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हाऊस की मीटिंग आज, गरमाएगा नगर निगम के अस्तित्व का मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 14 Dec 2017 09:23 AM IST
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Panchkula municipal corporation
- फोटो : File Photo
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तापमान में भले ही लगातार गिरावट दर्ज हो रही हो, लेकिन वीरवार को नगर निगम का मुद्दा गरमाया रहेगा। पंचकूला नगर निगम से कालका-पिंजौर को अलग करने सहित विकास संबंधी तमाम पहलुओं पर हाउस मीटिंग में चर्चा होगी। निगम के गठन के बाद से अब तक की यह सबसे अहम बैठक इसलिए होगी, क्योंकि एक तरफ निगम के अस्तित्व पर उठ रहे सवाल के जवाब दिए जाएंगे। दूसरी दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी, स्वच्छता अभियान में आगे बने रहने और ट्राईसिटी का हिस्सा होने के कारण नगर निगम को मौजूदा स्थिति से किसी तरह की छेड़छाड़ के लिए पार्षद भी सहमत नहीं हैं।
इस मामले में स्थानीय शहरी निकाय ने 15 दिनों में रिपोर्ट मांग ली है। इसके लिए एक कमेटी भी गठित कर दी गई, जिसकी दो बैठकें हो चुकी हैं। अधिकतर पार्षदों की राय में नगर निगम को न तो भंग किया जाना चाहिए और न ही पिंजौर-कालका को अलग। हाउस की मीटिंग में नगर निगम के अस्तित्व से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा होगी। इस दौरान शहर के विकास के लिए जरूरी मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी, ताकि किसी भी सूरत में नगर निगम को और सुदृढ़ बनाया जा सके।
अधिकतर सदस्य हैं निगम के पक्ष में:
पंचकूला नगर निगम का गठन जून 2013 को किया गया था। निगम के क्षेत्र को 20 वार्डों में बांटा गया। निगम के 20 पार्षदों के अलावा पंचकूला और कालका के विधायकों सहित अम्बाला के सांसद भी नगर निगम के सदस्य हैं। सवाल यह उठता है कि इनमें से एक सदस्य ने निगम से कालका-पिंजौर को अलग करने की मांग की जबकि करीब 16-17 सदस्यों ने मौजूदा स्वरूप में किसी भी तरह का बदलाव मंजूर नहीं है।
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इस मामले में स्थानीय शहरी निकाय ने 15 दिनों में रिपोर्ट मांग ली है। इसके लिए एक कमेटी भी गठित कर दी गई, जिसकी दो बैठकें हो चुकी हैं। अधिकतर पार्षदों की राय में नगर निगम को न तो भंग किया जाना चाहिए और न ही पिंजौर-कालका को अलग। हाउस की मीटिंग में नगर निगम के अस्तित्व से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा होगी। इस दौरान शहर के विकास के लिए जरूरी मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी, ताकि किसी भी सूरत में नगर निगम को और सुदृढ़ बनाया जा सके।
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अधिकतर सदस्य हैं निगम के पक्ष में:
पंचकूला नगर निगम का गठन जून 2013 को किया गया था। निगम के क्षेत्र को 20 वार्डों में बांटा गया। निगम के 20 पार्षदों के अलावा पंचकूला और कालका के विधायकों सहित अम्बाला के सांसद भी नगर निगम के सदस्य हैं। सवाल यह उठता है कि इनमें से एक सदस्य ने निगम से कालका-पिंजौर को अलग करने की मांग की जबकि करीब 16-17 सदस्यों ने मौजूदा स्वरूप में किसी भी तरह का बदलाव मंजूर नहीं है।
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Panchkula Mayor Upinder Kaur Ahluwalia
- फोटो : File Photo
मंत्री कविता जैन के समक्ष भी उठेगा निगम का मुद्दा
कालका की विधायक लतिका शर्मा ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर कालका-पिंजौर को पंचकूला नगर निगम से अलग करने की मांग की थी। इसके बाद अम्बाला के मंडलायुक्त ने इस मामले में विचार-विमर्श के लिए एक कमेटी गठित कर, 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा।
वीरवार को ग्रीवेंस कमेटी की होने वाली बैठक की अध्यक्षता स्थानीय शहरी निकाय मंत्री कविता जैन करेंगी। माना जा रहा है कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद भी इस मामले में उनसे विचार-विमर्श किया जाएगा। तमाम पहलुओं पर गौर करने के बाद नगर निगम के अस्तित्व पर फैसला होगा। सदस्यों की राय में पंचकूला को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले, इसके लिए नगर निगम का होना जरूरी है।
सीएम को भेजी जाएगी आम लोगों की राय
भाजपा के जिलाध्यक्ष की ओर से 12 सदस्यीय कमेटी के सदस्येां की समीक्षा बैठक बुलाई गई। पांच दिसंबर को इस कमेटी का गठन नगर निगम को लेकर जनता की राय जानने को लेकर किया गया था। बैठक में हरेंद्र मलिक, बीबी सिंगल, संजीव कौशल, विनय पांडे, देवेंद्र धवन, सीबी गोयल मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि कमेटी के सदस्य दोनों विधानसभाओं में सेक्टरों एवं गांवों में संपर्क कर रहे हैं। इसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है।
पिंजौर के करीब 25-30 पूर्व सरपंचों एवं नंबरदारों ने लिखित राय कमेटी को दे दी है जबकि सैकड़ों की संख्या में लिखित सुझाव भी आ रहे हैं। इसके अलावा वाट्स एप, ई-मेल सहित अन्य संचार माध्यमों के जरिये भी कमेटी को मिल रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा, ताकि इलाके का बराबरी से विकास हो और कोई क्षेत्र भी पिछड़ा न रहे।
कालका की विधायक लतिका शर्मा ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर कालका-पिंजौर को पंचकूला नगर निगम से अलग करने की मांग की थी। इसके बाद अम्बाला के मंडलायुक्त ने इस मामले में विचार-विमर्श के लिए एक कमेटी गठित कर, 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा।
वीरवार को ग्रीवेंस कमेटी की होने वाली बैठक की अध्यक्षता स्थानीय शहरी निकाय मंत्री कविता जैन करेंगी। माना जा रहा है कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद भी इस मामले में उनसे विचार-विमर्श किया जाएगा। तमाम पहलुओं पर गौर करने के बाद नगर निगम के अस्तित्व पर फैसला होगा। सदस्यों की राय में पंचकूला को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले, इसके लिए नगर निगम का होना जरूरी है।
सीएम को भेजी जाएगी आम लोगों की राय
भाजपा के जिलाध्यक्ष की ओर से 12 सदस्यीय कमेटी के सदस्येां की समीक्षा बैठक बुलाई गई। पांच दिसंबर को इस कमेटी का गठन नगर निगम को लेकर जनता की राय जानने को लेकर किया गया था। बैठक में हरेंद्र मलिक, बीबी सिंगल, संजीव कौशल, विनय पांडे, देवेंद्र धवन, सीबी गोयल मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि कमेटी के सदस्य दोनों विधानसभाओं में सेक्टरों एवं गांवों में संपर्क कर रहे हैं। इसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है।
पिंजौर के करीब 25-30 पूर्व सरपंचों एवं नंबरदारों ने लिखित राय कमेटी को दे दी है जबकि सैकड़ों की संख्या में लिखित सुझाव भी आ रहे हैं। इसके अलावा वाट्स एप, ई-मेल सहित अन्य संचार माध्यमों के जरिये भी कमेटी को मिल रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा, ताकि इलाके का बराबरी से विकास हो और कोई क्षेत्र भी पिछड़ा न रहे।