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पेपर स्प्रे का अनोखा प्रयोग करेगा जेल प्रशासन
सुशील राज/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 30 Oct 2013 01:25 PM IST
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बुडै़ल जेल में कैदियों के बीच होने वाली हिंसक मारपीट को रोकने के लिए जेल प्रशासन अब डंडे और बल का प्रयोग नहीं करेगा।
मारपीट की वारदातों को रोकने के लिए जेल प्रशासन अब पेपर स्प्रे का प्रयोग करेगा।
इसके डालने से आंखों में जलन होती है, जिसकी आंख में यह स्प्रे पड़ेगा उसको आधा घंटा नॉरमल होने में लगेगा। जेल में ड्यूटी पर तैनात सभी जेल वार्डन को पेपर स्प्रे जारी होगा।
स्थिति को देखते हुए जेल वार्डन इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
चंडीगढ़ पुलिस से लिया सबक
प्रेपर स्प्रे का सफल प्रयोग चंडीगढ़ पुलिस कर चुकी है। इसके बाद जेल प्रशासन ने आए दिन कैदियों के बीच होने वाली झड़पों से निपटने के लिए प्रेपर स्प्रे का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। जिससे बिना बल प्रयोग किए ही वारदात के दौरान कैदियों को रोका जा सकेगा।
जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम
जेल प्रशासन अपने वार्डनों की सुरक्षा के लिए खासे इंतजाम कर रहा है। जेल वार्डन के लिए जेल प्रशासन हेलमेट, सेफ गार्ड और प्लास्टिक के डंडे खरीद रही है। अगर जेल वार्डनों को डंडे चलाने की जरूरत पड़ भी जाए तो कैदियों को प्लास्टिक के डंडे से चोट न लग सके।
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पेपर स्प्रे से आंखों में होती है जलन
पेपर स्प्रे का इंस्तेमाल आंखों पर किया जाता है। कैदी की आंखें में स्प्रे लगते ही जलन महसूस होती और कुछ समय के लिए दिखाई देना बंद हो जाता है। करीब आंधे घंटे के बाद आदमी नार्मल होता है। पेपर स्प्रे के बाद जेल वार्डन तुरंत कैदी को काबू में कर सकेंगे।
750 कैदी बंद हैं बुडै़ल जेल में
आपराधिक वारदात में पकड़े गए लोगों को बुडै़ल जेल में बंद किया जाता है। बुडै़ल जेल में करीब 750 कैदी बंद है। खूंखार कैदियों पर काबू पाने के लिए जेल वार्डन को मशक्कत करनी पड़ती है।
आईजी-जेल मनीष चौधरी ने बताया कि जेल में मारपीट के दौरान पुलिस को बीचबचाव करने के समय डंडे का इस्तेमाल करने पड़ा था। अब कैदियों की सेफ्टी को देखते हुए अब पेपर स्प्रे खरीदे जा रहे हैं। इसका इस्तेमाल जेल वार्डन मारपीट की वारदात के दौरान कर सकेंगे।
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मारपीट की वारदातों को रोकने के लिए जेल प्रशासन अब पेपर स्प्रे का प्रयोग करेगा।
इसके डालने से आंखों में जलन होती है, जिसकी आंख में यह स्प्रे पड़ेगा उसको आधा घंटा नॉरमल होने में लगेगा। जेल में ड्यूटी पर तैनात सभी जेल वार्डन को पेपर स्प्रे जारी होगा।
स्थिति को देखते हुए जेल वार्डन इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
चंडीगढ़ पुलिस से लिया सबक
प्रेपर स्प्रे का सफल प्रयोग चंडीगढ़ पुलिस कर चुकी है। इसके बाद जेल प्रशासन ने आए दिन कैदियों के बीच होने वाली झड़पों से निपटने के लिए प्रेपर स्प्रे का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। जिससे बिना बल प्रयोग किए ही वारदात के दौरान कैदियों को रोका जा सकेगा।
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जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम
जेल प्रशासन अपने वार्डनों की सुरक्षा के लिए खासे इंतजाम कर रहा है। जेल वार्डन के लिए जेल प्रशासन हेलमेट, सेफ गार्ड और प्लास्टिक के डंडे खरीद रही है। अगर जेल वार्डनों को डंडे चलाने की जरूरत पड़ भी जाए तो कैदियों को प्लास्टिक के डंडे से चोट न लग सके।
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पेपर स्प्रे से आंखों में होती है जलन
पेपर स्प्रे का इंस्तेमाल आंखों पर किया जाता है। कैदी की आंखें में स्प्रे लगते ही जलन महसूस होती और कुछ समय के लिए दिखाई देना बंद हो जाता है। करीब आंधे घंटे के बाद आदमी नार्मल होता है। पेपर स्प्रे के बाद जेल वार्डन तुरंत कैदी को काबू में कर सकेंगे।
750 कैदी बंद हैं बुडै़ल जेल में
आपराधिक वारदात में पकड़े गए लोगों को बुडै़ल जेल में बंद किया जाता है। बुडै़ल जेल में करीब 750 कैदी बंद है। खूंखार कैदियों पर काबू पाने के लिए जेल वार्डन को मशक्कत करनी पड़ती है।
आईजी-जेल मनीष चौधरी ने बताया कि जेल में मारपीट के दौरान पुलिस को बीचबचाव करने के समय डंडे का इस्तेमाल करने पड़ा था। अब कैदियों की सेफ्टी को देखते हुए अब पेपर स्प्रे खरीदे जा रहे हैं। इसका इस्तेमाल जेल वार्डन मारपीट की वारदात के दौरान कर सकेंगे।
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