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बिना दहेज, बिना घूंघट के बहू लाने वाले परिवार को इनाम देगी पंचायत

Fri, 30 Sep 2016 09:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा/डबवाली(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा/डबवाली(हरियाणा) Updated Fri, 30 Sep 2016 09:58 PM IST
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panchyat will give rewad to family, who will bring daughter-in-law without dowry
हांसी में गुर्जर समुदाय की महापंचायत - फोटो : अमर उजाला
महज 1035 की आबादी वाले हरियाणा के एक छोटे से गांव दीवानखेड़ा की पंचायत ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़े फैसले लिए हैं। सबसे खास है कि अगर कोई ग्रामीण बहू को बेटी बनाकर, बिना दहेज व बिना घूंघट के लाएगा उसको ग्राम पंचायत 11 हजार रुपये देकर सम्मानित करेगी। वीरवार को गांव के सरकारी स्कूल में ग्राम सभा हुई। जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ।
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इस मौके पर एसडीएम संगीता तेत्रवाल, तहसीलदार नौरंग दास, बीडीपीओ वेदपाल सहित, बिजली निगम के एसडीई मोहन लाल, ग्राम सचिव सुभाष सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद थे। सरपंच सुबेग सिंह ढिल्लों ने पंचायत की ओर से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते प्रस्ताव पारित किए।
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बेटी बचाने के लिए कोख में कत्ल करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने जैसा कड़ा प्रस्ताव पारित किया तो बेटी पढ़ाने में असमर्थ परिजनों की सहायता का वचन दिया। इसके साथ ही खिलाड़ियों की पौध तैयार करने, स्वच्छता, पर्यावरण बचाने के लिए भी प्रस्ताव पारित हुए।
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लावारिस गायों के लिए अभियान चलाएगी पंचायत

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जाट आरक्षण को लेकर सोनीपत में महापंचायत - फोटो : amar ujala
यहीं नहीं आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए भी पंचायत ने कदम बढ़ाया है। पंचायत लावारिस गाय को संभालने वाले की हरसंभव मदद करेगी। घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाने के लिए पंचायत ने तरकीब निकाली है। घर या गांव में झगड़ा न करने वाले लोगों को पंचायत अपने स्तर पर ही स्वतंत्रता तथा गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करेगी।

बेशक पंचायत की इनकम कम है। जो प्रस्ताव पारित किए हैं, उनकी पूर्ति के लिए अगर मुझे जेब से खर्च करना पड़ा, तो पीछे नहीं हटूंगा।
- सुबेग सिंह ढिल्लो, सरपंच, गांव दीवानखेड़ा

बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण, खिलाड़ियों के लिए पंचायत ने जो प्रस्ताव पारित किए हैं, वे काबिले तारीफ हैं।  सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अन्य पंचायतों को ऐसे प्रस्तावों का अनुसरण करना चाहिए।
-संगीता तेत्रवाल, एसडीएम, डबवाली
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