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प्रेम विवाह से नाराज थे घरवाले, युवती को दी थी खौफनाक सजा, माता-पिता और भाई को हुई आजीवन कारावास

Thu, 28 Mar 2019 10:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Mar 2019 10:46 AM IST
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Parents and brother life imprisonment in honour killings case at Rohtak
सांकेतिक तस्वीर

प्रेम विवाह से नाराज होकर बेटी का गला घोंट कर हत्या करने और शव जलाने के मामले में अदालत ने माता-पिता व भाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु वाईके बहल की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मूलरूप से जींद और मौजूदा अमृत कॉलोनी रोहतक के रिंकू, उसके पिता खुशीराम व मां अंग्रेजो को हत्या के लिए उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। शव को खुर्द-बुर्द करने के मामले में इन्हें पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत में दर्ज केस के मुताबिक, हरि सिंह कॉलोनी वार्ड नंबर 19 निवासी प्रदीप कुमार ने पांच जनवरी 2017 को पुलिस में शिकायत दी थी। 

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Parents and brother life imprisonment in honour killings case at Rohtak
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

इसमें कहा गया कि उसका व पड़ोस की सीमा के बीच करीब चार महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने 21 दिसंबर 2016 को कोर्ट में शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने तय किया कि माता-पिता व घरवालों की रजामंदी से साथ रहेंगे और अपने-अपने घर चले गए। प्रदीप पांच जनवरी को अपने चचेरे भाई पंकज के साथ मेरठ जा रहा था। 

इसी दौरान उसने सीमा को फोन मिलाया। फोन उसके पिता खुशीराम ने उठाया। पंकज ने उससे बात की तो उसने सीमा की मौत के बारे में बताया। इसके बाद दोनों वापस आए। घर पर कोई नहीं मिला तो श्मशान घाट पहुंचे। यहां परिजनों द्वारा उसका शव जलाया जा रहा था। प्रदीप ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस टीम हत्या की सूचना पर श्मशान घाट पहुंची। यहां जलती चिता को बुझाकर अधजला शव निकालकर जांच के लिए लैब भेजा गया। 

एफएसएल की जांच बनी मददगार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल प्रभारी डॉ. सरोज दहिया को भी मौके पर बुलाया। एफएसएल टीम ने घर व शमशान घाट से साक्ष्य बरामद किए। इसमें गला घोंटने में इस्तेमाल शॉल भी शामिल शामिल है। यही तथ्य केस को अंजाम तक पहुंचाने में अहम साबित हुए।

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