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पीयू के दो प्रोफेसर को 1 करोड़ 21 लाख का प्रोजेक्ट, पानी और ऊर्जा पर करेंगे शोध
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:56 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़।
- फोटो : डेमो फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसर्स को पानी और ऊर्जा पर शोध के लिए 1 करोड़ 21 लाख का शोध प्रोजेक्ट मिला है। प्रोजेक्ट के तहत नैनो टेक्नोलॉजी से साफ पानी की उपलब्धता तथा रासायनिक ऊर्जा सरंक्षण पर अमेरिका और पंजाब यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट साथ काम करेंगे। पीयू को साइंस विभाग में पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रोजेक्ट मिला है।
सोमवार को मिली चिट्ठी के अनुसार अगले तीन साल तक पीयू और अमेरिका के साइंटिस्ट मिलकर इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाएंगे। पीयू के केमिस्ट्री विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर गंगा राम चौधरी और डिपार्टमेंट ऑफ इन्वायरमेंट साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राजीव कुमार को एमएचआरडी की ओर से इंडो-यूएस-21 सेंचुरी नॉलेज इनीशिएटिव ग्रांट के तहत 1 करोड़ 21 लाख 28 हजार की राशि मिलगी।
पानी और ऊर्जा पर करेंगे शोध
प्रो.गंगा राम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका और पीयू मिलकर पानी और ऊर्जा के बेहतर प्रयोग और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को लेकर शोध करेंगे। प्रोजेक्ट के तहत पीयू के दोनों प्रोफेसर को करीब 41 लाख की ग्रांट पहले चरण में जारी हो चुकी है। हर साल दो माह के लिए दोनों देशों के शोधकर्ताओं को एक-दूसरे के साथ शोध करने के लिए भारत और अमेरिका आना-जाना होगा।
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प्रो.राम ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत स्टूडेंट्स के लिए ग्रीन केमिस्ट्री पर ग्रेजुएट स्तर का कोर्स भी डवलप किया जाएगा। जिसे भविष्य में सिलेबस में भी शामिल किया जाएगा। इंडो-यूएस प्रोग्राम के तहत पीयू के अलावा कर्नाटका और श्रीनगर यूनिवर्सिटी को भी चुना गया है।
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सोमवार को मिली चिट्ठी के अनुसार अगले तीन साल तक पीयू और अमेरिका के साइंटिस्ट मिलकर इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाएंगे। पीयू के केमिस्ट्री विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर गंगा राम चौधरी और डिपार्टमेंट ऑफ इन्वायरमेंट साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राजीव कुमार को एमएचआरडी की ओर से इंडो-यूएस-21 सेंचुरी नॉलेज इनीशिएटिव ग्रांट के तहत 1 करोड़ 21 लाख 28 हजार की राशि मिलगी।
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पानी और ऊर्जा पर करेंगे शोध
प्रो.गंगा राम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका और पीयू मिलकर पानी और ऊर्जा के बेहतर प्रयोग और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को लेकर शोध करेंगे। प्रोजेक्ट के तहत पीयू के दोनों प्रोफेसर को करीब 41 लाख की ग्रांट पहले चरण में जारी हो चुकी है। हर साल दो माह के लिए दोनों देशों के शोधकर्ताओं को एक-दूसरे के साथ शोध करने के लिए भारत और अमेरिका आना-जाना होगा।
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प्रो.राम ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत स्टूडेंट्स के लिए ग्रीन केमिस्ट्री पर ग्रेजुएट स्तर का कोर्स भी डवलप किया जाएगा। जिसे भविष्य में सिलेबस में भी शामिल किया जाएगा। इंडो-यूएस प्रोग्राम के तहत पीयू के अलावा कर्नाटका और श्रीनगर यूनिवर्सिटी को भी चुना गया है।