जानती थी। बातचीत आगे बढ़ी तो प्रवीन का हौसला भी बढ़ा। उन्हें यकीन हो गया कि ट्रांसप्लांट के बाद जिंदगी है।

बातचीत होते-होते प्रवीन को ट्रांसप्लांट गेम्स के बारे में पता चला। साल 2017 में उन्होंने ट्रांसप्लांट गेम्स आफ अमेरिका में हिस्सा लिया। यह उनकी किसी गेम्स में पहली एंट्री थी। उसके बाद उन्होंने अपनी एसोसिएशन बनाई। उन्होंने फिर वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम में हिस्सा लेने का फैसला लिया। प्रवीन साइक्लिंग, डिस्कस थ्रो सहित पांच गेम्स में हिस्सा लेंगे, जबकि उनकी पत्नी डोनर के तौर पर तीन गेम्स 100 मीटर रन, लांग जंप व बाल थ्रो में हिस्सा लेंगी।

गेम्स में हिस्सा लेने के लिए लिया छह लाख का लोन
प्रवीन ने बताया कि गेम्स में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने छह लाख का लोन भी लिया है। उनका कहना है कि ट्रांसप्लांट के बाद उनका दूसरा जन्म हुआ है। वे अपनी और परिवार की जिंदगी की अहमियत जानते हैं। इसलिए वे अपनी पूरी जिंदगी पाजीटिव सोच के साथ जीना चाहते हैं। इसलिए वहां जाने के लिए वे पैसे का मोह नहीं देखना चाहते। उनके गेम्स का सपोर्ट करने के लिए उनके बच्चे भी जा रहे हैं। उनका एक बेटा और बेटी है, जो गेम्स में उनके साथ उनका हौसला अफजाई करेगा।
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