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Chandigarh: पीयू की छात्राओं को यौन शोषण रोकथाम के लिए बनी समिति की जानकारी नहीं, छेड़छाड़ हो जाए तो...
Tue, 09 Jan 2024 03:58 PM IST
निवेदिता वर्मा
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 09 Jan 2024 03:58 PM IST
सार
पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्राओं को पंजाब यूनिवर्सिटी कमेटी अगेंस्ट सेक्शुअल हरासमेंट एट वर्कप्लेस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पीयू-कैश के सदस्यों के नंबर, ईमेल आईडी के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगर छेड़छाड़ हो जाए तो छात्राएं सोशल मीडिया या विद्यार्थी संगठनों के पास जाने की ही बात करती हैं।
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PU
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में किसी छात्रा के साथ छेड़छाड़ हो जाए तो वह सोशल मीडिया या विद्यार्थी संगठन पर निर्भर है। उन्हें यौन शोषण की रोकथाम और निवारण के लिए बनाई समिति पीयू-कैश की कोई जानकारी नहीं है।
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अमर उजाला ने पड़ताल कर यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों की छात्राओं से पूछा कि छेड़छाड़ या यौन शोषण का मामला होने पर वह किसे शिकायत देंगे। इस पर किसी ने सोशल मीडिया का सहारा लेने की बात कही तो किसी ने अपने दोस्त का विद्यार्थी संगठन में होने से उसकी मदद लेने के लिए कहा।
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उनसे जब पंजाब यूनिवर्सिटी कमेटी अगेंस्ट सेक्शुअल हरासमेंट एट वर्कप्लेस के बारे में पूछा तो उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं। पीयू-कैश के सदस्यों के नंबर, ईमेल आईडी के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। पीयू-कैश ने स्टूडेंट सेंटर, हॉस्टल आदि विभिन्न जगहों पर अपने बोर्ड लगाए हैं लेकिन विद्यार्थियों तक उनकी पहुंच नहीं बन पाई है।
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सत्र 2023-24 के पहले सेमेस्टर में पीयू-कैश ने दो सत्र आयोजित किए जहां छात्राओं को समिति के बारे में जानकारी दी गई। छह महीने के सेमेस्टर में हुए दो सत्र दो विभागों तक सीमित रहे।
छेड़छाड़ होने पर किसे संपर्क करेंगे, क्या पीयू-कैश के बारे में उन्हें पता है और क्या कैंपस में इस तरह के मामले होते हैं पर छात्राओं ने ये जवाब दिए -
1. स्टूडेंट सेंटर में गेड़ी कल्चर है जिसकी वजह से गाड़ी का फॉलो करना, गाने बजाना आम बात हो गई है। इसके लिए सुरक्षाकर्मी को संपर्क कर सकते हैं। यौन शोषण के लिए शायद कोई समिति है लेकिन उनके नाम हेल्पलाइन नंबर, ईमेल आईडी के बारे में कोई जानकारी नहीं। पहले एक छात्र संगठन में होने के समय छात्राएं छेड़छाड़, पीछा करने जैसी समस्याएं साझा करती थीं। - भवनजोत कौर, दर्शनशास्त्र विभाग, पीयू
2. छेड़छाड़ होने पर सोशल मीडिया पर पीयू के बने पेज से मदद ले सकते हैं और छात्रसंघ अध्यक्ष को भी शिकायत दे सकते हैं। हॉस्टल जाते समय कई बार कुछ गाड़ियां पीछा करती हैं लेकिन इसकी शिकायत के लिए कोई निश्चित समिति की जानकारी नहीं है। - छात्रा, यूआईसीईटी
3. इस तरह की घटना होने पर अपने दोस्त से मदद लूंगी जो छात्रसंघ का सदस्य रह चुका है। पहले कॉलेज में गाड़ियों पीछा करती थीं और अब पीयू में भी यही कल्चर है। स्टॉकिंग सिर्फ कैंपस तक नहीं, ऑनलाइन भी लड़के अपरोच करते हैं। इसके लिए बनी समिति के बारे में नहीं पता न ही कभी ओरिएंटेशन सत्र में हमें इसके बारे में कभी बताया गया।- छात्रा यूबीएस, पीयू
4. हॉस्टल से आते-जाते समय हमें कोई सीधा कमेंट नहीं करता लेकिन जोर-जोर से आपत्तिजनक गाने लगाकर, गाड़ी धीमा चला कर परेशान जरूर करते हैं। छेड़छाड़ होने पर सुरक्षाकर्मी से मदद ले सकते हैं अगर वह आस-पास हों तो। पुलिस का नंबर सबको याद है लेकिन शायद ही कभी हमने यौन शोषण के खिलाफ बनी किसी समिति के बारे में सुना हो, उनसे मदद लेना या बात पहुंचाना तो दूर की बात है। - छात्रा, मनोविज्ञान विभाग, पीयू
कैंपस में विभिन्न जगहों पर पीयू-कैश के बोर्ड लगाए गए हैं। एक अप्रैल 2023 में जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी विभागों में नोटिस बोर्ड पर पीयू-कैश की जानकारी लगाने के लिए कहा। इस सेमेस्टर में भी जागरुकता के लिए सत्र आयोजित करेंगे। - प्रो. मधुरिमा वर्मा, पीयू-कैश अध्यक्ष
किसी भी तरह की छेड़छाड़, यौन शोषण होने पर पीयू छात्राएं पीयू-कैश की समिति को संपर्क कर सकती हैं। वह चाहें तो गुमनाम रह कर भी शिकायत दर्ज कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर समिति के इन सदस्यों को करें संपर्क -
नाम पद नंबर
प्रो. मधुरिमा अध्यक्ष 9815200764
प्रो. रजत सदस्य 8427777856
प्रो. नरेश सदस्य 9216392982
प्रो. हरजीत सदस्य 9041014879
प्रो. मोनिका सदस्य 9417781428
प्रो. कुलदीप सदस्य 9814546018
सुरजीत सदस्य 7837570022
कोमल सदस्य 9815960362
सविता सदस्य 9417005633
शुबप्रीत सदस्य 8427626440
डॉ. बबीता सदस्य व कनवीनर 7973912534
मीनाक्षी सदस्य 9855088872